दुनिया में 'नरसंहार' का दूसरा नाम सीरिया, पिछले 7 सालों में अनगिनत मौतें
दमिश्क। सीरिया अब धीरे-धीरे दुनिया के सबसे बड़े कब्रगाह रूप में बदल रहा है, जहां हर दर्जनों मौत हो रही है। दुनिया के नक्शे पर एक ऐसा मुल्क, जहां संघर्ष खत्म होने का नाम ही नही ले रहा है। दुनिया के ताकतवर देश रूस अमेरिका और अमेरिकी समर्थित देशों ने अपने-अपने हितों को साधते हुए सीरिया के गृह युद्ध को मौत का अखाड़ा बना दिया है। सीरिया के ईस्टर्न घोउटा में सोमवार को विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाके में सीरियाई सेना द्वारा की जा रही बमबारी में कम से कम 100 आम नागरिकों की मौत हो गई।

सीरीया में मौत का सही से आंकड़ा दुनिया के किसी भी संगठन के पास नही हैं। पिछले करीब तीन सालों में सीरिया में तबाही का मंजर बढ़ा है। हाल ही में दमिश्क के बाहरी इलाकों में रहने वाले 4 लाख परिवारों पर अटैक हुआ है। स्थानीय रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिछले तीन महीनों में सीरिया में 700 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। ईस्टर्न घोउटा में सोमवार को हुई बमबारी में पांच हॉस्पिटल ध्वस्त कर दिया गया, जिसे कभी बशर-अल-असद ने दमिश्क का ब्रेडबास्केट बनाया था।
सीरीया के घोउटा के हमले को देखकर वहां के एक डॉक्टर इसे 21वीं सदी का नरसंहार बता रहे हैं। उन्होंने कहा, 'यदि 1990 के दशक में नरसंहार स्रेब्रेनिका था और 1980 के दौरा में हलाब्जा, साब्रा शातिला था, तो घोउटा आज के दौर का सबसे बड़ा नरसंहार है।'
एक ब्रिटेन आधारित मॉनिटर सीरिया के ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि 40 घंटों में 194 लोगों की मौत हो गई थी। सीरिया में युद्ध की असभ्य हिंसा में लगातार वृद्धि हुई है। पिछले सात साल में क्षेत्रीय और वैश्विक शक्तियों के हस्तक्षेप के बाद, मानवतावादी संकट में कमी आने के बजाय जबरदस्त ढंग से बढ़ी है, क्योंकि असद शासन के प्रति वफादार ताकतें और उनके रूसी और ईरानी समर्थक बातचीत के जरिए राजनीतिक समाधान के बजाय एक पूर्ण सैन्य जीत चाहते हैं।












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