बिलखते रोहिंग्या मुसलमानों के लिए मसीहा बने सिख

Posted By: Amit J
Subscribe to Oneindia Hindi

ढाका। एक म्यांमार है जो रोहिंग्या नागरिकों को अपने देश से खदेड़ रहा है तो दूसरी तरफ विश्व समुदाय के लोग इनकी मदद के लिए हर संभव प्रयास में लगे हैं। अब तक 3 लाख से ज्यादा रोहिंग्या मुसलमान समुद्री रास्तों से बांग्लादेश में प्रवेश कर चुके हैं। इस बीच रोते-बिलखते रोहिंग्या मुसलमानों के लिए सिख समुदाय के लोग मसीहा बनकर उनकी सेवा में लग गए हैं। रोहिंग्या मुसलमानों की दुर्दशा देख सिखों के 'खालसा ऐड' एनजीओ बांग्लादेश पहुंच कर उनकी सेवा कर रहा है। खालसा ऐड एक अंतरराष्ट्रीय एनजीओ है, जिसका मकसद है दुनिया भर के संकटग्रस्त देशों में जाकर पीड़ित लोगों की हर संभव मदद करना।

बिलखते रोहिंग्या मुसलमानों के लिए मसीहा बने सिक्ख

यह भी पढ़ें: रोहिंग्या मुसलमानों के मुद्दे पर मायावती की पीएम को नसीहत

बांग्लादेश में रोहिंग्या मुसलमानों के मसीहा बना खालसा ऐड 

Rohingya Muslims क्यूं है अपने ही देश म्यांमार में बेगाने | वनइंडिया हिंदी
  • भारत में खालसा ऐड के डायरेक्टर अमरप्रीत सिंह ने कहा कि हमारी सबसे पहली प्राथमिकता है कि हम लोगों को खाना और पानी मुहैया कराए। सिंह के अनुसार, रिफ्यूजी इलाकों में लंगर लगाया जा रहा है, जहां हर रोज करीब 30 से 50 हजार लोगों को खाना खिलाया जा रहा है।
  • अमरप्रीत सिंह ने कहा कि हमारी दूसरी प्राथमिकता है कि एक बार स्थानीय सरकार (बांग्लादेश) रोहिंग्या मुसलमानों के लिए उचित जमीन उपलब्ध करवा दें तो वे पीड़ित लोगों के लिए सुरक्षित और स्थायी शरणार्थी घरों का निर्माण करेंगे।
  • अमरप्रीत सिंह ने कहा कि रोहिंग्या मुसलमानों को एक ऐसे देश में पनाह लेनी पड़ रही है जो खुद हताश और निराश है। उन्होंने कहा, 'मैंने कभी नहीं देखा कि पानी पीने से ही इन लोगों को इतनी राहत मिल रही है। इन लोगों के पास बिल्कुल भी पैसा नहीं है, जिससे वे रिफ्यूजी कैंप तक पहुंच सके। यहां के लोकल रिक्शा भी इन लोगों से डबल किराया ले रहे हैं इसलिए अब हम इन लोगों के लिए ट्रांसपोर्ट की व्यवस्था में भी लगे हैं, ताकि ये लोग सुरक्षित जगहों पर पहुंच सके'।
  • अमरप्रीत सिंह ने कहा, 'हमारी टीम 9 सितंबर को ही बांग्लादेश पहुंच गई थी। हम इन लोगों के लिए स्वच्छ पानी और खाने की व्यवस्था में लगे हैं।
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
Rohingya Muslim crisis: Khalsa Aid becomes Messiah in Bangladesh
Please Wait while comments are loading...