Planets Colliding: अंतरिक्ष में हुई दो ग्रहों की टक्कर, फिर क्या हुआ?
अंतरिक्ष में दो ग्रहों की टक्कर हो जाए, तो क्या होगा? इस अंदाजा लगाना बहुत ही मुश्किल है, लेकिन हाल ही में इससे जुड़ी एक घटना को वैज्ञानिकों ने देखा। ताजा मामले में दो ग्रहों की टक्कर के सबूत मिले हैं, जो हमसे 3600 प्रकाश वर्ष दूर हैं।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक खगोलविदों ने 3,600 प्रकाश वर्ष दूर एक तारा प्रणाली में बड़े पैमाने पर ग्रहों की टक्कर के बाद धूल भरी चमक का पता लगाया है। दो विशाल बर्फीले ग्रहों के बीच हुई भीषण टक्कर से वाष्पीकृत चट्टान और पानी का डोनट आकार का बादल बन गया।

इस रिसर्च के लिए खगोलविदों ने नासा के अंतरिक्ष यान का उपयोग किया जो क्षुद्रग्रहों के लिए आकाश की निगरानी करता है। शोधकर्ताओं का मानना है कि टक्कर का मलबा अंत में ठंडा हो सकता है, जिससे एक नए ग्रह का निर्माण होगा। ये वास्तविक समय में एक नई दुनिया के जन्म को देखने का एक अद्भुत अवसर प्रदान करेगा। साथ ही ये भी समझा सकता है कि ग्रह कैसे बनते हैं।
खगोलविदों की टीम का गठन तब किया गया जब एक जिज्ञासु वैज्ञानिक ने ASASSN-21 qj नाम के तारे के प्रकाश वक्र को देखा। उसमें कुछ अजीब हो रहा था। वो तारा पृथ्वी से लगभग 3,600 प्रकाश वर्ष दूर स्थित था। आसान भाषा में कहें तो अगर हम प्रकार की गति से यात्रा करें, तो यहां तक पहुंचने में 3600 साल लगेंगे।
मामले में लीडेन यूनिवर्सिटी में अध्ययन के शोधकर्ता मैथ्यू केनवर्थी ने कहा कि सोशल मीडिया पर एक खगोलशास्त्री ने बताया था कि तारा ऑप्टिकल फ़डिंग से एक हजार दिन पहले इन्फ्रारेड में चमकता था। मुझे तब पता था कि ये एक असामान्य घटना थी। ईमानदारी से कहूं तो, ये अवलोकन मेरे लिए पूरी तरह से आश्चर्यचकित करने वाला था।
खगोलविदों की टीम ने दो साल तक ASASSN-21 qj का अध्ययन जारी रखा और देखा कि समय के साथ इसकी चमक कैसे बदलती गई। ये शोध 11 अक्टूबर को नेचर पत्रिका में प्रकाशित हुआ था। लाइव साइंस की रिपोर्ट के मुताबिक कि टक्कर के बाद ASASSN-21qj ग्रह संभवतः एक पिंड में टकरा गए। टीम अभी भी ASASSN-21qj के मलबे पर रिसर्च कर रही है। वे आने वाले वर्षों में इस प्रणाली पर नजर रखेंगे और उन्हें उम्मीद है कि मलबे का बादल नष्ट हुए ग्रहों की कक्षा में फैल जाएगा।












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