रूस से लड़ने के लिए हमे अकेला छोड़ दिया गया: यूक्रेन
कीव, 25 फरवरी। यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमर जेलेंस्की ने रुस के हमले के बाद दुनियाभर के देशों के रवैये को लेकर निराशा जाहिर की है। उन्होंने कहा कि रूस से लड़ने के लिए हमे अकेला छोड़ दिया गया है। एक तरफ जहां जेलेंस्की दूनियाभर के देशों से रूसी हमले के खिलाफ मदद की गुहार लगा रहे हैं तो दूसरी तरफ यूरोपीय देश और अमेरिका रूस के खिलाफ पाबंदी लगाने की बात कर रहे हैं, किसी भी देश ने अभी तक सैन्य मदद के लिए हाथ नहीं बढ़ाया है। अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने कहा कि हम रूस पर और पाबंदी लगाने की तैयारी कर रहे हैं।

बता दें कि गुरुवार को रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन में सैन्य ऑपरेशन का ऐलान किया था, जिसके बाद रूसी सेना ने यूक्रेन पर धावा बोल दिया। अभी तक इस हमले में 137 लोगों के मारे जाने की खबर है। रूस ने यूक्रेन में चेर्नोबिल में स्थित न्यूक्लियर साइट पर नियंत्रण हासिल कर लिया। रूस के हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कहा था कि एक नई लोहे की दीवार खड़ा हो रही है, मेरी जिम्मेदारी है कि मेरा देश पश्चिम की तरफ रहे। उन्होंने कहा कि रूसी हमले में 137 यूक्रेन के नागरिकों की मौत हो गई है, जिसमे सैनिक और आम नागरिक दोनों शामिल हैं।
रूसी हमले के बाद पश्चिमी देशों ने रूस पर कई प्रतिबंध लगाए हैं। रूस के बैंकों पर प्रतिबंध लगाए गए हैं। अमेरिका ने रूस के साथ हाई-टेक निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया है, लेकिन नाटो देशों ने यूक्रेन के भीतर सेना नहीं भेजी। अमेरिका ने नाटो के तहत 7000 अतिरिक्त सैनिकों को यूरोप भेजा है। इस पूरे युद्ध में अभी तक एक लाख लोग अपने घर से बेघर हो चुके हैं। युनाइटेड नेसंश का दावा है कि बार्डर पर पोलैंड, हंगरी, मोलडोवा में विस्थापित परिवार शरण लेने के लिए पहुंच रहे हैं।












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