• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

रूस की कोरोना वैक्‍सीन का इंजेक्‍शन लगने के बाद दर्द और बुखार से परेशान वॉलेंटियर्स!

|

मॉस्‍को। रूस की कोरोना वायरस वैक्सीन स्‍पूतनिक V जिसे 11 अगस्‍त को लॉन्‍च किया गया है, उससे जुड़ी एक बड़ी जानकारी देश के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री ने दी है। रूस के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री मिखाइल मुराश्‍को ने कहा है कि वैक्‍सीन का डोज लेने वाले सात में से एक वॉलेंटियर में इसके साइड इफेक्‍ट्स देखे गए हैं। यह वही वैक्‍सीन है जिसके लिए रूस ने भारत की डॉक्‍टर रेड्डीज ड्रग कंपनी से करार किया है। इस वैक्‍सीन का डोज अब तक 40,000 में से 300 वॉलेंटियर्स को दिया जा चुका है। रूस की सरकारी एजेंसी तास की तरफ से यह जानकारी दी गई है।

coronavirus-vaccine-50

यह भी पढ़ें-यूरोप में कोरोना वायरस की दूसरी लहर, WHO ने दी वॉर्निंग

    Corona India Update: Corona Vaccine देने के लिए Russia का भारत से करार | Dr. Reddy | वनइंडिया हिंदी

    24 घंटे तक रहता है दर्द

    मिखाइल ने कहा, 'करीब 14 प्रतिशत वॉलेंटियर्स को कमजोरी, 24 घंटे तक मांसपेशियों में दर्द और उनके शरीर के तापमान में कुछ समय के लिए इजाफा देखा गया था।' मॉस्‍को टाइम्‍स ने मिखाइल के बयान को प्रमुखता से जगह दी है। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्री के मुताबिक उनमें ये लक्षण एंटी-वायरस वैक्‍सीन का इंजेक्‍शन लगने के बाद देखे गए हैं और अगले दिन उन्‍हें इनसे निजात मिल गई थी। उन्‍होंने कहा है कि जो भी साइड इफेक्‍ट्स हुए हैं उनके बारे में पहले ही अंदेशा जताया गया था। अब वॉलेंटियर्स को पहला इंजेक्‍शन लगने के 21 दिनों के बाद वैक्‍सीन का दूसरा शॉट दिया जाएगा। स्‍पूतनिक V को अभी तक बड़े स्‍तर पर क्‍लीनिकल ट्रायल्‍स को पूरा करना है। लेकिन इससे पहले ही रूस की सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है।

    भारत को भेजी जाएंगी 100 मिलियन डोज

    पिछले माह ही राष्‍ट्रपति व्लादीमिर पुतिन ने दावा कर दिया है कि रूस पहला देश है जिसने दुनिया में सबसे पहली कोरोना वैक्‍सीन तैयार कर ली है। इस माह मॉस्‍को में स्‍पूतनिक V के क्‍लीनिकल ट्रायल्‍स शुरू हुए हैं। वैज्ञानिकों की तरफ से हालांकि पहले ही वॉर्निंग दी जा चुकी है कि जब तक वैक्‍सीन की सुरक्षा और क्षमता को न परख लिया जाए, तब तक इसका कोई भी शॉट लेने से बचा जाए। भारत में भी अभी तक ड्रग्‍स कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआई) की तरफ से डॉक्‍टर रेड्डीज को स्‍पूतनिक V की खरीद के लिए हरी झंडी नहीं दी गई है। रूस के डायरेक्‍ट इनवेस्‍टमेंट फंड (आरडीआईएफ) की तरफ से कहा गया है कि डीसीजीआई की तरफ से मंजूरी मिलते ही वह 100 मिलियन डोज डॉक्‍टर रेड्डीज को सप्लाई करेगा।

    देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
    English summary
    Russia's Coronavirus Sputnik V causing side effects 1 in 7 volunteers.
    For Daily Alerts
    तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
    Enable
    x
    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    X