युद्ध के मैदान से पीठ दिखाकर भाग रही रूसी सेना, कई क्षेत्रों पर फिर से यूक्रेन का कब्जा, हार रहे पुतिन?
खार्किव का इजियम क्षेत्र रूसी सेना के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण था, क्योंकि यहां पर रूसी सेना ने बेस कैंप बन रखा था और यहीं पर रूसी सेना को रसद की आपूर्ति की जाती थी, जो अब यूक्रेन के हाथों में चला गया है।
कीव/मॉस्को, सितंबर 11: यूक्रेन युद्ध के 6 महीने पूरे हो चुके हैं और अब ऐसा लग रहा है, कि इस लड़ाई के नतीजे आने लगे हैं और रूस की सेना अब उत्तर-पूर्वी यूक्रेन से वापस लौटने लगी है, वहीं यूक्रेन की फौज ने रूसी सैनिकों से कब्जे वाले इलाकों को छीनना शुरू कर दिया है और यूक्रेनी सेना काफी तेजी के साथ आगे बढ़ रही है। ऐसे में हर तरफ हैरानी है, कि अचानक रूसी सैनिक पीछे क्यों हटने लगे हैं और क्या रूस अब तेजी से हार की तरफ आगे बढ़ रहा है। 24 फरवरी को यूक्रेन में युद्ध शुरू करने के बाद बाद मार्च में राजधानी कीव से अपने सैनिकों को वापस करने के बाद से खार्किव प्रांत के इज़ियम का तेजी से पतन मास्को की सबसे खराब हार है और यूक्रेन इसे पिछले 6 महीने से चली आ रही जंग के बीच में एक महत्वपूर्ण मोड़ के रूप में देख रहा है और रिपोर्ट के मुताबिक, हजारों रूसी सैनिक गोला-बारूद के भंडार और उपकरण छोड़कर भाग गए हैं।

कई क्षेत्रों से भाग रही है रूसी सेना
रिपोर्ट के मुताबिक, खार्किव का इजियम क्षेत्र रूसी सेना के लिए काफी ज्यादा महत्वपूर्ण था, क्योंकि यहां पर रूसी सेना ने बेस कैंप बन रखा था और यहीं पर रूसी सेना को रसद की आपूर्ति की जाती थी और पिछले एक महीने से इस क्षेत्र में भारी जंग चल रही थी। ये क्षेत्र पूर्वी यूक्रेन के डोनेट्स्क और लुहान्स्क के काफी करीब है, जिसे रूस ने स्वतंत्र राज्य घोषित कर दिया है। लेकिन, इन क्षेत्रों से रूसी सैनिकों के पीछे हटने के बाद अब रूस के पूर्वी यूक्रेन जीतने का सपना भी अधूरा दिखाई देने लगा है और निश्चित तौर पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के लिए ये एक बड़ी हार है। हालांकि, रूस की सरकारी न्यूज एजेंसी TASS ने दावा किया है कि, रूसी रक्षा मंत्रालय ने अपने सैनिकों को उस क्षेत्र से पीछे हटते हुए किसी और क्षेत्र में हमला करने का आदेश दिया है। लेकिन, सवाल उठ रहे हैं, अगर रूस ने फिर से प्लान बदला है, तो फिर रूसी सैनिक अपने हथियार छोड़कर क्यों पीछे हट रहे हैं?

रूस के क्या हैं दावे?
रूसी समाचार एजेंसी TASS ने बताया कि, खार्किव में रूस के प्रशासन के प्रमुख ने अपने निवासियों से प्रांत को खाली करने और "जान बचाने" के लिए रूस भाग जाने के लिए कहा है। चश्मदीदों ने कारों के क्षेत्र से बाहर निकलने की वजह से ट्रैफिक जाम लगने का दावा किया है, जिसमें लोग रूस के कब्जे वाले क्षेत्र को छोड़ रहे थे। यदि, इस रिपोर्ट में सच्चाई है, को फिर यह रूस के लिए एक गंभीर झटका होगा, क्योंकि, पिछले दो हफ्तों से पश्चिमी देशों की खुफिया एजेंसियों का कहना है कि, युद्ध में रूस को भीषण नुकसान पहुंचा है और उसके पास अब हथियार भी कम पड़ने लगे हैं, दूसरी तरफ पश्चिमी देश अभी भी यूक्रेन में हथियारों की सप्लाई कर रहे हैं, जिससे रूस को बुरी तरह से नुकसान हुआ है। वहीं, अब अगर ब्रसेल्स रूसी तेल निर्यात की कीमत को सीमित करने के प्रस्ताव के साथ आगे बढ़ता है, तो रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के पास सर्दियों के महीने में यूरोप को की जाने वाली गैस सप्लाई को बंद करने के अलावा कोई और रास्ता नहीं होगा।

