आईएसआईएस का हिस्सा बनने के लिए घर से भाग गईं जुड़वा बहनें

अपने माता-पिता के साथ रहने वाली यह दोनों बहनें इस संगठन में शामिल होने के लिए आधी रात को घर से भाग गईं।
गौरतलब है कि कुछ ही दिनों पहले खबर आई हैं कि इस संगठन में शामिल होने के लिए ब्रिटिश युवाओं में एक अलग ही तरह का क्रेज देखने को मिल रहा है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक सुबह जब इन दोनों बहनों के माता-पिता उनके कमरे में गए तो वे दोनों अपने कमरे नहीं मिली।
इस पर परेशान माता-पिता ने पुलिस से कांटेक्ट किया। पड़ताल के बाद पता चला कि दोनों बहनों ने मैनचेस्टर एयरपोर्ट से इस्तांबुल के लिए उड़ान भर ली। बाद में बहनों ने सीरिया पहुंचकर अपने परिवार वालों से संपर्क भी किया और कहा कि वे वापस नहीं आएंगी।
बताया जाता है कि उनका भाई आईएसअसईएस का लड़ाका है। सोमालिया का रहने वाला यह परिवार 10 साल पहले ब्रिटेन में आकर बसा था। आतंक निरोधी बल दोनों बहनों की सुरक्षित वापसी का प्रयास कर रहे हैं। पुलिस इस बात की जांच भी कर रही है कि आखिर हवाई सफर के लिए इन दोनों के पास पैसे कहां से आए।
आईएसअसईएस दुनिया भर में मुस्लिम युवाओं को अपने साथ जोड़ने के प्रयास में है। इसके लिए आतंकियों ने सोशल नेटवर्किंग साइट्स फेसबुक, ट्विटर और ऐसी ही दूसरी साइट्स को अपना माध्यम बनाया है। आतंकी इन अत्याधुनिक और तीव्र माध्यमों के जरिए ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंच रहे हैं।
पिछले शुक्रवार को गुट की ओर से मुस्लिम समुदाय का खलीफा घोषित किए गए अबु बकर अल-बगदादी का एक वीडियो भी इंटरनेट पर डाला गया, जिसमें उसे एक मस्जिद से लोगों को संबोधित करते हुए दिखाया गया।
इसमें उसने दुनिया के मुस्लिमों को अपना आदेश मानने के लिए कहा।
ब्रिटिश नागरिकों की ओर से आईएसअसईएस के गुट में शामिल होने की घटनाओं को देखते हुए ही मेट्रोपॉलिटन पुलिस ने लोगों से आतंकी गुट में शामिल होने वाले पारिवारिक सदस्यों की जानकारी देने की अपील की है।
आतंकी गुट का हिस्सा बने एक ब्रिटिश नागरिक अबु ओसुमा का कहना है कि वह ब्रिटेन में तभी वापसी करेगा, जब बकिंघम पैलेस पर इस्लाम का काला झंडा लहराने लगेगा।












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