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TIME मैगजीन की 100 सबसे प्रभावशाली लोगों की लिस्ट, तालिबान नेता मुल्ला बरादर भी शामिल

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वॉशिंगटन, सितंबर 16: तालिबान के सह-संस्थापक मुल्ला अब्दुल गनी बरादर को टाइम मैगजीन की '2021 के 100 सबसे प्रभावशाली लोगों' की वैश्विक सूची में जगह मिली है। मुल्ला अब्दुल गनी बरादर इस वक्त अफगानिस्तान की अंतरिम सरकार में डिप्टी प्राइम मिनिस्टर है, लेकिन टाइम मैगजीन ने उसे 2021 के 100 सबसे ज्यादा प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में शामिल किया है।

    Time Magazine की 100 प्रभावशाली लोगों की लिस्ट में PM Modi, CM Mamata शामिल | वनइंडिया हिंदी
    टाइम मैगजीन में मुल्ला बरादर

    टाइम मैगजीन में मुल्ला बरादर

    दोहा में तालिबान के राजनीतिक कार्यालय के प्रमुख मुल्ला बरादर को तालिबान और अमेरिका के बीच दोहा शांति समझौते पर बातचीत करने का श्रेय दिया जाता है। वह तालिबान का संस्थापक सदस्य है और तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर का सबसे करीबी सहयोगी रहा है। बरादर को इस महीने की शुरुआत में तालिबान की नई अंतरिम सरकार के प्रमुख मुल्ला अखुंद का डिप्टी नियुक्त किया गया था। टाइम मैगजीन में छपी मुल्ला बरादर के प्रोफाइल में एक पाकिस्तानी पत्रकार अहमद रशीद ने उसे अफगानिस्तान के "भविष्य के लिए आधार" रखने वाले शख्स के तौर पर बताया है। पाकिस्तानी पत्रकार अहमद रशीद लिखते हैं कि, " मुल्ला बरादर एक शांत, गुप्त व्यक्ति है, जो शायद ही कभी सार्वजनिक बयान या साक्षात्कार देता है। बरादर फिर भी तालिबान के भीतर एक अधिक उदारवादी धारा का प्रतिनिधित्व करता है, जिसे पश्चिमी समर्थन जीतने के लिए सुर्खियों में लाया जाएगा और सख्त वित्तीय सहायता की आवश्यकता होगी, तब वो ऐसी सहायता ला सकता है।''

    मौत की अफवाहों को किया खारिज

    मौत की अफवाहों को किया खारिज

    पिछले कुछ दिनों से लगातार खबरें आ रहीं थीं कि मुल्ला बरादर की गोली लगने से मौत हो गई है और अंतरिम सरकार गठन से पहले हक्कानी नेटवर्क के नेताओं के साथ उसकी तगड़ी बहसबाजी हुई थी। बताया जा रहा था कि मुल्ला बरादर को उस झड़प में गोली लग गई थी और उसका पाकिस्तान में इलाज चल रहा है। जिसके बाद अब मुल्ला बरादर ने एक इंटरव्यू का वीडियो जारी किया है और खुद के मौत की तमाम अफवाहों को खारिज कर दिया है। पिछले कुछ दिनों में कई अपुष्ट रिपोर्टों ने काबुल में राष्ट्रपति भवन में प्रतिद्वंद्वी तालिबान गुटों के बीच गोलीबारी की ओर इशारा किया था। ऐसे दावे थे कि उक्त गोलीबारी में बरादर को गंभीर चोटें आई थीं। वीडियो में मुल्ला बरादर कह रहा है कि, "मेरी मौत के बारे में मीडिया में खबरें थीं। पिछली कुछ दिनों से मैं यात्राओं पर गया हूं। मैं जहां भी हूं। इस समय हम सब ठीक हैं।''

    तालिबान में सिर फुटौव्वल

    तालिबान में सिर फुटौव्वल

    तालिबान में सिर फुटौव्वल जारी है और उसकी पुष्टि तालिबान के सूत्रों ने ही कर दी है। रिपोर्ट है सरकार गठन को लेकर तालिबान के संस्थापक मुल्ला उमर और हक्कानी नेटवर्क के वरिष्ठ नेता खलील-उर-रहमान के बीच तकड़ी लड़ाई हुई थी। तालिबान के एक सूत्र ने बीबीसी को दोनों नेताओं के बीच हुई लड़ाई की पुष्टि कर दी है। बीबीसी ने अज्ञात वरिष्ठ तालिबान अधिकारियों का हवाला देते हुए कहा कि तालिबान के अंतरिम मंत्रिमंडल को लेकर पिछले सप्ताह काबुल में राष्ट्रपति भवन में दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस हुई थी। तालिबान के 15 अगस्त को काबुल में प्रवेश करने के लगभग बाद से काबुल में शासी ढांचे की संरचना को लेकर तालिबान के नेतृत्व के विभिन्न वर्गों के बीच मतभेदों की खबरें लगातार आ रही हैं और बीबीसी को सूत्रों ने बताया कि हक्कानी नेटवर्क के साथ मुल्ला बरादर की काफी देर तक लड़ाई होती रही।

    तालिबान में अंदरूनी मतभेद

    तालिबान में अंदरूनी मतभेद

    दरअसल, हक्कानी नेटवर्क का कहना है कि काबुल पर कब्जा करने में उसने प्रमुख भूमिका निभाई है, लिहाजा सरकार में उसका प्रमुख स्थान होना चाहिए, जबकि तालिबान मुल्ला बरादर को देश का प्रधानमंत्री बनाना चाहता है और इसी बात को लेकर विवाद बढ़ता ही जा रहा है। पिछले दिनों में बरादार के गायब होने और काबुल में राष्ट्रपति भवन में झगड़े के दौरान बरादर को गोली मारकर घायल करने की अफवाहें फैलने के बाद तालिबान की तरफ से उनका एक ऑडियो संदेश जारी किया गया है। लेकिन, मुल्ला बरादर अभी भी सार्वजनिक तौर पर नहीं देखा गया है। कतर में मौजूद तालिबान के एक नेता ने इस बात की पुष्टि की है कि हक्कानी नेटवक्त के नेताओं और मुल्ला बरादर के बीच काफी तीखी बहस हुई थी। तालिबान के पारंपरिक गढ़ कंधार प्रांत के नेताओं और उत्तर और पूर्वी अफगानिस्तान के नेताओं के बीच भी काफी मतभेद की खबरें हैं।

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    English summary
    Time magazine has also included Taliban co-founder Mullah Baradar in its list of 100 influential people.
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