जापान नहीं, अब सिंगापुर के पास है दुनिया का सबसे मजबूत पासपोर्ट, पाकिस्तान और पिछड़ा, जानें भारत की स्थिति
हेनली एंड पार्टनर्स नाम की एक रेजीडेंस और सिटीजनशिप एडवाइजरी फर्म और इंटरनेशनल एयर ट्रांसपोर्ट एसोसिएशन ने दुनिया के ताकतवर और कमजोर पासपोर्टों की रैंकिंग जारी की है। इस लिस्ट के मुताबिक सिंगापुर ने पासपोर्ट की मजबूती के मामले में जापान को पछाड़ दिया है।
199 देशों के पासपोर्ट की रैंकिंग में सिंगापुर पहले नंबर पर पहुंच गया है। सिंगापुर ने लगातार पांच साल से शीर्ष पर रहे जापान को पीछे छोड़ा है। सिंगापुरवासी दुनिया भर में कुल 199 में से कम से कम 193 गंतव्यों की वीज़ा-मुक्त यात्रा कर सकते हैं।

जर्मनी, इटली और स्पेन दूसरे स्थान पर हैं, जिन्हें 190 गंतव्यों तक ऑन-अराइवल वीजा सुविधा हैं। जापान तीसरे स्थान पर खिसक गया है। वह दक्षिण कोरिया ऑस्ट्रिया, फिनलैंड, फ्रांस, लक्जमबर्ग और स्वीडन के साथ है। इन सातों देशों के नागरिक बिना वीजा के 189 देशों की यात्रा कर सकते हैं।
वहीं, भारत का पासपोर्ट 80वें नंबर पर है। साल 2022 के मुकाबले भारतीय पासपोर्ट पांच स्थान ऊपर आया है। वहीं, इंडोनेशिया, थाइलैंड और रवांडा जैसे देशों के साथ भारत के नागरिक 57 देशों की वीजा फ्री यात्रा कर सकते हैं।
पाकिस्तान का पासपोर्ट इंडेक्स में 100 वें नंबर पर आया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इस साल जनवरी तक पाकिस्तानियों को ऑन-अराइवल वीजा सुविधा के साथ 35 देशों तक पहुंच थी, जो अब घटकर 33 रह गई है। जबकि पाकिस्तान को दुनिया के चौथे सबसे कमजोर पासपोर्ट के रूप में स्थान दिया गया है।
पाकिस्तान से बेहतर स्थिति बांग्लादेश और नेपाल की है। जहां बांग्लादेश को 96 रैंकिंग मिली है तो नेपाल को 98वां स्थाना मिला है। पाकिस्तान से नीचे अफगानिस्तान, ईराक और सीरिया ही हैं। जिन्हें क्रमशः 27, 29 और 30 देशों तक पहुंच है।
अमेरिका जो करीब एक दशक पहले रैंकिंग में टॉप पर था, इस बार 2 स्थान फिसलकर आठवें स्थान पर आ गया है। वहीं UK की रैंकिग में सुधार हुआ है। UK दो स्थानों की छलांग लगाकर चौथे स्थान पर पहुंच गया है।
हेनले पासपोर्ट रैकिंग को आधिकारिक और वास्तविक माना जाता है। पिछले 18 सालों से यह रैकिंग जारी करने का काम कर रही है।












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