अब तालिबान ने लगाया महिलाओं के गाड़ी चलाने पर बैन
अफगानिस्तान के हेरात शहर में तालिबान ने गाड़ी चलाने के लाइसेंस देने वाले अधिकारियों से कहा है कि वो महिलाओं को लाइसेंस देना बंद कर दें।
काबुल, 04 मई: तालिबान ने महिलाओं को गाड़ी चलाने से रोकने की दिशा में कदम उठाना शुरू कर दिया है। तालिबान ने अफगानिस्तान में महिलाओं को गाड़ी चलाने का लाइसेंस नहीं देने का आदेश दिया है। सूत्रों के मुताबिक अफगानिस्तान के हेरात शहर में तालिबान के अधिकारियों ने गाड़ी चलाने का लाइसेंस देने वाले अधिकारियों से कहा है कि वो महिलाओं को लाइसेंस देना बंद कर दें।

महिलाओं को बनाया जा रहा निशाना
सुन्नी बहुल आबादी वाला अफगानिस्तान रूढ़िवादी और पितृसत्तात्मक देश है। लेकिन फिर भी अफगानिस्तान के कुछ बड़े शहरों में महिलाओं का गाड़ी चलाते हुए देखा जा सकता है। हेरात भी ऐसे ही शहरों में शामिल है जहां महिलाएं गाड़ी चलाते दिख जाया करती हैं। बता दें कि तालिबान ने दुबारा सत्ता हासिल करने के बाद अपने पिछले शासन की तुलना में ज्यादा नरम शासन का वादा किया था। लेकिन यह पहली बार नहीं है जब महिलाओं के अधिकारों पर अंकुश लगाया गया हो। तालिबान द्वारा विशेष रूप से लड़कियों और महिलाओं को निशाना बनाया जा रहा है। उन्हें माध्यमिक शिक्षा और कई सरकारी नौकरियों से भी बाहर कर दिया गया है।
अकेले लंबी दूरी की यात्रा पर रोक
इससे पहले तालिबान ने महिलाओं को लंबी दूरी तक बस या अन्य वाहनों में अकेले यात्रा करने पर रोक लगा दी थी। तालिबान के आदेश के मुताबिक महिलाएं बस में 70 किमी से अधिक की दूरी अकेले तय नहीं कर सकेंगी। इससे आगे जाने के लिए उनके साथ किसी पुरुष का होना जरूरी होगा। लंबी दूरी तक जाने वाली अकेली महिलाओं को गाड़ी में न बैठाने का फरमान तालिबान पहले ही जारी कर चुका है। इतना ही नहीं तालिबान ने कार में संगीत बजाने पर भी रोक लगा रखा है। इसके साथ ही तालिबान का यह सख्त आदेश है कि महिलाओं को यात्रा के दौरान हिजाब पहनना होगा।












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