रूस ने जंग में उतारीं 'जासूस डॉल्फिन', नेवल बेस की कर रही हैं सुरक्षा, सामने आईं तस्वीरें
नई दिल्ली, 28 अप्रैल: रूस ने अब जंग के मैदान में डॉल्फिन को उतार दिया है। रूसी सेना ने काला सागर में मौजूद अपने नौसैनिक अड्डे की सुरक्षा के लिए प्रशिक्षित मिलिट्री डॉल्फिन को तैनात किया है। यूएस नेवल इंस्टीट्यूटने दावा किया है कि यूक्रेन युद्ध के दौरान काला सागर में अपने नौसैनिक अड्डे की सुरक्षा के लिए रूस ने प्रशिक्षित डॉल्फिन्स को तैनात किया है। रूसी नौसेना ने सेवस्तोपोल बंदरगाह के एंट्री गेट पर दो डॉल्फिन पेन रखे हैं।

सेवस्तोपोल बंदरगाह के एंट्री गेट पर दो डॉल्फिन तैनात
द गार्जियन ने बताया कि यूएस नेवल इंस्टीट्यूट (यूएसएनआई) ने सेवस्तोपोल बंदरगाह पर नौसैनिक अड्डे की उपग्रह इमेजरी की समीक्षा की। जिसमें उन्होंने पाया कि फरवरी में यूक्रेन पर मास्को के आक्रमण की शुरुआत में दो डॉल्फिन पेन को बेस में ले जाया गया था। सेवस्तोपोल काला सागर में रूसी नौसेना का सबसे प्रमुख नौसैनिक अड्डा है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इन डॉल्फिन को ऐसे ट्रेंड किया गया है कि वे समुद्र के अंदर की हर हरकत पर नजर रखती हैं, साथ ही खुफिया मिशन को अंजाम दे सकती हैं।

सैटेलाइट में दिखे डॉल्फिन पैन
सैटेलाइट तस्वीर के मुताबिक सेवेस्तोपोल हार्बर के एंट्री प्वाइंट पर डॉल्फिन मछलियां निगरानी करती हैं क्योंकि यही वो एंट्री प्वाइंट है जहां से कोई जहाज, पनडुब्बी या फिर युद्धपोत रूस के सेवेस्तोपोल नेवल बेस पर एंट्री कर सकता है। इन डॉल्फिन्स को पानी के नीचे जवाबी कार्रवाई के लिए यहां रखा गया है। अमेरिका और रूस इस तरह के ऑपरेशन के लिए समुद्री जीवों को ट्रेनिंग देते हैं। यह यूक्रेनी स्पेशल ऑपरेशन फोर्सेस को रूसी युद्धपोतों को नुकसान पहुंचाने और बंदरगाह में दुश्मन की घुसपैठ रोकने के लिए तैनात हैं।

रूस को सता रहा है यूक्रेन के हमले का डर
द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार, यूएसएनआई के विश्लेषण के अनुसार, मिसाइलों की सीमा से बाहर, कई रूसी जहाज वहां लंगर डाले हुए हैं, जो संभावित रूप से पानी के नीचे के हमलों की चपेट में हैं। शीत युद्ध के दौरान सोवियत नौसेना ने समुद्री जीवों से जुड़े कई प्रोग्राम विकसित किए थे जिसमें काला सागर में डॉल्फिन की ट्रेनिंग भी शामिल थी। वह यूनिट सेवस्तोपोल पास कज़ाच्या बुख्ता में मौजूद थी जहां यह आज भी है।
PC: Maxar

रूस ने यूक्रेन से छीना था ये प्रोग्राम
यूक्रेन ने भी सेवस्तोपोल के पास एक एक्वेरियम में डॉल्फिनों को प्रशिक्षित किया था। सोवियत-युग की योजना के तहत चलाया गया यह कार्यक्रम 1990 के दशक से उपेक्षित रहा।आरआईए नोवोस्ती के मुताबिक, सेवस्तोपोल कार्यक्रम को 2012 में यूक्रेनी नौसेना द्वारा पुनर्जीवित किया गया था, लेकिन 2014 में क्रीमिया पर हमले के बाद ये स्तनधारी जीव रूसी हाथों में चले गए। यूक्रेन ने इन जानवरों की वापसी की मांग की लेकिन नहीं दी गई।

अमेरिका ने तैयार की हैं डॉल्फिन जासूस
अमेरिका ने डॉल्फिन और समुद्री शेरों के सैन्य उपयोग पर कम से कम 20.8 लाख डॉलर खर्च किए हैं। इन्हें संभावित संघर्षो में मदद के लिए प्रशिक्षित भी किया गया है। रूस के इस प्रॉजेक्ट ने उस समय दुनिया के सामने आ गया था, जब बेलुगा नाम व्हेल मछली अप्रैल 2019 में नार्वे पहुंची. इस व्हेल मछली को हवल्दीमीर नाम दिया गया था। यह व्हेल मछली रूस की नौसेना के ट्रेनिंग प्रोग्राम से बचकर निकली थी।












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