कोरोना वायरस की वैक्सीन आने से पहले ही अमीर देशों ने एडवांस में की है कई गुना बुकिंग
नई दिल्ली। कोरोना वायरस की दर्जनों वैक्सीन इस समय तैयार हो रही हैं और कई वैक्सीन एडवांस क्लीनिकल ट्रायल स्टेज पर है। कई अमीर देश भी कोरोना वैक्सीन को बनाने की रेस में सबसे आगे हैं और माना जा रहा है कि इस वर्ष के अंत तक कोरोना की वैक्सीन बाजार में आ सकती हैं। कई गरीब देश चाहते हैं कि अगले वर्ष वह अपनी 20 फीसदी आबादी को कोरोना की वैक्सीन दिलाना चाहते हैं जबकि अमीर देश अपने नागरिकों की कुल संख्या से कहीं अधिक कोरोना की वैक्सीन रिजर्व कर रखी है।

कोरोना की वैक्सीन तैयार होने से पहले ही अमीर देशों ने अपनी कुल आबादी से कहीं अधिक ऑर्डर पहले ही रिजर्व कर रखे हैं। दरअसल बाजार में कई वैक्सीन तैयार हो रही हैं और अभी इस बात की गारंटी नहीं है कि कौन सी वैक्सीन सबसे ज्यादा सफल होगी लिहाजा इन देशों ने बाजार में आने वाली कई वैक्सीन के ऑर्डर दे रखे हैं। अगर इन देशों ने जिन वैक्सीन के पहले से ऑर्डर बुक किए हैं उसकी बात करें तो यूरोपियन यूनियन ने अपनी कुल आबादी से दो गुना वैक्सीन के ऑर्डर पहले से बुक कर रखे हैं। वहीं ब्रिटेन व युनाइटेड स्टेट्स ने अपनी कुल आबादी का चार गुना वैक्सीन बुक कर रखे हैं। जबकि कनाडा ने अपनी कुल आबादी का छह गुना वैक्सीन पहले से बुक कर रखी है।
न्यूयॉर्क टाइम्स के विश्लेषण के अनुसार वैक्सीन के ये आंकड़े ड्यूक यूनिवर्सिटी, यूनिसेफ एंड एयरफिनिटी ने इकट्ठा किए हैं। ड्यूक रिसर्चर एंड्रिया टेलर ने कहा कि हाई इन्कम वाले देशों ने सबसे ज्यादा कोरोना वैक्सीन के ऑर्डर बुक किए हैं। यूएस ने कोरोना की वैक्सीन की रिसर्च, विकास और उत्पादन में करोड़ो डॉलर खर्च किए हैं। यह मदद इस शर्त पर आई है कि अमेरिका को कोरोना की वैक्सीन सबसे पहले मिलेगी। अमेरिका ने फाइजर से 100 मिलियन डोज का पहले से ऑर्डर बुक किया है जबकि 500 मिलियन और ऑर्डर बुक करने का विकल्प खुला रखा है, मॉडर्ना से 200 मिलियन डोज के प्री ऑर्डर बुक किए हैं, इसके अतिरिक्त बाद में 300 मिलियन के अतिरिक्त डोज बुक किए गए हैं। अमेरिका 810 मिलियन डोज आस्ट्रा जेनेका, जॉनसन एंड जॉनसन, नोवावैक्स, सनोफी से आर्डर बुक किए हैं जोकि बढ़कर 1.5 बिलियन तक पहुंच सकती है।












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