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41 साल जंगल में रहने वाले असली टार्जन की मौत, औरतें क्या होती हैं, नहीं था पता, इस लत ने छीनी जिंदगी

41 साल तक लैंग ने जंगल में जिंदगी गुजारी थी और उन्हें नहीं पता था कि जंगल के बाहर एक दुनिया भी है, जहां उसके जैसे इंसान रहते हैं। उन्होंने महिलाओं का नाम तक नहीं सुना था।

हनोई, सितंबर 14: पिछले 41 साल से दुनिया का असली टार्जन सभ्य दुनिया में लौटने के सिर्फ 8 सालों बाद ही दुनिया से चला गया। 41 सालों तक सुनसान जंगल में जानवरों के बीच जिंदगी गुजारने वाला असली टार्जन जिंदा रहा, लेकिन 'सभ्य दुनिया' में लौटने के आठ साल बाद ही 52 साल की उम्र में उसकी लीवर कैंसर से मौत हो गई। जंगलों में रहने वाला टार्जन दुनिया में आकर कैसे बदल गया था, सुनेंगे तो हैरान रह जाएंगे।

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    Real Life Tarzen : 41 साल जंगल में रहा Tarzen, इंसानों के बीच 8 साल में हो गई मौत | वनइंडिया हिंदी
    41 साल जंगलों में रहा टार्जन

    41 साल जंगलों में रहा टार्जन

    वियतनाम का रहने वाला हो वैन लैंग ने अपने पिता के साथ जंगल में 41 साल जीवित रहने के बाद पिछले सोमवार को बीमारी के कारण दम तोड़ दिया। हो वैन लैंग के पिता 1972 में जंगल में उस वक्त रहने चले गये थे, जब वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिकी बमबारी में उनके आधे परिवार की मौत हो गई थी। 2013 में फिर से पिता ने अपने बेटे के साथ इंसानों के साथ संपर्क स्थापित किया। उन्हें लग रहा था कि अभी भी वियतनाम में अमेरिका युद्ध कर रहा है। लेकिन, जब उन्हें पता चला कि अमेरिका कब का वियतनाम से जा चुका है, तब वो एक बार फिर से गांव आ गये और लैंग के पिता हो वान थान ने अपने बेटे के लिए चिकित्सा सहायता मांगी थी।

    2013 में छोड़ दिया था जंगल

    2013 में छोड़ दिया था जंगल

    2013 के बाद हो वैन लैंग ने अपेक्षाकृत आधुनिक जीवन शैली जीना शुरू किया, लेकिन कुछ दोस्तों और पर्यवेक्षकों का मानना ​​है कि ते 'सभ्य' दुनिया के तनाव और खराब खाने की वजह से बीमारी की चपेट में आ गये और कैंसर जैसी घातक बीमारी का शिकार बन गये। लैंग के दोस्त अल्वारो सेरेज़ो ने कहा कि एक 'आधुनिक' जीवन जीना शायद उसके लिए घातक साबित हुआ, क्योंकि इंसानों के बीच आकर उसकी जिंदगी बदल गई थी। वो शहरी खाना खाने लगा था और उसे शराब पीने की आदत भी पड़ गई थी। जंगल में रहने के दौरान वो पूरी तरह से प्राकृतिक खाना खाता था, जिसमें कोई मिलावट नहीं होती है, लेकिन शहर की मिलावटी जीवन उसे रास नहीं आया।

    कैंसर के शिकार थे हो वैन लैंग

    कैंसर के शिकार थे हो वैन लैंग

    हो वैन लैंग के दोस्त सेरेजो ने कहा कि, 'मैं उसे जाते हुए देखकर बहुत दुखी हूं, लेकिन मेरे लिए उनका जाना भी एक मुक्ति है क्योंकि मुझे पता है कि वह पिछले कई महीनों से काफी बीमार थे और वो काफी दर्द में थे।'' हो वैन लैंग के दोस्त ने कहा कि, ''वह एक खूबसूरत इंसान थे, उन्हें भूलना नामुमकिन होगा, मैं उन्हें रोज मिस करूंगा।'' उन्होंने कहा कि, ''वो जंगल से आया था तो वो बिल्कुल अलग था, बिल्कुल शुद्ध। उसमें कोई मिलावट नहीं थी और लोगों के बीच आकर वो बदलने लगा था। मुझे उसे सभ्यता में रहते हुए देखना अच्छा नहीं लगा। मुझे हमेशा इस बात की चिंता रहती थी कि वह और उसका शरीर इतने बड़े बदलाव को बर्दाश्त नहीं कर पाएगा।'

