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भारत-नेपाल बॉर्डर 'किराये की कोख' का धंधा, जानिए महिलाएं कैसे करती हैं अंडाणु डोनेट

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नयी दिल्‍ली (ब्‍यूरो)। भारत-नेपाल बॉर्डर पर 'किराये की कोख' का कारोबार धड़ल्‍ले से चल रहा है। आप सुनकर हैरान हो जायेंगे कि इस रैकेट का संचालन दिल्‍ली से किया जा रहा है। इस करोबार का हेड ऑफिस नेपालगंज, पोखरा व काठमांडू बना हुआ है जहां दिल्‍ली और मुंबई से कई लड़कियां ओवम (अंडाणु) दान करने आती हैं। ओवम को नेपालगंज और पोखरा स्थित एक टेस्‍ट ट्यूब सेंटर में फ्रीज करके रखा जाता है। इसके बाद आईवीएफ (IVF) तकनीक से नेपानी महिलाओं को गर्भधारण कराया जाता है।

भारत बना 'किराए की कोख' का सबसे बड़ा बाजार!

जी हां यह सनसनीखेज खुलासा भारत-नेपाल बॉर्डर (रुपईडीहा) पर पकड़ी गईं दार्जिलिंग की दो महिलाओं ने किया है जिन्‍हें एसएसबी ने पकड़ कर पुलिस के हवाले किया था। पूछताछ के बाद पुलिस ने दावा किया है कि किराये की कोख के इस काले कारोबार में दिल्‍ली और नेपाल के डॉक्‍टर करोड़ों की कमाई कर रहे हैं। फिलहाल साक्ष्‍यों के आभाव में पुलिस ने दोनों महिलाओं को छोड़ दिया है लेकिन गहनता से जांच शुरु कर दी गई है।

पूछताछ के दौरान दोनों महिलाओं ने बताया कि दिल्‍ली की एक डॉक्‍टर ओवम डोनेट करने के लिए लड़कियों को यहां भेजती है। उसने बताया कि पोखरा के एक डॉक्‍टर के साथ मिलकर वो इस नेटवर्क का संचालन करती है। उसने बताया कि नेपालगंज के सेंटर में उसने ओवम डोनेट किया था। लड़कियों ने बताया कि भारतीय मूल की युवतियों के ओवम को चीन, जापान व अन्‍य देशों में निर्यात किया जाता है।

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English summary
Despite the devastation, growing demand among foreign couples continues to feed medical tourism in Nepal, where surrogacy agencies recruit women to carry babies for infertile couples.
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