• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

सऊदी अरब ने पाठ्यक्रम में शामिल किया रामायण और महाभारत, योग, गीता और हिंदू धर्म की पढ़ाई शुरू

|

रियाद, अप्रैल 23: सऊदी अरब ने छात्रों के नये पाठ्य पुस्तक में रामायण और महाभारत को शामिल कर लिया है। अब स्कूल के छात्रों को अन्य किताबों के साथ रामायण, महाभारत की शिक्षा भी दी जाएगी। क्सास रूम के अंदर अब सऊदी अरब के छात्रों को गीता का ज्ञान दिया जाएगा और भारतीय संस्कृति और जीवन यापन से वाकिफ करवाया जाएगा। सऊदी अरब सरकार द्वारा जारी नये पाठ्यक्रम में रामायण और महाभारत के साथ हिंदू धर्म के बारे में भी शिक्षा दी जाएगी। सऊदी अरब के प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने सऊदी अरब के लिए नई शिक्षा प्रणाली जारी की है, जिसमें रामायण महाभारत के साथ हिंदू सभ्यता को पाठ्यक्रम में शामिल किया है।

    Saudi Arab में अब पढ़ायी जायेगी Ramayan Mahabharat, Indian Culture को समझेंगे छात्र | वनइंडिया हिंदी
    रामायण-महाभारत की पढ़ाई

    रामायण-महाभारत की पढ़ाई

    सऊदी अरब सरकार ने नये पाठ्यक्रम को जारी किया है, जिसमें भारतीय संस्कृति के साथ साथ योग और आयुर्वेद को भी अलग अलग क्लास की किताबों में शामिल किया है। सऊदी अरब सरकार ने कहा है कि उनका मकसद है कि देश की आने वाली पीढ़ी अलग अलग संस्कृतियों को जानें और रामायण-महाभारत, भारतीय संस्कृति, योग और आयुर्वेद को पढ़ें और जानकारी हासिल करें। दरअसल, सऊदी अरब में शिक्षा के क्षेत्र में विस्तार करते हुए सऊदी प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने विजन-2030 को जारी किया है, जिसमें भारतीय संस्कृति और रामायण-महाभारत को प्रमुखता से स्थान दिया गया है।

    सऊदी सरकार का विजन 2030

    सऊदी सरकार का विजन 2030

    सऊदी अरब सरकार द्वारा जारी विजन 2030 में अंग्रेजी भाषा को देश के लिए पूरी तरह से अनिवार्य कर दिया गया है। यानि, अब सऊदी अरब के छात्रों को इंग्लिश कंम्पलसरी भाषा के तौर पर पढ़ना होगा। सऊदी अरब के एक ट्विटर यूजर ने नये पाठ्यक्रम को लेकर एक स्क्रीन सॉट शेयर किया है, जिसमें उन्होंने लिखा है कि सऊदी अरब का नया विजन-2030, नया सिलेबस और पाठ्यक्रम ऐसा भविष्य बनाने में मदद करेगा जो समावेशी, उदार और सहिष्णु हो। उन्होंने आगे लिखा है कि 'स्कूल परीक्षा के सिलेबस में हिंदू धर्म, बौद्ध धर्म, रामायण, महाभारत, कर्म, धर्म की अवधारणाएं और इतिहास को शामिल किया गया है। नये पाठ्यक्रम की पढ़ाई करने में छात्रों को काफी मजा आएगा और उन्हें अलग अलग धर्मों के बारे में जानकारी मिलेगी और आने वाली पीढ़ी हर धर्म को लेकर सहिष्णु रहेगी।'

    सांस्कृतिक आदान-प्रदान में मदद सऊदी अरब

    सांस्कृतिक आदान-प्रदान में मदद सऊदी अरब

    सऊदी अरब ने नये पाठ्यक्रम को लेकर कहा है कि आज के विश्व में अलग अलग संस्कृति को जानना और पढ़ना बेहद जरूरी है। इसके जरिए आने वाली पीढ़ी वैश्विक प्रितिस्पर्धा में शामिल हो पाएगी और सांस्कृतिक आदान-प्रदान में मदद मिलेगी। सऊदी अरब ने कहा है कि सरकार के इस फैसले से शिक्षित और कुशल कार्यबल का निर्माण हो सकेगा, जिससे सऊदी अरब शांति और मानव कल्याण की दिशा में आगे बढ़ सकेगा। इसीलिए अंग्रेजी पढ़ना सऊदी अरब में अनिवार्य कर दिया गया है।

    बॉब बालाराम पर गर्व: NASA के हेलीकॉप्टर को मंगल ग्रह पर भारतीय IIT इंजीनियर ने उड़ायाबॉब बालाराम पर गर्व: NASA के हेलीकॉप्टर को मंगल ग्रह पर भारतीय IIT इंजीनियर ने उड़ाया

    English summary
    Saudi Arabia has incorporated Rayayan and Mahabharata in its new curriculum. Along with this, students will also be taught about Yoga and Hinduism.
    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X