UAE Abortion law: कट्टर इस्लामिक देश महिलाओं को दे रहा ऐसा अधिकार, अमेरिका भी हो जाएगा पीछे!
UAE Abortion law: संयुक्त अरब अमीरात अब उन देशों में शामिल हो जाएगा जहां महिलाओं को ऐसा अधिकार मिल जाएगा, जिसकी अमेरिकी देशों में मांग हो रही है। दरअसल, यूएई ने एक ऐसे कानून बनाने को मंजूरी दी है, जिसके लिए अमेरिकी महाद्वीप के कई देश हिम्मत नहीं जुटा पाए। यहां लंबे समय से महिलाओं इस कानून कानून की मांग हो रही है।
14 अमेरिकी राज्यों में से नौ राज्य ऐसे हैं जहां महिलाएं अपने अधिकारों को लेकर लंबे समय से लड़ रही हैं। ये राज्य हैं अलबामा, अर्कांसस, केंटकी, लुइसियाना, मिसौरी, ओक्लाहोमा, साउथ डकोटा, टेनेसी और टेक्सास। इस बीच इस्लामिक देश यूएई ने महिलाओं के हक में एक बड़ा कानून लागू करने का निर्णय लिया है। जिसके तहत संयुक्त अरब अमीरात बलात्कार और अनाचार के मामलों में गर्भपात की अनुमति मिल जाएगी।

कट्टर इस्लामिक देश संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने महिलाओं के हक में एक बड़ा कानूनी बदलाव करने का फैसला किया है। देश में नए कानूनी सुधारों के तहत अब महिलाओं को गर्भपात की मंजूरी मिलेगी। यह अनुमति बलात्कार और व्यभिचार के मामलों में दी जाएगी।
यूएई की संसद में एक कैबिनेट प्रस्ताव में कहा गया है कि अगर गर्भावस्था बलात्कार या व्यभिचार की वजह से होती है, तो गर्भपात किया जा सकता है। साथ ही शर्त लगाई गई है कि इसकी रिपोर्ट सार्वजनिक अभियोजन द्वारा की जाए और इसकी पुष्टि की जाए। गर्भपात की अनुमति 120 दिन (4 महीने) से कम पुराने भ्रूण के लिए ही दी जाएगी।
इन शर्तों पर मिलेगी मंजूरी
कैबिनेट प्रस्ताव में कहा गया है कि 'गर्भपात की अनुमति दी जाएगी, अगर गर्भावस्था किसी महिला की इच्छा के विरुद्ध, उसकी सहमति के बिना या पर्याप्त इच्छा के बिना संबंध बनाने की वजह से होती है', अथवा 'गर्भावस्था जिस व्यक्ति की वजह से होती है वह महिला का पूर्वज या उसका महरम रिश्तेदार है।' इस्लाम में महरम परिवार के उस सदस्य को कहा जाता है, जिसके साथ विवाह को हराम (अवैध) माना जाना जाता है। महरम के साथ महिला का पर्दा करना अनिवार्य नहीं है।












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