बीबीसी का भी बचाव, भारत को भी नहीं करना चाहते नाराज... पीएम मोदी के डॉक्यूमेंट्री पर क्या है UK का रूख?
ब्रिटिश सरकार ने एक बार फिर से बीबीसी की स्वतंत्रता और भारत के साथ ब्रिटेन के संबंध दोनों का ही बचाव किया है।

File Image
भारत के पीएम नरेंद्र मोदी और 2002 गुजरात दंगों पर बनी BBC डॉक्यूमेंट्री लगातार विवादों के घेरे में है। केंद्र सरकार ने इसे दुष्प्रचार और प्रोपेगैंडा बताया। हाल ही में ब्रिटेन के PM ऋषि सुनक ने भी मोदी का बचाव करते हुए शॉर्ट फिल्म पर अपनी असहमति जताई थी। अब ब्रिटिश सरकार ने एक बार फिर से बुधवार को बीबीसी की स्वतंत्रता और भारत के साथ ब्रिटेन के संबंध दोनों का ही बचाव किया है। आपको बता दें कि भारत और ब्रिटेन दोनों ही जगहों पर पीएम मोदी के समर्थकों में बीबीसी के प्रति गहरी नाराजगी है।
जेम्स क्लेवरली ने रखा सरकार का पक्ष
यूके पीएम के प्रवक्ता ने बुधवार को एक ब्रीफिंग में विदेशी पत्रकारों से कहा, "आप इसकी सराहना करेंगे कि बीबीसी अपने आप में स्वतंत्र है और इसके साथ ही हम भारत को एक अविश्वसनीय रूप से अहम भागीदार मानते हैं। आने वाले वक्त में हम भारत के साथ अपने संबंधों में और भारी निवेश करेंगे जिससे यह संबंध और भी मजबूत होता जाएगा।" इससे पहले मंगलवार को यूके की विदेश सचिव जेम्स क्लेवरली से कहा कि उन्होंने बीबीसी डॉक्यूमेंट्री और अन्य मुद्दों के नतीजों पर चर्चा करने के लिए यूके में भारतीय उच्चायुक्त विक्रम दोरईस्वामी से मुलाकात की थी।
बीबीसी को बताया स्वतंत्र संस्थान
हैरो ईस्ट के सांसद बॉब ब्लैकमैन के एक सवाल के जवाब पर क्लेवरली ने कहा कि उन्हें हाल में ही इस पर और कई अन्य मुद्दों पर भारतीय उच्चायुक्त से बात करने का मौका मिला। हमें मालूम है कि भारत में भारत सरकार कितनी लोकप्रिय है। उन्होंने आगे कहा, "मैंने साफ कर दिया है कि बीबीसी अपने आप में स्वतंत्र संस्थान है। इसके साथ ही यूके भारत को एक अविश्वसनीय रूप से महत्वपूर्ण अंतरराष्ट्रीय भागीदार के रूप में मानता है। हम भविष्य में इस साझेदारी को और मजबूत करते जाएंगे।"
भारत ने डॉक्यूमेंट्री पर लगा रखा है रोक
आपको बता दें कि भारत सरकार ने बीबीसी की डॉक्टूमेंट्री इंडिया: द मोदी क्वेश्चन की स्क्रीनिंग पर रोक लगा दिया है। यह दो पार्ट की एक सीरीज है जिसमें साल 2002 गुजरात दंगों को दर्शाया गया है। इस डॉक्यूमेंट्री में उस दौरान के राजनीतिक हालात की तस्वीर दिखाई गई है। इसके साथ ही पीएम मोदी के गुजरात के मुख्यमंत्री का दौर भी दिखाया गया है। ब्रिटेन में इस डॉक्यूमेंट्री का पहला एपिसोड 17 जनवरी को प्रसारित हुआ जिसमें पीएम मोदी के शुरुआती राजनीतिक जीवन को दिखाया गया। वहीं दूसरा एपीसोड 24 जनवरी को प्रसारित हुआ। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, डॉक्यूमेंट्री में अधिकतर हिस्सों में पीएम मोदी के खिलाफ चीज़ें दिखाई गई हैं।












Click it and Unblock the Notifications