• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

स्वीडन के एक्सपर्ट का दावा, चीन से पहले यहां दस्तक दे चुका था कोरोना वायरस

|

नई दिल्ली। दुनिया भर में प्रलय बन चुके कोरोनावायरस के लिए शुरु से कहा जा रहा है कि इसकी शुरुआत चीन के वुहान शहर से हुई और वहीं से ये वायरस पूरी दुनिया में फैला। यहां तक कि अमेरिका ने पिछले दिनों दावा किया कि चीन ने एक विशेष उद्देश्य से इस वायरस को वुहान की लैब में पैदा किया ताकि वह बता सके कि उसके वैज्ञानिक अमेरिकी वैज्ञानिकों से कहीं आगे हैं। इसके साथ ही ये माना जा रहा था कि कोरोनावायरस संक्रमण का पहला केस दिसंबर महीने में वुहान में पाया गया लेकिन इसमें एक नया ट्ववीस्‍ट आ चुका है, अब एक महामारी के विशेषज्ञ ने दावा किया है कि कोविड 19 ने चाइना से पहले नवंबर माह में स्‍वीडन में दस्‍तक दे दी थी। आइए जानते हैं कैसे ?

एपिडेमियोलॉजिस्ट एंडर्स टेगनेल ने किया ये दावा

एपिडेमियोलॉजिस्ट एंडर्स टेगनेल ने किया ये दावा

एपिडेमियोलॉजिस्ट एंडर्स टेगनेल ने कहा कि पिछले साल नवंबर में स्वीडन में कोरोनोवायरस के मामलों की संभावना थी। उन्‍होंने दावा किया कि 'वुहान के बाहर तब तक कोई संक्रमण नहीं हुआ था, जब तक कि हमने इसे यूरोप में नहीं देखा। टेगनेल ने कहा कि वुहान से स्‍वीडन आए हुए यात्रियों के बीच व्यक्तिगत मामलों का पता लगाया गया था लेकिन तब इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हई थी। उन्‍होंने कहा कि मुझे लगता है कि आप वुहान यात्रियों के बीच अलग-अलग मामलों का पता लगा सकते हैं जो पिछले साल नवंबर से दिसंबर तक वहां थे। यह बिल्कुल अजीब नहीं है, बल्कि बहुत स्वाभाविक है।

स्‍वीडन के 100 जवान अक्टूबर में गए थे वुहान

स्‍वीडन के 100 जवान अक्टूबर में गए थे वुहान

बता दें स्‍वीडेन का अफीयसली पहला केस 31 जनवरी को पाया गया था। इस पॉजिटिव केस की पुष्टि जोन्कोपिंग की एक महिला में हुई थी जो चीन यात्रा से लौटी थी जो अब पूर्ण रुप से स्‍वस्‍थ्‍य हो चुकी हैं। उन्‍होंने बताया कि लगभग स्‍वीडन के 100 आर्मी के जवान वुहान में अक्टूबर2019 में आयोजित समर मिलेक्‍ ट्री वर्ल्‍ड गेम में हिस्‍सा लेने के लिए गए थे और वहां दो हफ्तों तक रहे थे। वुहान की इस ट्रिप से लौटने के बाद बहुत से आर्मी के जवान बीमार पड़े थे लेकिन तब इनमें कोई पॉजिटिव नहीं पाया गया था।

स्‍वीडन ने नहीं किया लॉकडाउन

स्‍वीडन ने नहीं किया लॉकडाउन

बता दें दुनिया में स्‍वीडन एकमात्र ऐसा देश है जिसने लॉकडाउन नहीं किया। लॉकडाउन का विरोध करने वाले यूरोप के इकलौता देश स्‍वीडेन में न तो बड़े पैमाने पर कोविड 19 की टेस्टिंग की गई ताकि कोरोना के मरीजों का पता लगाया जा सके। उन्‍होंने कहा कि इस सब पर अभी बहस करने का समय नहीं हैं। उन्होंने कहा हमें इसके बजाय, यह पता लगाना दिलचस्प हो सकता है कि चीन में वायरस कैसे फैलता है और इसके प्रसार के शुरुआती चरणों में कैसे व्यवहार किया जाता है। यदि यह एक जानवर से किसी व्यक्ति में फैलता था या अगर यह लंबे समय तक लोगों के समूह में फैलता था। '

स्‍वीडन में अब तक 2800 लोगों की हो चुकी कोरोना से मौत

स्‍वीडन में अब तक 2800 लोगों की हो चुकी कोरोना से मौत

बता दें स्वीडन ने लॉकडाउन शुरू करने से परहेज किया है, लेकिन उसने अपने कुछ प्रतिबंधात्मक उपायों में आगंतुकों को देखभाल घरों से प्रतिबंधित कर दिया है। वहीं स्वीडिश प्रधान मंत्री स्टीफन लोफवेन ने पहले कहा है कि 'यह धूप या तापमान के घंटों की संख्या नहीं है जो यह तय करता है कि अधिकारियों की सलाह को सुनना है या नहीं।' यहां की सरकार ने लोगों को अपने हाथ धोने और सोशल डिस्‍टेसिंग का अभ्यास करने की सलाह देती है, लेकिन इसके लिए भी सख्‍ती नहीं अपनाई हैं। बता दें स्वीडन में अब तक कोरोनोवायरस के 23,000 मामलों के करीब और लगभग 2,800 मौतें दर्ज की गई हैं।

लॉकडाउन में अद्भुत नजारा, रुड़की से 312 किलोमीटर दूर दिख रही हिमालय की बर्फीली चोटियां, देखें तस्‍वीरें

English summary
Sweden probably had Covid-19 cases in NOVEMBER, country's virus chief claims, after French man is found to have been infected in December
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X