गोरी लड़कियों से रेप, पाकिस्तानियों के खिलाफ UK में बना टास्क फोर्स, 'भारतीय' गृहमंत्री पर फूटा गुस्सा

यूके की गृहमंत्री ने कहा है, कि "उनकी गतिविधियों के खुले रहस्य होने के बावजूद, उन्हें उनके समुदायों और व्यापक समाज, दोनों के भीतर उन्हें चुनौती नहीं दी गई है।"

UK News In Hindi

UK News In Hindi: यूके की गृहमंत्री ने गोरी लड़कियों के साथ बलात्कार और उनके साथ होने वाले यौन अपराधों को लेकर सीधे तौर पर ब्रिटिश पाकिस्तानियों को जिम्मेदार ठहराया है और अब उन्होंने घोषणा की है, कि प्रधानमंत्री ऋषि सुनक के साथ मिलकर उन्होंने बच्चियों को बचाने के लिए स्पेशल टास्क फोर्स का गठन किया है। सुएल ब्रेवरमैन, जो यूके की गृहमंत्री हैं और भारतीय मूल से आती हैं, उन्होंने एक टीवी इंटरव्यू के दौरान सीधे तौर पर कहा था, कि "यूके में रहने वाले ब्रिटिश पाकिस्तानी यहां की संस्कृति को बर्बाद करना चाहते हैं और गैंग बनाकर गोरी लड़कियों का शिकार करते हैं, लेकिन उनके खिलाफ इसलिए चुप्पी साध ली जाती है, क्योंकि इससे हमें रेसिस्ट कहा जाएगा।"

ऋषि सुनक सरकार का सख्त एक्शन

यूके के प्रधानमंत्री ऋषि सनक ने प्रतिज्ञा की है, कि "राजनीतिक शुद्धता" की वजह से उन गिरोहों के खिलाफ नरमी नहीं बरती जाएगी, जो ब्रिटिश लड़कियों से रेप जैसा घिनौना दुर्व्यवहार करते हैं। प्रधानमंत्री सुनक ने कहा है, कि उनकी सरकार वादा करती है, कि ऐसे गिरोहों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा और ऐसे अपराधियों को कठिन से कठिन सजा दी जाएगी। इसके साथ ही प्रधानमंत्री ऋषि सुनक ने ऐसे गिरोहों पर नकेल कसने के लिए ग्रूमिंग गैंग टास्कफोर्स के गठन का ऐलान किया है, जिसे राष्ट्रीय अपराध एजेंसी सहयोग करेगा। ऋषि सुनक सरकार ने स्पेशल टास्क फोर्स बनाने का फैसला उस वक्त किया है, जब यूके की गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने गिरोहों का संचालन करने के पीछे ब्रिटिश पाकिस्तानियों का हाथ बताया था। सुएला ब्रेवरमैन ने कहा था, कि "नस्लवादी" करार दिए जाने के डर से ऐसे अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करने से पुलिस आंख मूंद लेती है।

यूके की गृहमंत्री ने क्या कहा था?

आपको बता दें, कि यूके की गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने कहा था, कि ज्यादातर बाल अपराधों के पीछए ब्रिटिश पाकिस्तानी पुरुष होते हैं, जो गिरोह बनाकर ब्रिटिश संस्कृति पर हमला कर रहे हैं। भारतीय मूल की यूके की गृहमंत्री सुएला ब्रेवरमैन ने एक टेलीविजन इंटरव्यू के दौरान कहा था, कि इंग्लैंड के लिए बनाया गया नया अनिवार्य रिपोर्टिंग कानून उन अपराधियों को लक्षित करेगा, जो ब्रिटिश मूल्यों के साथ असंगत सांस्कृतिक दृष्टिकोण रखते हैं। सुएला ब्रेवरमैन ने कहा है, कि राजनीतिक फायदे के लिए ऐसे अपराधियों को अभी तक चुनौती नहीं दी गई है। ब्रेवरमैन ने बीबीसी को बताया, कि "ये अपराधी पुरुषों के समूह हैं और इनमें करीब करीब सभी ब्रिटिश पाकिस्तानी शामिल हैं, जो ब्रिटिश मूल्यों के साथ पूरी तरह से असंगत सांस्कृतिक दृष्टिकोण रखते हैं।"

इस्लामिक स्कॉलर्स का फूटा गुस्सा

यूके की गृहमंत्री ने अपने बयान में जिन बातों का जिक्र किया था, वही प्रतिक्रियाएं ही आईं और उनके बयान को इस्लामिक स्कॉलर्स ने नस्लीय बताना शुरू कर दिया। इस्लामिक आतंकवाद पर सालों से चुप्पी साधने वाले और भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था पर कई बार सवाल उठाने वाले ब्रिटिश-अमेरिकी एंकर मेहदी हसन को भी यूके की गृहमंत्री की खरी बात चुभ गई और उन्होंने सुएला ब्रेवरमैन को एक खतरनाक नेता तक कह डाला। उन्होंने अपने ट्वीट में कहा, कि "भारी प्रतिस्पर्धा के बावजूद, और अपनी खुद की जातीयता के बावजूद, सुएला ब्रेवरमैन कई दशकों में आधुनिक यूके कंजर्वेटिव पार्टी से उभरने वाली सबसे कट्टर, निंदक और खतरनाक राजनीतिज्ञ हैं। यह नीच और बेईमानी की बात है।" वहीं, ब्रिटेन के पूर्व प्रॉसीक्यूटर नज़ीर अफ़ज़ल ने भी इस बयान के लिए सुएला पर निशाना साधा और उन्होंने ज्यादातर अपराधों के लिए गोरे लोगों को ही जिम्मेदार ठहरा दिया।

गोरी लड़कियों से रेप, देते हैं ड्रग्स

यूके की गृहमंत्री ने कहा है, कि "हमने देखा है, कि कमजोर, गोरी और अंग्रेजी लड़कियों को, जो कभी कभी चुनौतीपूर्ण स्थिति में होती हैं, उनका गिरोह बनाकर पीछा किया जाता है और गिरोह बनाने वाले लोगों में ब्रिटिश पाकिस्तानी होते हैं और ये गोरी लड़कियों से बलात्कार करते हैं, उन्हें नुकसान पहुंचाते हैं। उन्हें ड्रग्स देते हैं और इनमें वो लोग शामिल होते हैं, जो ऐसे अपराधों को बार बार अंजाम देते हैं और ये सभी ब्रिटिश पाकिस्तानी होते हैं।" यूके की गृहमंत्री ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए कहा है, कि "यूके की पुलिस ज्यादातर समय नस्लीय होने के आरोप के डर से, किसी धर्म के खिलाफ कहे जाने के डर से, राजनीति के डर से, ऐसे घटनाओं पर कार्रवाई करने से मुंह मोड़ लेती है। ऐसे आरोपियों में सामाजिक कार्यकर्ता और शिक्षक भी शामिल होते हैं, और ये पाकिस्तानी मूल के होते हैं।" सुएला ब्रेवरमैन ने इंटरव्यू के दौरान सीधे तौर पर पाकिस्तानी मूल के ब्रिटिश नागरिकों को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया है औऱ कहा है, कि "ब्रिटिश पाकिस्तानी, यूके के मूल्यों से बिल्कुल अलग अपने सांस्कृतिक मूल्य रखते हैं।" उन्होंने कहा, कि "कार्रवाई नहीं होने की वजह से हजारों ब्रिटिश बच्चों का जीवन बर्बाद हो चुका है।"

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