UK ने खालिस्तानियों से लड़ने के लिए की नये फंड की घोषणा, ऋषि सुनक सरकार का बड़ा फैसला
UK Against Khalistan: खालिस्तानियों पर मोदी सरकार की सख्ती रंग ला रही है और ब्रिटेन की ऋषि सुनक सरकार ने खालिस्तानियों की नाक में नकेल डालने के लिए बहुत बड़ा कदम उठाया है। यूनाइटेड किंगडम के सुरक्षा मंत्री, टॉम तुगेंदट ने "खालिस्तान समर्थक उग्रवाद" से निपटने के लिए, ब्रिटेन की क्षमता बढ़ाने के लिए 95,000 पाउंड (लगभग 1 करोड़ रुपये) की नई फंडिंग की घोषणा की है।
ब्रिटिश उच्चायोग ने टॉम तुगेंदट की गुरुवार से शुरू हुई तीन दिवसीय भारत यात्रा पर एक रीडआउट में यह बात कही है। ब्रिटेन में खालिस्तानी समर्थक तत्वों की बढ़ती गतिविधियों पर भारत में बढ़ती चिंताओं के बीच नई फंडिंग की घोषणा की गई है।

यूके में खालिस्तानियों पर चलेगा डंडा
सुरक्षा पहल पर द्विपक्षीय सहयोग को बढ़ावा देने और जी20 की भ्रष्टाचार विरोधी मंत्रिस्तरीय बैठक में भाग लेने के लिए ब्रिटेन के रक्षा मंत्री भारत दौरे पर दिल्ली पहुंचे हैं।
ब्रिटिश उच्चायोग ने कहा है, कि "गुरुवार को नई दिल्ली में भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ एक बैठक के दौरान, यूके के रक्षा मंत्री ने खालिस्तान समर्थक चरमपंथ से निपटने के लिए यूके की क्षमता बढ़ाने के लिए नई फंडिंग की घोषणा की है।"
ब्रिटिश उच्चायोग के बयान में कहा गया है, कि "95,000 पाउंड का निवेश "खालिस्तान समर्थक चरमपंथ" से उत्पन्न खतरे के बारे में सरकार की समझ को बढ़ाएगा, जो संयुक्त चरमपंथ टास्क फोर्स के माध्यम से यूके और भारत के बीच पहले से चल रहे, संयुक्त कार्य का पूरक होगा।
यूके रक्षा मंत्री ने कहा, कि "भारत और यूके के बीच जीवंत पुल हमारी गहरी और स्थायी दोस्ती को दर्शाता है। दुनिया के सबसे पुराने और सबसे बड़े लोकतंत्र के रूप में, हमारे पास दुनिया को एक सुरक्षित और अधिक समृद्ध स्थान बनाने के लिए कई साझा अवसर हैं।"
उन्होंने कहा, कि "हमारे दोनों देशों के बीच गहरी साझेदारी का मतलब है, कि हम उन सुरक्षा खतरों से ज्यादा प्रभावी ढंग से निपट सकते हैं, जिनका हम दोनों सामना कर रहे हैं। मैं चरमपंथ के खिलाफ हमारी समझ और क्षमताओं को बढ़ाने के लिए मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध हूं, चाहे वह किसी भी रूप में हो।"
आपको बता दें, कि यूके में पिछले कुछ महीनों में लगातार खालिस्तान समर्थन भारत विरोधी घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं और इस साल खालिस्तान समर्थकों ने लंदन स्थिति भारतीय दूतावास में भी घुसने की कोशिश की थी, जिसके बाद भारत सरकार की तरफ से काफी सख्त प्रतिक्रिया दी गई थी।












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