India
  • search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts
Oneindia App Download

1971 के युद्ध का 'वो सच' जिसे पाकिस्तान में नहीं सिखाया जाता

By BBC News हिन्दी
Google Oneindia News
मोहम्मद हनीफ़
BBC
मोहम्मद हनीफ़

कुछ बातें सुनीं बचपन में थीं लेकिन उनका मतलब बड़े होकर समझ आता है.

कई बार किसी निकम्मे आदमी ने हमारी बैठक में आना तो किसी ने नारा लगा देना- "वो आए जिन्होंने ढाका में बम चलाए."

हम बच्चों ने सोचना, ये आदमी गाँव में बिना किसी कामधाम के घूमता रहता है, यह ढाका कब गया और वहाँ बम कैसे चला दिए?

बड़े होकर पता चला कि ढाका पाकिस्तान में ही था. फिर हमारे दुश्मनों ने ढाका हमसे दूर कर दिया. फिर स्कूल पढ़ने के लिए भेजा गया. वहां सिखाया गया कि हमारे यहां एक पूर्वी पाकिस्तान होता था. फिर और बड़े हुए तो विदेश गए और पहली बार बांग्लादेशी भाइयों और बहनों से बात की. उन्होंने तबीयत साफ़ कर डाली और सभी शंकाएं दूर कर दीं. उन्होंने कहा, हमने तो आपसे लड़ कर अपनी जान छुड़ाई थी और अपनी आज़ादी हासिल की थी.

किसने और क्यों चलाए बम?

यह भी कहा कि हमने अपने बच्चों को भी मरते देखा. आपने हमारे लेखकों और शिक्षकों को चुन-चुन कर मार डाला और बंगालियों की नस्ल बदलने का नारा देकर लाखों बंगाली महिलाओं का बलात्कार भी किया.

बांग्लादेश अब पचास साल का हो गया है. हमारे पाकिस्तानी सेठों ने भी वहां टैक्स फ़्री ज़ोन में अपनी फ़ैक्ट्रियां लगा ली हैं.

हम पहले पाकिस्तान में बांग्लादेश नामंज़ूर-नामंज़ूर कहा करते थे. पर अब हमने इसे अपना बरादर इस्लामी मुल्क मान लिया है. लेकिन आज तक ये किसी को नहीं बताया कि ढाका में बम किसने चलाए थे और क्यों चलाए थे.

आज तक हम अपनी अगली पीढ़ियों को यही पढ़ाते जा रहे हैं कि हिंदुस्तानियों ने साज़िश रची थी. बंगाली भी कुछ कच्चे-पक्के मुसलमान थे. भीतर से वो गद्दार थे. हम तो अच्छे भले खाते-पीते (संपन्न) लोग थे और वो भूखे थे. 'भूखा बंगाली' आज भी उर्दू में मुहावरे के तौर पर इस्तेमाल होता है. पर कभी भी किसी ने यह नहीं बताया कि कमाते वो थे और खाते हम थे.

न कोई उस्ताद या टीवी चैनल यह बताता है कि वहाँ पर बम चलने वाले हमारे एक जनरल नियाज़ी थे. उन्होंने एक दिन कहा था कि भारतीय टैंक मेरे ऊपर से निकल कर ही ढाका में दाखिल हो पाएगा. फिर अगले ही दिन अपनी पिस्तौल निकालकर भारतीय सेना के सामने नतमस्तक हो गया.

उसके पीछे हमारी बाकी सेना का भी यही हश्र हुआ. हम अभी भी वही शोर मचा रहे हैं कि अव्वल तो हमारी बेइज्ज़ती हुई ही नहीं, अगर हुई भी तो थोड़ी-सी ही हुई क्योंकि साज़िश बड़ी थी. हथियार डालने वाले सैनिकों की संख्या भी नब्बे हज़ार नहीं, बल्कि 20 या 30 हज़ार थी. बलात्कार भी लाखों के नहीं हुए थे. वह भी केवल 20 या 30 हज़ार के ही हुए थे. उस्ताद लोग मारे गए...दानिशवार मारे गए. उसके प्रति भी हमारा नज़रिया इस प्रकार है: 'ऐसा ही होता है, इस तरह के कामों में.'

हमारे पंजाब (पाकिस्तान) में बांग्लादेश की आज़ादी की ख़बर बहुत देर से पहुँची थी...बल्कि कई बार तो ऐसा लगता है कि अभी तक भी नहीं पहुंची.

पंजाबी सैनिक

कोई हमें यह भी नहीं समझाता कि ढाका में दोनों तरफ़ (भारत और पाकिस्तान की ओर) से केवल पंजाबी सैनिक ही लड़ रहे थे, कम से कम उनमें से ज़्यादातर पंजाबी ही थे. पाकिस्तानी पंजाबी बांग्लादेशियों को भारत से बचाने आए थे और भारतीय पंजाबी उन्हें हमसे बचाने के लिए. बांग्लादेशी समझदार निकले. उन्होंने दोनों से ही जान बचा ली.

जो बम हम ढाका में नहीं चला पाए, हम उन्हें ले कर घर वापिस आ गए. फिर कभी कश्मीर, कभी बलूचिस्तान, कभी फ़ाटा, जहां चाहें वहीं चलाते रहते हैं.

एक बंगलादेशी बुज़ुर्ग ने समझाया था कि 'तुम पाकिस्तानियों और भारतीयों को आज़ादी की कोई क़द्र नहीं है क्योंकि आपको घर बैठे आज़ादी मिली है और हम इसकी क़द्र करते हैं क्योंकि हमने आज़ादी लड़ाई लड़ के ली है.'

फिर एक बांग्लादेशी नौजवान से सामना हुआ. कहने लगा कि 'भाई जान, अगर आप एक बार माफ़ी मांग लें तो हम दोनों हमेशा के लिए ख़ुशी-ख़ुशी रह सकते हैं.'

मैंने हाथ जोड़ कर कहा, "चलो, मैं माफ़ी मांगता हूं, लेकिन तुम भी हमसे थोड़ी सी माफ़ी मांग लो.''

ठीक है आजादी लेने के लिए तुमने लड़ाई की और आज़ादी हासिल भी की पर हम भाइयों को पीछे क्यों छोड़ दिया? हम तो आज भी वहीं खड़े हैं और वही नारे लगा रहे हैं कि वो आए जिन्होंने ढाका में बम चलाए .

बांग्लादेश को आज़ादी मुबारक, अल्लाह करे आज़ादी हमें भी नसीब हो. रब्ब राखा.

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

BBC Hindi
Comments
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
The truth of the 1971 war in Pakistan
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X