इमरान खान की सजा हुई सस्पेंड तो बौखलाए शहबाज शरीफ, हाईकोर्ट के फैसले को बताया 'काला अध्याय'

Shehbaz Sharif on Imran Khan's sentence: इमरान खान की सजा सस्पेंड होने के बाद शहबाज शरीफ का बना-बनाया प्लान फेल होता नजर आ रहा है। प्रधानमंत्री पद छोड़ने से पहले शहबाज शरीफ ने बड़े जतन से इमरान खान को रास्ते से हटाया था, लेकिन अब ऐसा लग रहा है, कि इमरान खान और ज्यादा ताकतवर बनकर सामने आ सकते हैं और इस काम में पाकिस्तान की ऊपरी अदालतें इमरान खान का मदद कर रही हैं।

पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के अध्यक्ष शहबाज शरीफ ने मंगलवार को इस्लामाबाद के बाद पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) के अध्यक्ष इमरान खान का "पक्ष" लेने के लिए सुप्रीम कोर्ट और पाकिस्तान के मुख्य न्यायाधीश (सीजेपी) उमर अता बंदियाल की आलोचना की है।

Shehbaz Sharif on Imran Khans sentence

इस्लामाबाद हाई कोर्ट (आईएचसी) ने तोशाखाना मामले में इमरान खान को निचली अदालत से मिली सजा को निलंबित कर दिया है। जिसके बाद एक्सपर्ट्स का कहना है, कि शहबाज शरीफ का 'लंदन प्लान' फेल हो गया है, जिसके तहत इमरान खान को हमेशा के लिए रास्ते से हटाना था। इमरान खान खुद कई बार कह चुके हैं, कि शहबाज शरीफ ने अपने भगोड़े भाई नवाज शरीफ के साथ मिलकर, उनके खात्मे का प्लान लंदन में बनाया है।

शहबाज शरीफ क्यों बौखलाए हैं?

आईएचसी का फैसला आज खान के लिए एक बड़ी कानूनी जीत के रूप में आया है, जिन्हें अतिरिक्त जिला और सत्र न्यायाधीश दिलावर हुमायूं ने तोशाखाना मामले में तीन साल की जेल की सजा सुनाई थी और 100,000 रुपये का जुर्माना लगाया था। निचली अदालत के आदेश को आधार बनाकर पाकिस्तान चुनाव आयोग ने इमरान खान के 5 सालों तक चुनाव लड़ने पर प्रतिबंध लगा दिया था।

लेकिन, सजा सस्पेंड होने के बाद अब पाकिस्तान चुनाव आयोग को अपना फैसला भी बदलना होगा और इमरान खान के ऊपर चुनाव लड़ने पर लगी रोक को हटाना होगा, और इसीलिए शहबाज शरीफ बौखलाए हुए हैं।

पूर्व प्रधानमंत्री ने शहबाज शरीफ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (ट्विटर) पर अपने संदेश में कोर्ट के फैसले को 'काला अध्याय' बताया है। शहबाज शरीफ ने यह भी लिखा है, कि इस्लामाबाद हाईकोर्ट पीटीआई प्रमुख इमरान खान के प्रति सुप्रीम कोर्ट की उदारता से प्रभावित हुआ है।

ऐसा इसलिए, क्योंकि सबकुछ शहबाज शरीफ के प्लान के मुताबिक चल रहा था, प्लान के मुताबिक ही इमरान खान जेल भेजे गये, संसद को भंग किया गया और अगले साल चुनव कराने का प्लान तैयार किया गया, लेकिन इस्लामाबाद हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब जेल में इमरान खान को ज्याद दिन नहीं रखा जा सकता है और जेल से बाहर आने के बाद इमरान खान, शहबाज शरीफ की राजनीति के लिए काफी खतरनाक हो सकते हैं, क्योंकि इमरान खान का समर्थन पाकिस्तान में और बढ़ गया है।

शहबाज शरीफ ने लिखा है, कि "पसंदीदा" (इमरान खान) की सजा को निलंबित कर दिया गया है, समाप्त नहीं किया गया है।"

Shehbaz Sharif on Imran Khans sentence

शहबाज शरीफ ने ट्विटर पर लिखा है, कि ""मुख्य न्यायाधीश का संदेश "आपसे मिलकर अच्छा लगा" और "आपको शुभकामनाएं" इस्लामाबाद उच्च न्यायालय तक पहुंच गया। यदि निर्णय आने से पहले हर कोई जानता है कि निर्णय क्या होगा, तो यह न्याय प्रणाली के लिए चिंता का क्षण होना चाहिए।"

उन्होंने आगे कहा, कि जब उच्च न्यायपालिका से "स्पष्ट संदेश" प्राप्त होगा, तो अधीनस्थ न्यायालय उसका पालन करेगा।

शहबाज शरीफ ने इमरान खान को राहत देने के लिए अदालतों की आलोचना करते हुए लिखा, कि "नवाज शरीफ की सजा सुनिश्चित करने के लिए एक निगरानी न्यायाधीश नियुक्त किया गया था, [और अब] मुख्य न्यायाधीश खुद 'पसंदीदा' को बचाने के लिए एक निगरानी न्यायाधीश बन गए हैं।"

सजा को पलटने का मुद्दा उठाते हुए, शहबाज़ के ट्वीट में आगे लिखा गया है, कि "न्याय प्रणाली की यह भूमिका इतिहास के काले अध्याय के रूप में लिखी जाएगी। तराजू एक तरफ झुका हुआ है और न्याय को कमजोर करने वाली न्याय प्रणाली स्वीकार्य नहीं है।"

उन्होंने लिखा कि "घड़ियाँ बेचने वालों" के सामने कानून शक्तिहीन था।

शहबाज शरीफ ने लिखा है, कि "अगर चोरों और राज्य आतंकवादियों को सुविधा दी जाएगी, तो देश में आम आदमी को न्याय कहां मिलेगा?"

पूर्व प्रधानमंत्री ने इस बात पर भी अफसोस जताया, कि इमरान खान और उनकी पार्टी को अदालतों द्वारा अनुचित उदारता दी गई।

उन्होंने निष्कर्ष निकाला, कि "चाहे 9 मई हो, चाहे न्यायिक परिसर पर हमला हो, चाहे पुलिस पर पेट्रोल बम बरसाना हो, (इमरान खान के लिए) सब कुछ माफ है।"

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