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कहीं आप भी रोजाना इतने घंटे से ज्यादा तो नहीं सोते? दिमाग पर हो सकता है बुरा असर

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ओटावा। रोजाना ज्यादा नींद लेने वाले लोग सावधान हो जाएं। नए शोध में खुलासा हुआ है कि ज्यादा नींद लेने से दिमाग पर बुरा असर पड़ता है। इससे व्यक्ति की समझने-जानने की क्षमता कम होती है। कनाडा की वेस्टर्न यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने इसपर रिसर्च किया है जिसमें सामने आया है कि जरूरत से ज्यादा या कम सोने वाले लोगों के दिमाग पर इसका नकारात्मक असर पड़ता है।

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कनाडा कि वेस्टर्न यूनिवर्सिटी ने के शोधकर्ताओं ने अपने रिसर्च में पाया कि ज्यादा या कम सोने से मस्तिष्क के काम करने पर असर पड़ता है। शोध के लीड ऑथर और न्यूरोसाइंटिस्ट कॉनर वाइल्ड ने कहा, 'हमें दुनियाभर के लोगों के एक बड़े सैंपल में, ये देखने में रुचि थी कि कैसे रोजाना सोने का पैटर्न मस्तिष्क से संबंधित है।' वेस्टर्न के ब्रने एंड माइंड इंस्टीट्यूट ने इस बात की पुष्टि की कि 7-8 घंटे की नींद मस्तिष्क के प्रदर्शन के लिए सबसे सही होती है।

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शोध में सामने आया कि इससे ज्यादा या कम नींद से दिमाग के काम करने पर असर पड़ता है। इस शोध को पिछले साल जून में शुरू किया गया था जिसमें दुनियाभर के 40,000 लोगों ने हिस्सा लिया। शोध में पाया गया कि तर्क और मौखिक क्षमताओं को बहुत अधिक या बहुत कम नींद से प्रभावित था।

इस शोध के लिए लोगों को कॉग्निटिव टेस्ट दिया गया था। इस शोध को दुनिया की सबसे बड़ी 'स्लीप स्टडी' बताया जा रहा है।

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English summary
Study Find Out That Too Much Or Too Little Sleep Can Harm How Your Brain Functions.
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