कनाडा में रिपब्लिक प्लस टीवी के मालिक और ISI एजेंट तारिक कियानी पर हमला, निज्जर हत्याकांड में आया है नाम
Tariq Kiani: न्यूज 18 ने शीर्ष खुफिया सूत्रों के हवाले से रिपोर्ट दी है, कि कनाडा में पाकिस्तान की इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के कथित एजेंट तारिक कियानी, जो रिपब्लिक प्लस टीवी का मालिक हैं, उसके कनाडा स्थित सरे में उसकी दुकान पर हमला किया गया, जहां वो अपना प्रिंटिंग का कारोबार चलाता है।
रिपोर्ट के मुताबिक, हालांकि हमले के पीछे का कारण अभी तक पता नहीं चल पाया है, लेकिन इससे हमले में उसकी संपत्ति को काफी नुकसान पहुंचा है। कियानी और उसके सहयोगी और आईएसआई एजेंट राहत राव, वांटेड खालिस्तानी आतंकवादी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या के सिलसिले में रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस (आरसीएमपी) की जांच के दायरे में हैं।

हाल ही में राहत राव पर एक रासायनिक पदार्थ फेंका गया था। सूत्रों ने बताया, कि कियानी को पाकिस्तान के स्वतंत्रता दिवस समारोह में पाकिस्तान के महावाणिज्य दूतावास के साथ भी देखा गया था।
खालिस्तानी आतंकवादी निज्जर की 18 जून 2023 को कनाडा के सरे में एक गुरुद्वारे के बाहर अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी थी। वह प्रतिबंधित खालिस्तान टाइगर फोर्स (केटीएफ) का प्रमुख था और उसे भारत सरकार ने 2020 में गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (यूएपीए) के तहत आतंकवादी घोषित किया था। इंटरपोल ने भी उसके खिलाफ कई बार रेड कॉर्नर नोटिस जारी किया था। पहली बार 2016 में उसके खिलाफ नोटिस जारी किया गया था।
ISI ने निज्जर को मरवाया?
न्यूज-18 ने सूत्रों के हवाले से कहा है, "माना जाता है, कि राहत राव और कियानी कनाडा में इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के दो प्लांट हैं। वे भारत से आने वाले आतंकवादियों को भी संभाल रहे हैं, और जो वांटेड लिस्ट में हैं, उन्हें मैनेज करते हैं। और ऐसी आशंका है, कि इन दोनों को ही निज्जर की हत्या का काम सौंपा गया हो सकता है।"
सूत्रों ने कहा, कि "निज्जर समय के साथ शक्तिशाली होता जा रहा था और स्थानीय कनाडाई समुदाय में लोकप्रियता हासिल कर रहा था। इसका मकसद व्यापार से जुड़ा हो सकता है, ताकि ड्रग के कारोबार को राहत राव और कियानी सीधे कंट्रोल कर सके।"
सूत्रों ने कहा, "राहत राव, कियानी और एक अन्य खालिस्तानी आतंकवादी गुरपतवंत सिंह पन्नून संभवतः वे लोग हैं, जिन्होंने ड्रग और इमिग्रेशन के कारोबार को नियंत्रित करने के लिए हत्या का आदेश दिया होगा, जो उनके लिए इनकम का मुख्य स्रोत है।" सूत्रों ने यह भी कहा, कि निज्जर से निकटता किसी भी अज्ञात व्यक्ति के लिए असंभव थी, क्योंकि वह बहुत सतर्क था। आईएसआई के कई पूर्व अधिकारी इस क्षेत्र में रहते हैं, जिनमें मेजर जनरल से लेकर हवलदार तक शामिल हैं, जो इस हत्याकांड में ISI को संदिग्ध बनाता है।
निज्जर की पाकिस्तान स्थित नेताओं जैसे कि वाधवा सिंह नीता से नजदीकी और लगाव भी आईएसआई के लिए एक समस्या थी। सूत्रों के मुताबिक, "पंजाब में कार्रवाई और नेताओं की हत्या के बीच, व्यापार को फिर से संगठित करने की योजना थी। इसलिए निज्जर को पहला लक्ष्य बनाया गया।"
कौन है राहत राव?
राहत राव का सरे के सेंट्रल इलाके में फॉरेक्स का कारोबार है। सूत्रों के मुताबिक, एक व्यक्ति मनी एक्सचेंज के काम से राव के दफ्तर में आया था और उसे आग लगाकर भाग गया। राव कनाडाई-पाकिस्तानी समुदाय से ताल्लुक रखता है। वह हवाला का कारोबार भी करता है और उसने कनाडा के पीएम जस्टिन ट्रूडो के लिए शांतिपूर्ण रैली का आयोजन किया था, जिसमें बहुत कम लोग शामिल हुए थे।
सीएनएन-न्यूज18 ने पहले अपनी एक रिपोर्ट में दावा किया था, कि राहत राव से निज्जर हत्याकांड के सिलसिले में पूछताछ की गई थी। सूत्रों के मुताबिक, दो अलग-अलग समूहों के बीच तनाव के कारण उस पर हमला किया गया। सूत्रों ने कहा कि आरसीएमपी अभी शांत है, लेकिन जल्द ही बयान जारी करेगी।












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