देह व्यापार अपराध मुक्त, बनाई गई नई नीति
लंदन। मानवाधिकार संस्था एमनेस्टी इंटरनेशनल ने एक अहम फैसले के तहत एक ऐसी नीति को मंजूरी दे दी है जो दुनिया भर में देह व्यापार को अपराध के दायरे से बाहर कर देगी। यानी आने वाले वर्षों में देह व्यापार को अपराध नहीं माना जाएगा।

संस्था ने यह कदम महिला अधिकारों की रक्षा के लिए लड़ने वाले कई संगठनों के विरोध के बावजूद उठाया है। इसके विरोध में उतरे संगठनों का कहना था कि इससे वेश्यावृत्ति को बढ़ावा मिलेगा।
डबलिन में हुए एक सम्मेलन के दौरान संस्था ने 'रजामंदी के साथ देह व्यापार में शामिल होने पर इसे पूरी तरह से अपराधमुक्त' करने का फैसला लिया। संस्था ने अपने फैसले में कहा कि ऐसा करने से सेक्स वर्कर्स के मानवाधिकारों की रक्षा हो सकेगी और यही एक सर्वश्रेष्ठ विकल्प है।
एमनेस्टी इंटरनेशनल के महासचिव सलिल शेट्टी ने कहा कि संस्था इस बात को मानते हैं कि देह व्यापार मानवाधिकारों के हनन से जुड़ा काफी नाजुक मुद्दा है। ऐसे में इस मुद्दे पर चर्चा की और सारे पक्षों को जानने के बाद एक फैसला लिया गया।
संस्था का फैसला इसलिए भी काफी अहम है कि आने वाले दिनों में कई देशों की सरकार के सामने इसके हवाले से इससे जुड़े इस पहलु को समझाया जा सकेगा। हालांकि इस नीति के विरोध में एक जंग भी छिड़ गई है और कई महिला संगठनों का कहना है कि संस्था का फैसला बहुत बड़ी गलती है।












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