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रूस: राष्‍ट्रपति पुतिन ने बताया, कोरोना वैक्‍सीन का पहला इंजेक्‍शन देने के बाद बेटी को हुआ था तेज बुखार

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मॉस्‍को। कोरोना वायरस की वैक्‍सीन बनाने में रूस, अमेरिका और ब्रिटेन से बाजी मार गया है। मंगलवार को राष्‍ट्रपति व्‍लादीमिर पुतिन ने ऐलान किया कि उनके देश ने दुनिया की पहली कोरोना वैक्‍सीन तैया कर ली है। इस वैक्‍सीन को रूस ने स्‍पूतनिक V नाम दिया है। अपनी सरकार के सदस्‍यों को वैक्‍सीन के बारे में जानकारी देते समय ही राष्‍ट्रपति ने बताया कि उनकी एक बेटी को पहले ही वैक्‍सीनेट किया जा चुका है। हालांकि उन्‍होंने यह बात भी बताई कि पहला इंजेक्शन देने के बाद उनकी बेटी को काफी तेज बुखार था।

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    Russia Corona Vaccine का Injection देने के बाद Putin Daughter को हुआ था तेज बुखार | वनइंडिया हिंदी
    बेटी को पहले शॉट में आया बुखार

    बेटी को पहले शॉट में आया बुखार

    अपनी पहली शादी से राष्‍ट्रपति पुतिन दो बेटियों 35 साल की मारिया और 34 साल की कटरीना के पिता हैं। मंगलवार को राष्‍ट्रपति पुतिन ने बताया कि जब उनकी बेटी को वैक्‍सीन दी गई तो पहले दिन उसे 100.4 डिग्री था बुखार था। बाद में यह गिरकर 98.6 डिग्री पर पहुंच गया। जब उसे वैक्‍सीन का दूसरा शॉट दिया गया तो भी तापमान में हल्‍का इजाफा हुआ लेकिन फिर यह सामान्‍य हो गया। पुतिन ने आगे कहा, 'फिलहाल वह ठीक है और अब उसके पास एंटीबॉडीज हैं।' पुतिन ने कहा, 'अगर मैं यह कहूं कि मेरी बेटी प्रयोग का हिस्‍सा है तो गलत नहीं होगा।'

    पुतिन की बड़ी बेटी हैं मेडिकल रिसर्चर

    पुतिन की बड़ी बेटी हैं मेडिकल रिसर्चर

    अभी तक हालांकि यह जानकारी सामने नहीं आई कि पुतिन की कौन सी बेटी को वैक्‍सीन दी गई है। लेकिन उनकी बड़ी मारिया एक मेडिकल रिसर्चर के तौर पर काम करती है। उन्‍होंने ड्वॉर्फिज्‍म यानी बौनेपन में विशेषज्ञता हासिल की है। जहां पूरी दुनिया इस वैक्‍सीन को लेकर कई प्रकार की आशंका जता रही है तो वहीं रूस के अधिकारियों ने इस पर अपने ही तरीके से जवाब दिया है। अधिकारियों का कहना है कि यह वैक्‍सीन इसलिए इतनी जल्‍दी तैयार कर ली गई क्‍योंकि यह पांच साल पहले इबोला वायरस के लिए तैयार की गई वैक्‍सीन की ही नकल है। लेकिन इस बात पर चिंता जताई जा रही कि क्‍या सही दिशा-निर्देशों का पालन किया गया है।

    पैरासिटामोल को बताया कारगर

    पैरासिटामोल को बताया कारगर

    गेमेलिया नेशनल रिसर्च सेंटर के डायरेक्‍टर एलेक्‍जेंडर जिंट्सबर्ग ने इस वैक्‍सीन ने किसी भी व्‍यक्ति के शरीर को कोई नुकसान नहीं पहुंचाया है। एलेक्‍जेंडर के मुताबिक कोविड-19 के कण सबसे ज्‍यादा असहजता की वजह बन सकते हैं क्‍योंकि जब कोई बाहरी एंटीजेट इंजेक्‍ट किया जाता है तो वैक्‍सीन हासिल करने वाले व्‍यक्ति का इम्‍यून सिस्‍टम और शक्तिशाली होता है। कुछ लोगों को इस दौरान प्राकृतिक तौर बुखार रह सकता है। क्‍लीनिकल ट्रायल के दौरान वॉलेंटियर्स का तापमान 37 डिग्री से 38 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ गया था। एलेक्‍जेंडर के मुताबिक इस तरह के प्रभाव को पैरासिटामोल से ठीक किया जा सकता है।

    तैयार होंगी 30 मिलियन डोज

    तैयार होंगी 30 मिलियन डोज

    रूस ने कहा कि उसकी योजना देश के लिए 30 मिलियन डोज तैयार करने की है। इस वर्ष के अंत तक 30 मिलियन खुराक तैयार कर ली जाएंगी। रूस के स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय की तरफ से बताया गया है कि कोविड-19 की यह वैक्‍सीन दो साल से ज्‍यादा समय तक वायरस के खिलाफ शरीर को सुरक्षा प्रदान करेगी। अक्‍टूबर में बड़े स्‍तर पर वैक्‍सीनेशन की प्रक्रिया शुरू होगी। रशियन अथॉरिटीज की तरफ से बताया गया है कि मेडिकल वर्कर्स, टीचरों और उन लोगों को सबसे पहल वैक्‍सीन दी जाएगी जिन पर खतरा सबसे ज्‍यादा है।

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    English summary
    Russia: Vladimir Putin says his daughter had a high temperature after first Corona virus vaccine injection.
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