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तालिबान राज में क्रूरता की सारी हदें पार, नहर में मिले 100 से अधिक शव, अफगान नागरिक हो रहे गायब

अगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता संभालने के बाद से, काबुल के पूर्व में नंगाहार और कुनार प्रांतों के निवासियों ने एचआरडब्ल्यू के बयान के अनुसार नहरों और अन्य स्थानों में फेंके गए 100 से अधिक पुरुषों के शवों की खोज की है।

न्यूयॉर्क/काबुल 7 जुलाई : अफगानिस्तान में तालिबान शासन (Taliban Govt. in Afghanistan) आने के बाद से देश की स्थिति चरमरा गई है। काबुल की धरती पर मानवाधिकार शब्द किताब के किसी पन्ने में दफन होकर रह गई है। ह्यूमन राइट्स वॉच (HRW- Human Rights Watch)) के मुताबिक, एक जांच से पता चला है कि, वहां 100 से अधिक शवों को अफगानिस्तान के नंगरहार में स्थित एक नहर में फेंक दिया गया था। एचआरडब्ल्यू का आगे कहना है कि, तालिबान सुरक्षा बल लोगों के मानव अधिकारों का हनन करते हुए आम आदमी पर आतंकवादियों को आश्रय देने, उन्हें समर्थन करने का आरोप लगाकर जबरन गायब कर दे रहे हैं। जानकारी के मुताबिक फर्जी जांच के दौरान तालिबान के सैनिक लोगों का शोषण भी करते हैं।

तालिबान कर रहा है मनमानी

तालिबान कर रहा है मनमानी

एचआरडब्ल्यू का कहना है कि, तालिबान इस पूरे मामले पर कहता है कि जिनके घर पर जांच की जाती है, वे इस्लामिक स्टेट ऑफ खुरासन प्रांत (आईएसकेपी) के सशस्त्र समूह, इस्लामिक स्टेट (आईएसआईएस) के अफगान सहयोगी समूह के सदस्य या समर्थक हैं। हालांकि, तालिबान इन कथित आतंकवादियों को बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के मार रहे हैं और परिवार वालों को उनके ठिकाने का खुलासा भी नहीं कर रहे हैं।

मानवाधिकारों हो रहा हनन

मानवाधिकारों हो रहा हनन

अगस्त 2021 में तालिबान के सत्ता संभालने के बाद से, काबुल के पूर्व में नंगाहार और कुनार प्रांतों के निवासियों ने एचआरडब्ल्यू के बयान के अनुसार नहरों और अन्य स्थानों में फेंके गए 100 से अधिक पुरुषों के शवों की खोज की है। आरोप है कि तालिबान सैनिकों ने छापेमारी के दौरान अफगान लोगों को बुरी तरह पीटते हैं और उन्हें हिरासत में ले लेते हैं। इतना ही नहीं कई लोगों पर आतंकवादी होने का आरोप लगाकर उनका सिर कलम कर देते हैं, गोली मार देते हैं या उन्हें गायब कर देते हैं।

क्या कहता है ह्यूमन राइट्स वॉच

क्या कहता है ह्यूमन राइट्स वॉच

ह्यूमन राइट्स वॉच में एसोसिएट एशिया निदेशक पेट्रीसिया गोसमैन ने कहा, "हमने नंगरहार में एक खाली नहर की जांच की, जिसमें अगस्त 2021 और अप्रैल 2022 के बीच 100 से अधिक शवों को फेंक दिया गया था," ऐसा लगता है कि तालिबान अधिकारियों ने कथित आतंकवादियों को हिरासत में लेने, 'गायब होने' और मारने के लिए अपने बलों को खुली छूट दे रखी है।

तालिबान की काली करतूत

तालिबान की काली करतूत

अक्टूबर 2021 और जून 2022 के बीच, ह्यूमन राइट्स वॉच, एक स्थानीय संगठन के साथ मिलकर काम करते हुए करीब 63 लोगों का साक्षात्कार लिया, जिसमें नंगरहार और कुनार प्रांतों में व्यक्तिगत रूप से 42 लोग और फोन द्वारा 21 लोगों से इलाके में हो रहे घटनाओं की जानकारी ली।

लोगों को मारकर नहर में फेंका गया

लोगों को मारकर नहर में फेंका गया

नवंबर में, दोनों समूहों की एक टीम ने पुरुषों के 54 शवों की गिनती की, जिनको दूर खाली नहर में फेंका गया था। ह्यूमन राइट्स वॉच ने बताया कि, शवों को देखकर लगता था कि, मारने से पहले तालिबान सैनिकों ने लोगों के साथ क्रूरता की सारी सीमाएं पार कर ली थी। नंगरहार में स्वास्थ्य कर्मियों ने कहा कि उन्होंने अगस्त और दिसंबर के बीच प्रांत भर में पाए गए 118 शवों को पंजीकृत किया है।

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