भारत की आजादी के 75वें साल पर ब्रिटेन ने देश को दीं 75 सौगातें
लंदन, 29 जूनः ब्रिटेन सरकार ने भारत के 75वें स्वतंत्रता दिवस पर भारतीय छात्रों के लिए बड़ा तोहफा देने का ऐलान किया है। ब्रिटिश सरकार सितंबर से इंगलैंड में अध्ययन के इच्छुक भारतीय छात्रों के लिए 75 पूरी तरह से वित्त पोषित छात्रवृत्ति देने के लिए भारत में प्रमुख व्यवसायों के साथ भागीदारी की है। ब्रिटिश अच्चायोग ने कहा है कि यह एक साल के मास्टर प्रोग्राम के लिए अब तक दी गई पूरी तरह से वित्त पोषित छात्रवृत्तियों की सबसे बड़ी संख्या है।

तस्वीर- एएनआई
ब्रिटिश अच्चायोग के मुताबिक एचएसबीसी, पियर्सन इंडिया, हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाटा संस और डुओलिंगो भारत की आजादी के 75वें वर्ष का जश्न मनाने के लिए इस विशेष पहल का समर्थन कर रहे हैं। इस प्रस्ताव पर कार्यक्रमों में एक साल के मास्टर कार्यक्रम के लिए शेवनिंग छात्रवृत्तियां शामिल हैं। इसके साथ ही छात्र ब्रिटेन के किसी भी मान्यता प्राप्त यूके विश्वविद्यालय में किसी भी विषय का अध्ययन कर सकते हैं। इसके अलावा, भारत में ब्रिटिश काउंसिल विज्ञान, प्रौद्योगिकी, इंजीनियरिंग और गणित (STEM) में महिलाओं के लिए कम से कम 18 छात्रवृत्तियां प्रदान कर रही है, जिसमें 150 से अधिक यूके विश्वविद्यालयों में 12,000 से अधिक पाठ्यक्रम शामिल हैं। इसके साथ ही ब्रिटिश काउंसिल छह अंग्रेजी स्कॉलरशिप भी दे रही है।

यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब अंतर्राष्ट्रीय व्यापार और सरकार के ब्रिटिश और भारतीय नेता इंडिया ग्लोबल फोरम के लिए लंदन में एकत्र हुए हैं। इंडिया ग्लोबल फोरम में बोलते हुए भारत में ब्रिटिश उच्चायुक्त एलेक्स एलिस ने कहा "भारत के 75वें आजादी दिवस पर घोषित किए वाला यह कार्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में एक महान मील का पत्थर साबित होगा। उन्होंने कहा कि उद्योग में हमारे भागीदारों के असाधारण समर्थन के लिए धन्यवाद। मुझे भारतीय छात्रों के लिए यूके के सर्वश्रेष्ठ अनुभव के लिए 75 छात्रवृत्ति की घोषणा करते हुए खुशी हो रही है।
भारत में लगभग 30% शेवनिंग विद्वान छोटे शहरों से आते हैं या पहली पीढ़ी के छात्र हैं, जिससे यह एक तेजी से विविध कार्यक्रम बन रहा है। HSBC के CEO हितेंद्र दवे ने कहा कि "हम 'शेवनिंग HSBC स्कॉलरशिप' कार्यक्रम के लिए शेवनिंग के साथ साझेदारी करके खुश हैं। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य इस कार्यक्रम के तहत दी जाने वाली विश्व स्तरीय शैक्षिक सुविधाओं का लाभ उठाकर अपने युवाओं को प्रोत्साहित करना है।

बतातें चलें कि अपनी हाल की भारत यात्रा के दौरान ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने दोनों देशों के बीच समृद्ध सांस्कृतिक संबंधों को बढ़ावा देते हुए 'भारत-ब्रिटेन एक साथ' कार्यक्रम का स्वागत किया था। उन्होंने कहा था कि दोनों देशों के बीच संबंधों को मजबूत करने में शिक्षा क्षेत्र एक मुख्य आधार है जो हमारे लोगों को समान मूल्यों और समानता के माध्यम से जोड़ता है। उन्होंने जिक्र किया कि ब्रिटेन ने मार्च 2022 भारतीय नागरिकों को लगभग 108,000 अध्ययन वीजा जारी किए, जो पिछले वर्ष की तुलना में लगभग दोगुने हैं।












Click it and Unblock the Notifications