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रमज़ान के दौरान रोजा के नियम बदलेंगे मुसलमान!

By Ajay Mohan
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बेंगलुरु। रमज़ान पाक का महीन शुरू होने वाला है, अगर चांद तयशुदा समय पर निकला तो 18 जून से रोजे शुरू हो जायेंगे और 18 जुलाई को ईद का जश्न पूरी दुनिया में मनाया जायेगा। लेकिन इस बार कुछ मुसलमान रोजा के नियमों में परिवर्तन करेंगे! चौंकिये नहीं, ऐसा भारत में नहीं होने वाला है। ऐसा उस जगह पर होगा, जहां तीन दिन तक सूरज ही नहीं डूबेगा।

This Ramzan Muslims to change Roja rules

जी हां हम आर्कटिक सर्कल की बात कर रहे हैं। यहां रहने वाले मुसलमानों की इस वक्त सबसे बड़ी चिंता यह है कि रमज़ान के दौरान तीन बार ऐसा होगा, जब 24 घंटे तक सूरज ही नहीं डूबेगा। दुनिया भर के मुसलमान जहां सूर्यास्त होते ही रोजा इफ्तार करेंगे, वहीं आर्कटिक के मुसलमान क्या करें, यह वहां पर चर्चा का विषय बना हुआ है।

नियम- रमजान के दौरान अगर आप रोजे से हैं, तो दोपहर के वक्त भोजन करना वर्जित होता है। जब तक सूरज नहीं डूब जाता, तब तक कुछ नहीं खा सकते हैं।

चूंकि आर्कटिक सर्कल में 24 घंटे तक सूरज निकला रहेगा इसलिये यहां के मुसलमान हैरान परेशान हैं। पहले जब-जब ऐसा हुआ तब तब-तब उसी वक्त रोजा खोला गया, जिस वक्त दक्ष‍िण के मुसलमानों ने खोला।

लेकिन इस बार स्वीडिश मुस्ल‍िम एसोसिएशन ने नये नियम लिखने का फैसला किया है, जिसके अंतर्गत रोजा इफ्तार 24 घंटे बाद सूर्यास्त के बाद ही किया जायेगा। हालांकि नियमों को अभी अंतिम रूप नहीं दिया गया है। वहीं यूरोपियन काउंसिल फॉर फतवा एंड रिसर्च ने भी यही हिदायद दी है कि जिस वक्त अन्य देशों में लोग रोजा खोलें उसी वक्त यहां भी।

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English summary
Muslims in the Arctic Circle urgently coming up with new rules for forthcoming Ramadan when they are banned from eating during the day as the region will have 24-hour sunshine.
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