तालिबान ने मौलवियों से मांगी 15 साल से ज्यादा उम्र की लड़कियों की लिस्ट, लड़ाकों से कराएगा निकाह
तालिबान ने इमाम और मौलवियों को आदेश दिया है कि 15 साल से ज्यादा उम्र की लड़कियों और 45 साल से कम की विधवाओं की लिस्ट उसे सौंपे।
काबुल, जुलाई 17: अफगानिस्तान पर कब्जा करने के लिए तालिबान पूरी ताकत लगा रहा है और लगातार अफगान सुरक्षा बलों के साथ उसकी लड़ाई हो रही है और इन सबके बीच तालिबान ने अपने जंग को अल्लाह का पाक काम बताया है। तालिबान ने कहा है कि वो अल्लाह का नेक काम कर रहा है, लिहाजा अफगानिस्तान के लोग अल्लाह के काम के वास्ते उसके साथ आएं और अपने घर की बेटियों को अल्लाह के काम में लगाने के लिए तालिबान के हवाले कर दें। तालिबान ने जिन इलाकों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है, उन इलाकों के मौलवियों के लिए तालिबान ने नया फरमान जारी किया है।

तालिबान का नया फरमान
तालिबान ने एक बयान जारी कर स्थानीय धार्मिक नेताओं को आदेश दिए है, कि वो अपने अपने क्षेत्र में रहने वाली 15 साल की उम्र से ज्यादा की लड़कियों और 45 साल की उम्र से कम की विधवाओं की लिस्ट उसे सौंपे। तालिबान ने अपने बयान में कहा है कि वो अपने लड़ाकों से उनकी शादी करवाएगा, ताकि तालिबान मजबूत हो सके। वहीं, जिन इलाकों में थोड़े-बहुत अल्पसंख्यक रहते हैं, उनके लिए भी तालिबान ने फरमान जारी किया है। तालिबान ने कहा है कि उन लड़कियों को पहले पाकिस्तान के वज़ीरिस्तान ले जाया जाएगा, जहां उन्हें इस्लाम में परिवर्तित किया जाएगा और फिर उनका निकाल करवाया जाएगा।

तालिबान के आदेश में क्या है ?
तालिबान के सांस्कृतिक आयोग ने अपने नियंत्रित हिस्सों में रहने वाले इमामों और मौलवियों के लिए एक चिट्ठी जारी किया है। जिसमें लिखा गया है कि, "कब्जे वाले इलाकों में सभी इमामों और मुल्लाओं को तालिबान लड़ाकों से शादी करने के लिए 15 साल से ऊपर की लड़कियों और 45 साल से कम उम्र की विधवाओं की सूची तालिबान को सौंपने की हुक्म दी जाती है।" तालिबान का ये ताजा फरमान तब आया है, जब तालिबान ने ईरान, पाकिस्तान, उज्बेकिस्तान और ताजिकिस्तान के साथ लगे कई प्रमुख जिलों और सीमा चौकियों पर नियंत्रण हासिल कर लिया है। वहीं, अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान से बाहर निकलने के बाद अफगान फोर्स ने तालिबान का ज्यादा मुकाबला नहीं किया है।

लड़कियों को अगवा करेगा तालिबान
तालिबान के इस फरमान के बाद तालिबान नियंत्रित इलाकों में रहने वाले लोगों में दहशत का माहौल है। लोगों का कहना है कि अब तालिबान उनकी बेटियों को जबरन ले जाएगा और उनकी शादी अपने आतंकियों से कराएगा और उन्हें गुलाम बना देगा। अफगानिस्तान के एक बिजुर्ग हाजी रोजी बेग ने फाइनेंशियल टाइम्स से कहा कि ''जब से तालिबान ने कब्जा किया है, हमारी स्थिति काफी मुश्किल हो गई है। हम घर से बाहर नहीं निकल सकते। हम संगीत नहीं सुन सकते, महिलाओं को बाजार नहीं भेज सकते। तालिबान के कमांडर हमारे घर आते हैं और हमारी बेटियों के बारे में पूछते हैं और हमें कहते हैं कि आपको 18 साल से ज्यादा उम्र की लड़कियों को घर में नहीं रखना चाहिए। यह पाप है, उन्हें शादी करनी चाहिए।'' हाजी रोजी बेग ने कहा कि ''मुझे पता है कि वो अगले कुछ दिनों में आएंगे और हमारी दोनों बेटियों को जबरदस्ती ले जाएंगे...हम डरे हुए हैं''

पुरूषों को दाढ़ी बढ़ाने का फरमान
तालिबान ने अफगानिस्तान के उत्तरपूर्वी प्रांत तखर में हाल ही में कब्जा किए गए जिलों में नए कानून और नियम जारी कर दिए हैं, जिनमें महिलाओं को अकेले घर से बाहर निकलने पर पाबंदी लगा दी गई है, वहीं पुरुषों को दाढ़ी बढ़ाने का आदेश दिया गया है। एरियाना न्यूज ने तखर में नागरिक समाज के कार्यकर्ताओं का हवाला देते हुए कहा कि तालिबान ने लड़कियों के लिए दहेज के नियम भी तय कर दिए हैं। एरियाना न्यूज ने तखर में एक नागरिक सामाजिक कार्यकर्ता मेराजुद्दीन शरीफी के हवाले से कहा है कि, "तालिबान ने एक बयान में महिलाओं से एक रिश्तेदार (मोहरम) के बिना बाहर नहीं निकलने का हुक्म किया है। साथ ही पूरूषों के लिए तालिबान ने दाढ़ी रखना अनिवार्य कर दिया है।" शरीफी ने यह भी कहा कि "तालिबान बिना सबूत के मुकदमे भी चलाना शुरू कर चुका है"।

ये है तालिबानी कानून
तालिबान ने अतीत में इस्लामी शासन को बेहद कठोरता से लागू किया था और एक बार फिर से तालिबान ने इस्लामी कानून को लागू करने का ऐलान कर दिया है। अतीत में तालिबान ने इस्लामी कानून के तहत लड़कियों की पढ़ाई को बंद करवा दिया था और महिलाओं को अकेले घरों से निकलने पर पाबंदी लगा दी गई थी। 2001 में अमेरिकी सेना के अफगानिस्तान आने से पहले तालिबान ने पूरे अफगानिस्तान में जंगल राज कायम कर दिया था और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर बर्बर कार्रवाई की जाती थी। महिलाओं की सड़कों पर पिटाई की जाती थी, यातनाएं दी जाती थी और तालिबान की इस्लामी पुलिस महिलाओं पर सख्ती से तालिबानी कानून लागू करती थी।

लोगों से सारी सुविधाएं छीनी
एरियाना न्यूज ने एक परिषद के सदस्य आजम अफजाली के हवाले से अपनी रिपोर्ट में कहा है कि ''लोगों को काफी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सारी सेवाएं छीन ली गई हैं। अस्पतालों और स्कूलों को बंद करवा दिया गया है, लोगों को खाना खाने के बदले भी पैसे देने पड़ रहे हैं।'' तखर के गवर्नर अब्दुल्ला कारलुक ने कहा कि ''तालिबान द्वारा सरकारी इमारतों को नष्ट कर दिया गया है और तालिबान द्वारा नियंत्रित क्षेत्रों में तमाम सेवाओं को रोक दिया गया है।'' उन्होंने कहा कि तालिबान ने सब कुछ लूट लिया है और इलाके में अब लोगों के लिए कोई सेवा नहीं है।''












Click it and Unblock the Notifications