क्या Russia China की मदद से तांडव की ताक में है? CIA डायरेक्टर का दावा- चीन सप्लाई करेगा 'घातक उपकरण'!
अमेरिकी खुफिया एजेंसी के निदेशक का मानना है कि चीनी अधिकारी रूस को घातक उपकरणों की सप्लाई करने पर विचार कर रहे हैं। दोनों राष्ट्रपति के संबंध काफी अच्छे माने जाते हैं, ऐसे में युद्धग्रस्त यूक्रेन में चिंता गहरा सकती है।

Russia China अंतरराष्ट्रीय संबंधों के मामले में सहयोगी माने जाते हैं। यूक्रेन में युद्ध के एक साल से अधिक समय बीतने के बाद चीन का चौंकाने वाला रूख सामने आया है। अमेरिकी एजेंसी CIA का दावा है कि चीन रूस को बेहद घातक उपकरण या हथियार सप्लाई करने की प्लानिंग कर रहा है। CIA निदेशक ने कहा, उनके पास विश्वस्त जानकारी है कि राष्ट्रपति शी जिनपिंग अपने रूसी समकक्ष की मदद करने के लिए उपकरण सप्लाई करने पर विचार कर रहे हैं। सीआईए निदेशक का कहना है कि अमेरिका को 'विश्वास' है कि चीन रूस को घातक उपकरण उपलब्ध कराने पर विचार कर रहा है।

चीन यूक्रेन के खिलाफ मॉस्को के साथ
रूस-यूक्रेन युद्ध के संदर्भ में चीन की रणनीति क्या होगी? इस पर मशहूर अंतरराष्ट्रीय समाचार स्रोत 'फॉक्स न्यूज लाइव' पर आई रिपोर्ट में संकेत दिए गए। चीन के अगले कदम पर सवाल पूछे गए। सीआईए के निदेशक विलियम बर्न्स ने रविवार को प्रसारित साक्षात्कार में कहा कि अमेरिका "आश्वस्त" है कि चीन यूक्रेन के खिलाफ मॉस्को के युद्ध का समर्थन करेगा। इसके लिए रूस को घातक उपकरण प्रदान करने पर विचार कर रहा है।

घातक उपकरणों के वास्तविक शिपमेंट...
CIA खुफिया जानकारी को लेकर कितने आश्वस्त हैं? क्या कुछ ऐसा है जिसके बारे में शी जिनपिंग अपना विचार बदल सकते हैं? इस सवाल पर खुफिया विभाग के प्रमुख बर्न्स ने कहा, "हमें विश्वास है कि चीनी नेतृत्व घातक उपकरणों के प्रावधान पर विचार कर रहा है।" उन्होंने कहा, अंतिम निर्णय अभी तक नहीं किया गया है। हमने घातक उपकरणों के वास्तविक शिपमेंट के सबूत भी नहीं देखे हैं। इसलिए मुझे लगता है कि सचिव ब्लिंकेन और राष्ट्रपति ने यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण समझा है कि क्या इसका परिणाम होगा..."

अमेरिका और यूरोप के साथ चीन का रिलेशन
बर्न्स ने चीन औऱ रूस की डील रोकने को बहुत ही जोखिम भरा और नासमझी का दांव माना। इंटरव्यू में ब्रेनन ने पूछा, क्या बीजिंग इस रेखा को पार करके अमेरिका और यूरोप के साथ अपने संबंधों को जोखिम में डालेगा?" बर्न्स ने कहा, "यह एक अच्छा सवाल है, और इसलिए मुझे उम्मीद है कि वे ऐसा नहीं करेंगे।"

कीव पर कब्जा करने की प्लानिंग
बर्न्स ने याद किया कि वह यूक्रेन पर रूसी आक्रमण के समय कीव गए थे, राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की को चेतावनी देते हुए कि सबसे हालिया खुफिया इनपुट में संकेत मिला है कि राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन योजना बना रहे थे। उन्होंने सोचा था कि कीव पर कब्जा करने के लिए बेलारूस की सीमा पर बिजली गति से अटैक करेंगे। कुछ दिनों में कीव पर कब्जा हासिल करने के बाद कीव के उत्तर-पश्चिम में गोस्टोमेल नामक हवाई अड्डे पर कब्जे की भी योजना थी। इसे पुतिन हवाई सैनिकों के मंच के रूप में उपयोग करना चाहते थे।

अमेरिका से यूक्रेन को मदद मिली
बर्न्स ने यूक्रेन और रूस के टकराव के दौरान अमेरिका की भूमिका पर कहा, "मुझे लगता है कि इस उदाहरण में CIA की खुफिया इनपुट की भूमिका अहम रही। हम राष्ट्रपति जेलेंस्की को यात्रा के दौरान जानकारी मुहैया कराते रहे। इससे पूरे युद्ध के दौरान, उन्हें अपने देश की साहस और दृढ़ता से रक्षा करने में मदद भी मिली। "मुझे लगता है कि युद्ध शुरू होने से ठीक पहले खुफिया इनपुट से यूक्रेन और जेलेंस्की को काफी मदद मिली।

ड्रैगन की खुफिया हरकत! अमेरिका के पास सबूत
पिछले वीकएंड में अमेरिकी विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन ने जर्मनी के म्यूनिख में चीन के शीर्ष राजनयिक वांग यी से मुलाकात की थी। चीनी निगरानी गुब्बारा विवाद के बाद पहली बार उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास सबूत हैं। इसी बीच बीजिंग रूस को गोला-बारूद और हथियार जैसे घातक समर्थन प्रदान करने पर विचार कर रहा है।

चीन रूस को कुछ सैन्य घातक सहायता देगा!
फॉक्स न्यूज संडे की रिपोर्ट के अनुसार पिछले वीकएंड में सेवानिवृत चार सितारा सेना जनरल जैक कीन ने कहा था, "मैं प्रशासन से सहमत हूं। CIA ने उजागर करना शुरू किया है। खुफिया हलकों में इस बात के संकेत हैं कि चीन रूस को कुछ सैन्य घातक सहायता प्रदान करने की तैयारी में है। हमें लगता है कि वे (चीन) रूस को कौन से घातक उपकरण भेजने का प्रयास कर रहे हैं? इसकी जानकारी सार्वजनिक होने के बाद संभवत: चीन पीछे हट जाएगा।

युद्ध में चीन कैसी भूमिका निभाएगा?
बता दें कि विगत सोमवार को एक ब्रीफिंग में, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने कहा था कि यूक्रेन में युद्ध के मैदान में हथियार अमेरिका डाल रहा है, न कि चीन। उन्होंने कहा, "अमेरिका चीन को यह बताने की स्थिति में नहीं है कि उसे क्या करना चाहिए। रूस के साथ अपने संबंधों पर उंगली उठाने, यहां तक कि जबरदस्ती और दबाव डालने के बावजूद चीन विचलित नहीं होगा।" चीन शांति और बातचीत के पक्ष में दृढ़ रहेगा और स्थिति को तनावमुक्त बनाने में रचनात्मक भूमिका निभाएगा।"
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