    जंगल से भाई ने लाया गांव

    जंगल से भाई ने लाया गांव

    अधिकारियों के मुताबिक, टार्जन के नाम से मशहूर लैंग को उनके बड़े भाई हो वान त्रि ने जंगल से वापस इंसानों के बीच लौटने के लिए प्रोत्साहित किया था। 2013 में टार्जन के पिता थान की तबीयत खराब होनी शुरू हो गई थी और 2017 में अज्ञात बीमारी की वजह से उनकी भी मौत हो गई थी। वियतनाम युद्ध से पहले टार्जन के पिता लोगों के बीच साधारण जिंदगी जीते थे और 2013 में लोगों के बीच फिर से आने के बाद उनकी तबीयत खराब हो गई थी।

    बिल्कुल असली टार्जन थे हो लैंग

    बिल्कुल असली टार्जन थे हो लैंग

    1972 में वियतनाम युद्ध के अंत में हो वान लांग की उनकी मां और दो भाई-बहनों की अमेरिकी हमले में मौत हो गई थी। जिसके बाद वह अपने पिता के साथ गांव छोड़कर लांग क्वांग नगई प्रांत के ताई ट्रा जिले में गहरे जंगलों में बस गए। जंगल में रहने के दौरान 40 सालों में उन्होंने सिर्फ पांच लोगों को देखा और हर बार उनसे दूर भाग गए। हो वान अपने पिता और भाई के साथ घने जंगलों में रहते थे। वे शहद, फल और जंगली जानवर खाते थे। जंगल में ही रहने के लिए उन्होंने अपने घर बना लिए थे।

    फोटोग्राफर ने किया था ट्रैक

    फोटोग्राफर ने किया था ट्रैक

    अल्वारो सेरेजो नाम के एक फोटोग्राफर ने जंगल में रहने वाले इस बाप-बेटे की जोड़ी को ट्रैक किया था और फिर लोगों को पता चला कि ये दोनों जिंदा हैं। जिसके बाद उन्हें जंगल से रेस्क्यू किया गया था। जिसके बाद उन्हें एक स्थानीय गाँव में ले जाया गया जहां महिलाएं रहती हैं। टार्डन लैंग पहली बार औरतों को देखकर पूरी तरह से चौंक गये थे, क्योंकि उन्होंने अपनी जिंदगी में ना ही कभी औरतों के बारे में सुना था और ना ही उन्हें देखा था। जब उन्हें पहली बार जंगल में देखा गया था तब उन्हें पता भी नहीं था कि दुनिया में इंसानों की एक प्रजाति भी होती है। उन्हें सिर्फ अपने आसपास जानवर ही देखे थे।

    चूहे खाना था काफी पसंद

    चूहे खाना था काफी पसंद

    लैंग के भाई ने कहा कि, वह कुछ नहीं जानता था। ज्यादातर लोग जानते हैं कि जीवन में क्या अच्छा है या क्या बुरा, लेकिन मेरा भाई इन सब बातों को नहीं जानता था। अगर मैंने लैंग को किसी को चाकू मारने के लिए कहा, तो वह बिना सोचे समझे ऐसा कर देगा और वह व्यक्ति मर सकता है। लैंग से जब पूछा गया था कि महिला क्या होती है, तो उसने जवाब दिया कि उसके पिता ने इस बारे में उसे कुछ नहीं बताया है। और गांव में उसने पहली बार महिला को देखा था। 40 सालों तक जंगल और जानवरों के बीच रहने की वजह से उनकी आदतें और रहन-सहन का तरीका इंसानों से हटकर जानवरों जैसा हो गया है। वे जंगल में बन्दर, छिपकली, सांप और दूसरे जानवर खाते थे। हो वान को सबसे ज्यादा चूहे का सिर खाना पसंद था। आठ साल के बाद भी हो वान को काफी कम बोलना आता था और वो इशारों में ही ज्यादा बातें करते थे।

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