ओमिक्रॉन मरीजों में ये दो नए लक्षण भी दिख रहे हैं, वैक्सीन लगवा चुके लोगों में भी हुई पहचान
लंदन, 30 दिसंबर: ओमिक्रॉन वेरिएंट ने इस समय यूनाइटेड किंगडम को बुरी तरह अपनी चपेट में ले लिया है। बुधवार को वहां कोरोना के 1,83,037 नए केस आए हैं, जिसमें ओमिक्रॉन के ही ज्यादातर मामले बताए जा रहे हैं। वहां भारी तादाद में ओमिक्रॉन मरीजों के लक्षणों पर नजर रखने वाले डॉक्टरों ने कुछ नए लक्षणों की पहचान की है, जो अभी तक सामने नहीं आए थे। गौरतलब है कि पहले से जो कई शोध के परिणाम सामने आए हैं, उसमें बताया गया है कि कोरोना के पहले के वेरिएंट के मुकाबले ओमिक्रॉन के लक्षणों में कई अंतर दिखाई पड़ रहे हैं। लेकिन, यूके के वैज्ञानिकों ने उसमें दो और लक्षणों को जोड़ दिया है।

'मिचली आना' और 'भूख न लगना'
ओमिक्रॉन वेरिएंट की वजह से दुनिया में जिस सुनामी आने की चेतावनी विश्व स्वास्थ्य संगठन ने दी है, उसकी वजह से शोधकर्ताओं ने भी इस नए वायरस स्ट्रेन की हर पहलुओं की जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। दुनिया भर में डॉक्टर यह पता लगाने में जुटे हैं कि यह वेरिएंट किस तरह का है और लोगों को किस तरह से प्रभावित कर रहा है। अब यूनाइटेड किंगडम के शोधकर्ताओं ने इसके दो नए लक्षणों की पहचान की है, जो सामान्य तौर पर कोरोना वायरस से जुड़ा नहीं रहा है। लंदन के किंग्स कॉलेज के जेनेटिक एपिडेमियोलॉजी के प्रोफेसर टिम स्पेक्टर के मुताबिक ये नए लक्षण हैं 'मिचली आना' और 'भूख न लगना'।

ओमिक्रॉन के सामान्य लक्षण क्या हैं ?
टिम स्पेक्टर के मुताबिक ये लक्षण कोविड-19 की वैक्सीन ले चुके कुछ लोगों, यहां तक कि बूस्टर डोज ले चुके लोगों में भी मौजूद हैं। गौरतलब है कि इस समय कोरोना वायरस के ओमिक्रॉन वेरिएंट से सबसे बुरी तरह प्रभावित देशों में यूनाइटेड किंगडम नंबर वन पर चल रहा है। प्रोफेसर स्पेक्टर ने 'एक्सप्रेस डॉट को डॉट यूके' से कहा है, 'उनमें से कुछ को मिजली आने की शिकायत, हल्का बुखार, गले में खराश और सिर दर्द था।' अमेरिका के सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल(सीडीसी) के मुताबिक ओमिक्रॉन से जुड़े कुछ सामान्य लक्षणों में खांसी, थकान, कंजेशन और नाक बहना आदि शामिल हैं। कई एक्सपर्ट शुरू से कह रहे हैं कि ओमिक्रॉन के काफी लक्षण सामान्य सर्दी-जुकाम जैसे हो सकते हैं।
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'रात में बहुत ज्यादा पसीना आना भी हो सकता है संकेत'
पिछले हफ्ते सिंगल सेल डायगोस्टिक कंपनी इंसेलडीएक्स के लिए काम करने वाले डॉक्टर ब्रुस पैटर्सन ने दावा किया था कि उन्होंने पहले के वेरिएंट की तरह स्वाद या गंध में कमी जैसी बात नहीं देखी है। उन्होंने कहा था कि ओमिक्रॉन पैराइन्फ्लुएंजा जैसे वायरस की तरह दिखता है। बाद में एक और डॉक्टर ने ओमिक्रॉन वेरिएंट के संकेत को लेकर कहा था कि इसकी वजह से रात में बुरी तरह पसीना आ सकता है। यूनाइटेड किंगडम के नेशनल हेल्थ सर्विस के एक फिजिशीयन डॉक्टर आमिर खान के हवाले से द सन ने लिखा था, 'रात में इस तरह का पसीना आ सकता है कि आपको उठकर अपने कपड़े बदलने पड़ सकते हैं।'

यूरोप और अमेरिका में बिगड़ रहे हैं हालत
ओमिक्रॉन वेरिएंट की पहली आहट दक्षिण अफ्रीका में पिछले महीने 24 नवंबर को सुनाई पड़ी थी, जिसने आज दुनिया के 100 से ज्यादा देशों को अपनी चपेट में ले लिया है। दक्षिण अफ्रीका में तो स्थिति में सुधार आया है, लेकिन अमेरिका और यूके समेत यूरोप के कई देश पूरी तरह से उसकी गिरफ्त में आ चुके हैं। अमेरिका और यूके में इस समय डेल्टा के मुकाबले ओमिक्रॉन वेरिएंट के ही अधिकतर केस हैं। यूनाइटेड किंगडम में बुधवार को एक ही दिन में कोविड-19 के 1,83,037 मामले सामने आए हैं और यह वहां रोज एक नया रिकॉर्ड तोड़ता जा रहा है। यूरोप के ज्यादातर देशों में ओमिक्रॉन की वजह से हालात बिगड़ते जा रहे हैं और स्वास्थ्य सेवाएं 'ढहने की कगार पर' पहुंच रहे हैं। भारत में भी तीसरी लहर दस्तक दे चुकी है और कैंब्रिज की भविष्यवाणी है कि फरवरी में यहां कोरोना फिर से पीक पर हो सकता है, जिसकी वजह ओमिक्रॉन हो सकता है।












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