Ukraine War: रूस के खिलाफ UNSC में अमेरिका के प्रस्ताव से भारत ने बनाई दूरी, चीन ने भी नहीं किया वोट
Ukraine War: रूस के खिलाफ UNSC में अमेरिका के प्रस्ताव से भारत ने बनाई दूरी, चीन ने भी नहीं किया वोट
वाशिंगटन, 1 अक्टूबर: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने यूक्रेन के साथ चल रहे जंग के बीच, यूक्रेन से कब्जाए चार इलाकों को अपने देश में शामिल कर लिया है। रूस के इस कदम के बाद अमेरिका, ब्रिटेन समते कई पश्चिमी देश गुस्सा हैं। रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के यूक्रेन के चार क्षेत्रों को रूस में मिलाने को लेकर अमेरिका और अल्बानिया संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (यूएनएससी) में रूस के खिलाफ एक प्रस्ताव लेकर आए। अमेरिका के इस प्रस्ताव से भारत ने दूरी बना ली है।

संयुक्त राष्ट्र में रूस के खिलाफ मतदान नहीं करने के अपने ट्रैक रिकॉर्ड को ध्यान में रखते हुए भारत ने रूस के खिलाफ अमेरिका के प्रस्ताव को वोट नहीं किया है। भारत के साथ-साथ चीन, ब्राजील और गैबॉन ने भी इस प्रस्ताव से दूरी बनाते हुए वोट ही नहीं किया। हालांकि हमेशा की तरह रूस ने अपने वीटो पावर का इस्तेमाल कर इस प्रस्ताव को खारिज किया।
अमेरिका के इस प्रस्ताव को 10 देशों का समर्थन मिला है। अमेरिका और अल्बानिया के प्रस्ताव पर यूएनएससी में बोलते हुए संयुक्त राष्ट्र में भारत की स्थायी प्रतिनिधि रुचिरा कंबोज ने शांति, कूटनीति और संवाद के पक्ष में भारत की स्थिति को दोहराते हुए कहा, ''यूक्रेन में घटनाक्रम के हालिया मोड़ से भारत बहुत परेशान है।''
रुचिरा कंबोज ने कहा, बयानबाजी या तनाव का बढ़ना किसी के हित में नहीं है। यह महत्वपूर्ण है कि हम दोनों देशों के बीच इस स्थिति को खत्म करने पर बात करें। सारी स्थिति को ध्यान में रखते हुए, भारत ने इस प्रस्ताव से दूर रहने का फैसला किया है।
शुक्रवार को रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने औपचारिक रूप से चार यूक्रेनी क्षेत्रों को रूसी संघ में एकीकरण करने की घोषणा की थी। पुतिन ने कहा था, ''मैं चाहता हूं कि कीव के अधिकारी और पश्चिम में उनके रियल मास्टर मेरी बातों को सुनें, लुहांस्क और डोनेट्स्क, खेरसॉन और ज़ापोरिज्जिया में रहने वाले लोग अब हमारे नागरिक हैं, ये चारों इलाके अब रूस में हैं।''












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