'जल्दी भेजो कंबल-जेनरेटर, नहीं तो मारे जाएंगे बेमौत', भीषण सर्दी के बीच यूक्रेन में मचा हाहाकार
यूक्रेनी केंद्रीय बैंक ने गुरुवार को कहा कि, यूक्रेन की अर्थव्यवस्था के इस साल लगभग 32% सिकुड़ने का अनुमान लगाया गया है, जिससे देश में वार्षिक मुद्रास्फीति 30% तक बढ़ जाएगी।
Russia-Ukraine War: रूसी हमलों के बीच यूक्रेन की स्थिति दिनों दिन बिगड़ती जा रही है और अब आशंका जताई जा रही है, कि दिसंबर के महीने में क्या यूक्रेन के नागरिकों के लिए ठिठुर कर मरने की नौबत तो नहीं आ जाएगी। एक रिपोर्ट में कहा गया है कि, यूक्रेन की राजधानी कीव में इस महीने ऊर्जा ग्रिड पर व्यापक रूसी हमलों के बाद नियमित रूप से ब्लैकआउट का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, राजधानी कीव के मेयर ने कहा कि, अगर पश्चिमी देशों ने तत्काल कंबल और जनरेटर नहीं भेजे, तो यूक्रेनियन इस सर्दी में बेमौत मारे जाएंगे।

राजधानी में फैला है ब्लैकऑउट
ब्रिटिश अखबार टेलग्राफ की रिपोर्ट के मुताबिक, राजधानी कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने पश्चिमी देशों से फौरन कंबल और जेनरेटर भेजने की अपील की है, क्योंकि राजधावी कीव में मौजूद ज्यादातर पावर ग्रिड रूसी हमले में ध्वस्त हो चुके हैं और सर्दी के महीने में यूक्रेन में भीषण ठंड पड़ती है। वहीं, यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने कहा कि, रूस ने ऊर्जा स्टेशनों पर इसलिए हमले किए हैं, ताकि वो सर्दी के महीने में यूक्रेन के लोगों के मनोबल को तोड़ सकें, यूक्रेन के लोगों की हिम्मत को तोड़ सकें।" यूक्रेनी राष्ट्रपति ने दाव किया है, कि रूस ने देश के बुनियादी इन्फ्रास्ट्रक्चर को बुरी तरह से नुकसान पहुंचाया है और रूसी मिसाइल, ड्रोन और रॉकेट हमलों में करीब 40 प्रतिशत से ज्यादा इन्फ्रास्ट्रक्चर ध्वस्त हो चुके हैं। वहीं, कीव के मेयर विटाली क्लिट्सको ने कहा कि, "हम अपने लोगों की जान बचाने और उनकी सुरक्षा के लिए हर संभव कोशिश कर रहे हैं। लेकिन यह सर्दी निश्चित रूप से हमारे लिए एक बड़ी चुनौती होगी।"

मोबाइल हीटिंग प्वाइंट बनाए गये
कीव के मेयर विटाली क्लिट्स्को ने कहा कि, वे कुछ जनरेटर खरीदने में कामयाब रहे हैं और राजधानी कीव में 1,000 मोबाइल हीटिंग पॉइंट तैयार किए हैं, क्योंकि आने वाले दिनों में पूरे यूक्रेन में रात के तापमान में गिरावट आने की उम्मीद है। आपको बता दें कि, इस महीने की शुरुआत में राजधानी निवासियों को बिजली आपूर्ति में "तेज गिरावट" की चेतावनी दी गई थी। रिपोर्ट के मुताबिक, यूक्रेन अब अपनी हवाई सुरक्षा बनाए रखने के लिए संघर्ष कर रही है, और सर्दियों के करीब आते ही राजधानी के ज्यादा घरों में बिजली नहीं पहुंच पा रही है है। आपको बता दें कि, यूरोपीय देशों में गैस से घरों को गर्म रखा जाता है, लिहाजा बिजली और गैस की आपूर्ति ठप होने का मतलब लोगों की जिंदगी को सीधे तौर पर खतरा है। क्योंकि, उस प्रचंड ठंड में बिना बिजली के लोगों का रहना नामुमकिन के बराबर है।

देश की अर्थव्यवस्था में भारी गिरावट
वहीं, यूक्रेनी केंद्रीय बैंक ने गुरुवार को कहा कि, यूक्रेन की अर्थव्यवस्था के इस साल लगभग 32% सिकुड़ने का अनुमान लगाया गया है, जिससे देश में वार्षिक मुद्रास्फीति 30% तक बढ़ जाएगी, जिसका मुख्य कारण रूस के आक्रमण से हुआ नुकसान है। यूक्रेनी बैंक ने एक तिमाही मुद्रास्फीति रिपोर्ट में कहा कि, सुरक्षा जोखिमों में गिरावट और मांग बढ़ने पर देश की जीडीपी 2023 और 2024 में प्रति वर्ष लगभग 4% से 5% की दर से बढ़ेगा। बैंक ने अनुमान लगाते हुए कहा कि, "इस साल की आर्थिक मंदी की वजह से घरेलू मांग में कमी आएगी और रसद आपूर्ति में भी व्यवधान आएगा और लेबर फोर्स को भी नुकसान पहुंचेगा। जबकि, एक वरिष्ठ अधिकारी ने गुरुवार को कहा कि, राजधानी कीव और चार क्षेत्रों को रूसी हमलों के बाद योजना से अधिक समय तक बिजली आपूर्ति में कटौती करनी पड़ सकती है।












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