अंतरिक्ष में भी टाइटन पनडुब्बी जैसा हो सकता है भीषण विस्फोट, स्पेस टूरिज्म के लिए US का लापरवाह कानून
Space Tourism: पिछले हफ्ते पूरी दुनिया अटलांटिक महासागर में टाइटैनिक जहाज का मलबा देखने कई टाइटन पनडुब्बी के डूबने से परेशान रही, जिसमें पांच लोगों की मौत हो गई। इस हादसे के बाद सवाल उठने लगे, कि इस तरह के एडवेंचर कितने खतरनाक साबित हो सकते हैं।
लेकिन, सिर्फ समुद्र के अंदर ही नहीं, बल्कि अंतरिक्ष में भी पर्यटन का नया कारोबार शुरू हो चुका है, जहां बड़ी बड़ी स्पेस कंपनियां, करोड़ों रुपये चार्ज कर लोगों को अंतरिक्ष का दीदार करवाने के लिए ले जाने के प्लान पर काम कर रही है। कुछ स्पेसक्राफ्ट अंतरिक्ष की टूरिज्म यात्रा पर जा भी चुकी हैं। लिहाजा, सवाल उठ रहे हैं, कि क्या स्पेस टूरिज्म सुरक्षित है या क्या स्पेस टूरिज्म के दौरान यात्रियों की सुरक्षा को लेकर तमाम सुरक्षा संबंधित कदम उठाए जा रहे हैं?

कितना सुरक्षित है स्पेस टूरिज्म?
स्पेस टूरिज्म और सुरक्षा को लेकर इटली के महान अंतरिक्ष यात्री टॉमासो सगोब्बा ने 800 से ज्यादा सुरक्षा संबंधी समीक्षाएं की हैं। टॉमासो सगोब्बा, इटली के पूर्व महान वैज्ञानिक और इंजीनिर हैं, जो यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी में अंतरिक्ष सुरक्षा के प्रमुख रह चुके हैं।
अपने विशालकाय कैरियर के दौरान टॉमासो सगोब्बा मे अंतर्राष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पर लॉन्च किए गये 800 से ज्यादा सुरक्षा समीक्षाओं की अध्यक्षता की है और उन्होंने और अंतरिक्ष प्रणाली डिजाइन में सर्वोत्तम सुरक्षा प्रथाओं पर इंजीनियरिंग पाठ्यपुस्तकें लिखी हैं।
अब इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एडवांसमेंट ऑफ स्पेस सेफ्टी (आईएएएसएस) के एक एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर के तौर पर काम करने वाले सगोब्बा, अमेरिका में बहुत बड़ी लड़ाई लड़ रहे हैं।
दरअसल, करीब दो दशक पहले अमेरिकी कांग्रेस ने अंतरिक्ष पर्यटन टेक्नोलॉजी को विकसित करने वाली कंपनियों को दी गई सुरक्षा निगरानी में छूट को लेकिन एक कानून पास किया था, जिसके खिलाफ टॉमासो सगोब्बा एक लंबी लड़ाई लड़ रहे हैं। अब जब टाइटैनिक के मलबे को देखने की यात्रा के दौरान एक अप्रमाणित पर्यटक पनडुब्बी के विनाशकारी विस्फोट की रिपोर्ट सामने आई, तो फिर सगोब्बा की उन चिंताओं पर भी लोगों की नजर गई है, जिसपर अभी कर ध्यान नहीं दिया गया।
सगोब्बा ने क्या चिंताएं बताईं
सगोब्बा ने स्पेस डॉट कॉम को एक इंटरव्यू में बताया, कि "यह बिल्कुल उसी तरह का परिदृश्य है, जो अंतरिक्ष पर्यटन फ्लाइट के साथ हादसा होने पर एक बड़ी चर्चा शुरू कर देगा।" उन्होंने कहा, कि "वास्तव में, हमारे पास यहां एक तरह का एनालॉग है। आपके पास एक ऐसी तकनीक है, जो आनंद के उद्देश्य से क्रिटिकल वातावरण में जाती हैं, जहां अगर कुछ भी गलत होता है, तो इंसानों को जिंदा रहकर वापस लौटने का मौका नहीं देती हैं।"