यूक्रेन का दावा क्या है?
दूसरी तरफ यूक्रेन के विदेश मंत्री दिमित्रो कुलेबा ने कीव में कहा कि, यूक्रेनी सेना ने साबित कर दिया है, कि वे रूसी सेना को हराने में सक्षम हैं। उन्होंने कहा कि, "और इसलिए मैं दोहराता हूं, हम जितने अधिक हथियार प्राप्त करेंगे, हम उतनी ही तेजी से जीतेंगे और यह युद्ध उतनी ही तेजी से समाप्त होगा।" वहीं, शनिवार को अपने रात के वीडियो संबोधन में यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि, यूक्रेन के सशस्त्र बलों ने इस महीने की शुरुआत में जवाबी कार्रवाई शुरू किए जाने के बाद से लगभग 2,000 वर्ग किलोमीटर (770 वर्ग मील) क्षेत्र पर वापस कब्जा कर लिया है। वहीं, ज़ेलेंस्की के चीफ ऑफ स्टाफ एंड्री यरमक ने ट्विटर पर लिखा कि, "रूसी सेना दुनिया में सबसे तेज सेना होने के खिताब का दावा कर रही है ... भागते रहो!" हालांकि, यूक्रेनी अधिकारियों ने अभी तक यह पुष्टि नहीं की है, कि उन्होंने इज़ियम पर फिर से कब्जा कर लिया है, लेकिन यरमक ने पहले इसके बाहरी इलाके में सैनिकों की एक तस्वीर पोस्ट की थी और अंगूर की इमोजी ट्वीट की थी। आपको बता दें कि, इरजिम शहर का यूक्रेनी भाषा में "किशमिश" अर्थ होता है।

कई क्षेत्रों को खाली कर रही है रूसी सेना
रूसी सैनिकों की वापसी की घोषणा यूक्रेनी सैनिकों द्वारा उत्तर की ओर कुपियांस्क शहर पर कब्जा करने के कुछ घंटों बाद हुई है, जो एकमात्र रेलवे हब है, जो उत्तरपूर्वी यूक्रेन में रूस की पूरी फ्रंट लाइन आर्मी को रसद की आपूर्ति करता था। यूक्रेनी अधिकारियों ने शनिवार तड़के अपने सैनिकों की तस्वीरें पोस्ट कीं थी, जिसमें कुपियानस्क के सिटी हॉल के सामने देश का नीला-पीला झंडा लहराया गया था। रिपोर्ट के मुताबिक, इस रेलवे स्टेशन पर यूक्रेनी सैनिकों ने कब्जा करने के बाद रूसी सैनिकों को होने वाले रसद की आपूर्ति को अचानक काट दिया, जिसके बाद रूसी सैनिक युद्ध के मैदान में फंस गये और उनके पास ना हथियारों की आपूर्ति हो पा रही थी और ना खाद्य सामग्री की। इस क्षेत्र में पिछले कुछ दिनों में भीषण लड़ाई हुई है। वहीं, पूर्वी यूक्रेन में रूसी समर्थक बलों के पूर्व कमांडर इगोर गिरकिन ने टेलीग्राम पर टिप्पणी में रूसी पुलबैक को "एक बड़ी हार" कहा है।

क्या रूस हार की तरफ बढ़ रहा है?
इसमें कोई शक नहीं, कि युद्ध में अगर यूक्रेन बर्बाद हो गया है, तो रूस का नुकसान भी बर्बादी से कम नहीं है और रूस के पास अब हथियार खत्म हो गये हैं और वो उत्तर कोरिया से रॉकेट्स और तोप के लाखों गोले खरीद रहा है। वहीं, यूक्रेन की उप रक्षा मंत्री हन्ना मलयार ने अपने लोगों के लिए एक चेतावनी नोट जारी किया है, जिसमें लोगों से आग्रह किया गया है कि, वे उत्सुकता में भरकर समय से पहले यह रिपोर्ट न करें, कि शहरों को फिर से कब्जे में ले लिया गया है। उन्होंने कहा कि कुछ दिन पहले सैनिकों ने बलाक्लिया में प्रवेश किया और शनिवार को यूक्रेनी सैनिकों ने बलाक्लिया पर फिर से नियंत्रण हासिल कर लिया है। वहीं, पूर्वी यूक्रेन के कई शहरों में रूसी सैनिकों के जल्दबाजी में भागने की वजह से उनके हथियारों और वाहनों को रास्तों पर देखा जा रहा है। रूसी सैनिकों के गोला बारूद भी सड़कों पर ऐसे ही लावारिश बिखरे पड़े हुए देखे जा सकते हैं।

काफी करीबी होती जा रही लड़ाई
यूक्रेन के सीमा के पास रूस के बेलगोरोड क्षेत्र के एक शहर वलुयकी में एक गवाह ने रॉयटर्स को बताया कि, उसने कुपियांस्क शहर के रहने वाले लोगों को अपने परिवारों के साथ सड़कों के किनारे अपनी कारों में खाते और सोते हुए देखा। गवाह ने कहा कि, "मैं आज बाजार में था और कुपियांस्क के बहुत से लोगों को देखा। वे कहते हैं कि आधा शहर यूक्रेन की सेना ने वापस छीन लिया है और रूस पीछे हट रहा है ... लड़ाई करीब आ रही है।" बेलगोरोड के गवर्नर व्याचेस्लाव ग्लैडकोव ने कहा कि, अधिकारी रूस में एक क्रॉसिंग पर कतार में लगे लोगों को भोजन और चिकित्सा सहायता दे रहे हैं। क्रेमलिन यूनाइटेड रशिया पार्टी के सीनेटर एंड्री तुर्चक ने सीमा पर 400 से अधिक वाहनों की सूचना दी है। वहीं, यूक्रेन के अधिकारियों ने कहा कि रूसी रॉकेट से शनिवार शाम को खार्किव शहर में हमला किया गया, जिसमें कम से कम एक व्यक्ति की मौत हो गई और कई घरों को नुकसान पहुंचा है, जो कीव के जवाबी हमले के बाद से गोलाबारी में वृद्धि का हिस्सा है।












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