लौट आएगा पुराना दौर: फिर से निकाल पाएंगे मोबाइल की बैटरी, जानें क्यों बनाया जा रहा नया नियम?
कुछ साल पहले आपका फोन हैंग कर जाए, बैटरी गर्म हो जाए या फिर मोबाइल ठीक से काम न कर रहा हो तो ऐसी स्थिति में आप क्या करते थे?
सबसे पहले तो लोग फोन की बैटरी निकाल देते थे औक कुछ समय बाद उसे फिर से लगाते थे। इसका कई बार फायदा भी होता था और मोबाइल पहले की तरह ठीक-ठाक काम करने लगता था।

लेकिन स्मार्टफोन के विकास के दौरान ये सुविधा खत्म हो गई। कुछ साल पहले तक लगभग हर फोन की बैटरी निकालने का विकल्प रहता था। अब शायद ही कोई स्मार्टफोन ऐसा होता हो जिसमें आप बैटरी निकाल पाएं।
लेकिन एक बार फिर से बैटरी निकाल पाने वाले मोबाइल फोन की वापसी हो सकती है। यूरोपीय संघ एक नया कानून बनाने जा रहा है जिसके तहत स्मार्टफोन की बैटरी की मरम्मत आसान हो पाएगी।
नए कानून के तहत कंपनियों को स्मार्टफोन के लिए पोर्टेबल बैटरी डिजाइन करनी होगी। एक बार जब परिषद और संसद नए कानून पर हस्ताक्षर कर देते हैं, तो यह नियम 2027 की शुरुआत में प्रभावी हो जाएगा।
नया कानून विशेष रूप से कहता है कि मोबाइल उपयोगकर्ताओं को बिना किसी विशेष हुनर के या उपकरण के अपने फोन में बैटरी बदलने में सक्षम होना चाहिए। आसान भाषा में कहें तो लोग अपनी फोन की बैटरी खराब होने पर उसे खुद ही बदल पाएंगे।
क्यों हो रहा ये बदलाव?
अभी ये होता है कि कि आपके फोन की स्क्रीन टूट गई है या फिर आपके फोन का सॉफ्टवेयर खराब हो चुका है या फिर मोबाइल में कोई समस्या आ गई है जिसकी वजह से आप नए मोबाइल खरीद लेते हैं। लेकिन ऐसी स्थिति में पुराने वाले फोन की बैटरी अच्छी होने पर भी उसका फिर से इस्तेमाल नहीं कर पाते। नया कानून मौजूदा स्वरूप को बदलने के लिए और अंतिम समय तक बैटरियों का इस्तेमाल करना संभव बनाएगा।
बता दें कि इससे पहले लोग अलग-अलग स्मार्टफोन में अलग-अलग चार्जिंग पोर्ट की समस्या से परेशान थे जिसे लेकर सबसे पहले यूरोपीय संघ ने ही पहल की थी। अब जल्द ही हर फोन मं एक जैसा चार्जिंग पोर्ट यानी यूएसबी टाइप-सी पोर्ट नजर आएगा। यह भारत सहित हर देश में लागू होगा।
गैटेज 360 की रिपोर्ट के मुताबिक यूरोपीय संसद और परिषद का रेगुलेशन सभी बेकार पोर्टेबल बैटरियों, इलेक्ट्रिक वाहन बैटरियों, औद्योगिक बैटरियों, स्टार्टिंग, लाइटनिंग और इग्निशन बैटरियों सहित सभी बैटरियों पर लागू होता है।
आसान भाषा में समझें तो ईयू के नया नियम हर बैटरी वाले प्रोडक्ट पर लागू होग। कंपनियों को स्मार्टफोन से लेकर इलेक्ट्रिक बाइक, ई-मोपेड, ई-स्कूटर तक में रिमूवेबल बैटरी देनी होगी। नए नियम के मुताबिक कंपनियों को सभी बैटरियों में बैटरी के कार्बन फुटप्रिंट, लेबल, इलेक्ट्रॉनिक बैटरी पासपोर्ट और क्यूआर कोड जैसी अनिवार्य जानकारी देनी होगी।
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