हैरानी की बात ये है, कि 2021 में स्पेस टूरिज्म के लिए पहली बार अपने स्पसक्राफ्ट को अंतरिक्ष में भेजने वाली कंपनी वर्जिन गैलेक्टिक का स्पेसशिपटू अंतरिक्ष विमान हो, या फिर ब्लू ओरिजिन का न्यू शेपर्ड रॉकेट हो, अंतरिक्ष पर्यटन करवाने वाली इन दोनों ही कंपनियों को स्वतंत्र प्रमाणीकरण की आवश्यकता नहीं है, जैसा की टाइटन सबमर्सिबल की पनडुब्बी को समुद्र के अंदर टूरिज्म करने के लिए कोई भी स्वतंत्र प्रमाणीकरण की आवश्यकता नहीं थी।
हादसे के बाद जब टाइटन पनडुब्बी का निर्माण और ऑपरेशन को संभालने वाली कंपनी ओशनगेट के अरबपति सीईओ स्टॉकटन रश से सुरक्षा संबंधित सवाल पूछे गये, तो उन्होंने जो दावे किए, वो खारिज करने वाले दावे थे।
अपने खिलाफ उठती आवाजों को दबाने के लिए स्टॉकटन रश ने ये कहनी शुरू कर दी, कि पत्रकारों को इनोवेशन पसंद नहीं आ रहा है, जबकि तमाम रिपोर्ट्स में कहा गया, कि जिस पनडुब्बी को समुद्र की अथाह गहराई में भेजा गया था, उसमें सुरक्षा संबंधित उपाय नहीं किए गये थे और पनडुब्बी की स्थिति भी खराब हो गई थी, मगर इस बादसे के बाद भी कंपनी के डायरेक्टर के खिलाफ कोई भी कानूनी कार्रवाई नहीं की जाएगी और ये सबसे बड़ी हैरानी की बात है।
जबकि, वैज्ञानिक टॉमासो सगोब्बा इसी बात को लेकर अमेरिका में सरकार से लड़ाई लड़ रहे हैं, कि "अगर आप अंतरिक्ष स्टेशन के लिए एक कॉफी का मशीन भी भेजना चाहते हैं, तो फिर उसके लिए भी उन्हीं सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखकर अंतरिक्ष में भेजना होगा और सुरक्षा के उन्हीं सुरक्षा मानकों का पालन करना होगा, जैसे की आप नया मॉड्यूल बना रहे हों। इसीलिए टॉमासो सगोब्बा का कहना है, कि इस तरह की यात्राओं के लिए सुरक्षा के किस भी स्तर से समझौता नहीं किया जा सकता है और ऐसी कंपनियों को ऐसे हादसों को लेकर जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए।
अमेरिका में नियम सवालों में क्यों है?
अमेरिकी कांग्रेस ने साल 2004 में एक नियमों का एक सेट जारी किया था, जिसमें इस बात पर रोक लगा दी गई, कि अमेरिका के फेडरल एविएशन एडमिनिस्ट्रेशन, स्पेस टूरिज्म कंपनी के स्पेसक्राफ्ट को लेकर कोई भी दखल देगा। यानि, स्पेस टूरिज्म में इस्तेमाल किए जाने वाले स्पेसक्राफ्ट की जांच स्वतंत्र संस्था नहीं कर सकती है और कंपनी जो कहेगी, वही आखिरी फैसला होगा।
इसके मुताबिक, कंपनियों को सिर्फ ये साबित करना होगा, कि उनकी उड़ानें पृथ्वी पर मौजूद लोगों और हवाई क्षेत्र के अन्य उपयोगकर्ताओं के लिए कोई खतरा पैदा नहीं करती हैं और यह प्रदर्शित करना होगा, कि उनके अंतरिक्ष वाहनों ने पिछली उड़ान के दौरान निमयों का पालन किया था और रोक भी इसी साल अक्टूबर में हटने वाली है।
यानि, इन अंतरिक्ष कंपनियों के विमान कैसे हैं, इसकी जांच अमेरिका में नहीं की जा सकती है, जिस तरह से जांच टाइटन पनडुब्बी को लेकर भी नहीं की गई, लिहाजा स्पेस टूरिज्म के लिए भी ये एक खतरे की घंटी है, कि किसी दिन अंतरिक्ष में भी ऐसा ही हादसा हो सकता है।












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