काश! मिशेल को पता होती सऊदी अरब के बारे में ये 10 बातें

रियाद। फर्स्‍ट लेडी मिशेल ओबामा सऊदी अरब क्‍या गईं हंगामा मच गया। सिर्फ इस बात पर कि उन्‍होंने अपना सिर क्‍यों नहीं ढका। वहीं खुद मिशेल का मूड भी इस बात को लेकर खराब हो गया कि अगर पुरुष और सऊदी अरब के नए सुल्‍तान उनके पति और अमेरिका के राष्‍ट्रपति बराक ओबामा से हाथ मिला सकते हैं तो फिर उनके साथ हैंडशेक करने में क्‍या समस्‍या है। लेकिन मिशेल को इस बात का इल्‍म नहीं था कि सऊदी अरब के कानून वहां के पुरुषों को इस बात की इजाजत नहीं देते कि वे उनके साथ हैंडशेक करें।

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आइए आज जानिए उन 10 बातों के बारे में जिन्‍हें आप हमेशा अपने दिमाग में रखें ताकि मिशेल की तरह आपको सऊदी में कभी शर्मनाक या 'खतरनाक' स्थिति का सामना न करना पड़े।

आप महिला हैं, कार लेकर कैसे जा सकती हैं

सऊदी अरब में माना जाता है कि जो महिला ड्राइविंग करती है, वह सोशल वैल्‍यूज को रिस्‍पेक्‍ट नहीं दे सकती है। इसलिए यह अकेला ऐसा देश है जहां पर महिलाओं के ड्राइविंग करने पर पाबंदी है।

बैंक अकाउंट खोलना है, अपने पति से पूछा?

सऊदी अरब शायद दुनिया का वह देश है जहां पर महिलाओं को बैंक अकाउंट तक खोलने के लिए अपने पति से इजाजत लेनी पड़ती है। अगर वह अपने पति से इजाजत नहीं लेती तो फिर उन्‍हें इसकी मंजूरी ही नहीं मिलेगी। सऊदी अरब में लोग मानते हैं कि अगर महिलाओं के पास ज्‍यादा पैसा होगा तो वह अपराध की ओर बढ़ जाएंगी।

कहीं घूमने जाना है, घर के किसी पुरुष को साथ ले लो

मिशेल को तो शायद यह बात भी नहीं मालूम कि उनकी तरह सऊदी अरब की महिलाएं इतनी खुशकिस्‍मत नहीं हैं कि वे अकेले बाहर घूमने जा सकें। घूमने अगर जाना है तो फिर उन्‍हें अपने साथ एक पुरुष रिश्‍तेदार को लेना होगा। अगर वे अकेले घूमने गईं तो उन्‍हें बदचलन महिला होने का टाइटल मिल जाता है। इतना ही नहीं अकेले घूमने पर उन्‍हें पुलिस हिरासत में ले लेती है।

क्‍या जिम जाना है, खेलकूद में भाग लेना है!

सऊदी अरब में कुछ वर्षों तक महिलाओं के लिए प्राइवेट जिम की मंजूरी थी लेकिन धर्म के ठेकेदारों ने उस पर बैन लगा दिया। लड़कियों के लिए स्‍कूल और कॉलेज हैं लेकिन वहां पर कोई भी जिम या फिर स्‍पोर्ट्स टीम नहीं है।

सॉरी मैम, आप वोट नहीं डाल सकतीं!

सऊदी अरब दुनिया का अकेला ऐसा देश है जहां पर महिलाओं को वोट डालने तक का अधिकार नहीं है। कई बार महिलाओं ने दबी जुबान से इसका विरोध किया है लेकिन उन्‍हें नजरअंदाज कर दिया गया है।

आउटफिट्स का नो ट्रायल

सऊदी अरब में महिलाएं शॉपिंग करते समय दूसरे आउटफिट्स का ट्रायल नहीं ले सकती हैं। वहां पर कट्टरपंथियों का मानना है कि ऐसा करना महिलाओं का शोभा नहीं देता है क्‍योंकि इससे पुरुषों की भावनाएं भड़क सकती हैं।

नो म्‍यूजिक क्‍लासेज

सऊदी अरब में म्‍यूजिक को एक लीगल स्‍टेटस दिया गया है। यानी जहां दुनिया के बाकी देश संगीत का आनंद उठाते हैं, यहां पर इसे कानूनी श्रेणी में रखकर इसे आंका जाता है। लेकिन वहीं इस देश में इस बात पर भी सख्‍त पाबंदी है कि किसी को भी म्‍यूजिक सिखाने के लिए म्‍यूजिक क्‍लासेज नहीं होंगी।

मूवी थियेटर्स बैन

सऊदी अरब में मूवी थियेटर्स तक बैन हैं और सिर्फ प्राइवेट कंपनियों के कंपाउंड में ही उन्‍हें खोलने की इजाजत दी गई है। वहां पर ऐसा मानना है कि अगर थियेटर्स होंगे तो लड़का-लड़की आपस में मिलेंगे जिससे समाज में गंदी बातों को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही इससे एक्‍स्‍ट्रा मैरिटल अफेयर्स को भी नियंत्रित किया जा सकेगा।

अकेले पुरुष को मॉल में नो एंट्री

सऊदी अरब पुरुषों को मॉल में सिर्फ अपने परिवार के साथ ही अंदर जाने की इजाजत मिलेगी। अगर ऐसा नहीं है तो फिर मॉल के बाहर मौजूद सिक्‍योरिटी उन्‍हें पकड़ लेगी। अगर उनके साथ कोई महिला नहीं है तो वे अंदर नहीं जा पाएंगे।

14 फरवरी को रेड मतलब डेंजर

14 फरवरी यानी वैलेंटाइन डे के मौके पर अगर आपने लाल रंग का कोई कपड़ा पहन लिया या फिर अपनी गिफ्ट या फ्लॉवर शॉप में रेड को प्रयॉरिटी दी तो फिर आपके खिलाफ कानूनी कार्रवाई हो सकती है।

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