• search
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

Special Report: QUAD डिप्लोमेसी से भारत को चीन पर रणनीतिक बढ़त मिलेगी?

|

नई दिल्ली: अमेरिका, भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया...चार देशों ने एक साथ मिलकर क्वाड का निर्माण 2007 में किया था और एशिया महाद्वीप में चीनी प्रभाव को कम करने के लिए आज क्वाड देशों की बैठक होने वाली है। लेकिन, भारत के लिहाज से क्वाड की ये बैठक कितना महत्वपूर्ण है और भारत को आज की बैठक से क्या हासिल करना चाहिए, ये सवाल काफी महत्वपूर्ण है। हालांकि, क्वाड की बैठक से पहले अमेरिका ने साफ किया है कि इसमें सिर्फ चीन को घेरने की दिशा में ही बात नहीं होगी बल्कि जलवायु परिवर्तन और आर्थिक क्षेत्र में भी बातचीत होगी। लेकिन, सवाल ये है कि क्वाड से भारत को क्या फायदा होने वाला है और दूसरा सवाल ये है कि क्या अमेरिका क्वाड के जरिए फायदा उठाने वाला इकलौता देश तो नहीं होगा?

क्वाड और भारत की भूमिका

क्वाड और भारत की भूमिका

दक्षिण एशिया का सबसे बड़ा बाजार होने के साथ साथ भारत पिछले कुछ सालों में स्वास्थ्य, रक्षा, टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में बड़ी शक्ति बनकर उभरा है। और अमेरिका क्वाड की संभावनाओं को रक्षा सहयोग के अलावा आर्थिक और जलवायु परिवर्तन को लेकर भी देखता है। पिछले साल अमेरिका ने कोविड-19 महामारी से निपटने के लिए क्वाड प्लस संवाद का आयोजन किया था। जिसमें ब्राजील, इजरायल, न्यूजीलैंड, साउथ कोरिया और वियतनाम को भी शामिल किया गया था और क्वाड प्लस वाले सभी देश भारत के भी दोस्त हैं, लिहाजा भारत के लिए क्वाड प्लस भी काफी महत्वपूर्ण रहा है। भारत ने इस साल कोविड वैक्सीन क्वाड प्लस देशों को मुहैया करवाई है।

भारत और ब्रिटेन के साथ दुनिया के 10 लोकतांत्रिक देश चीन पर निर्भरता खत्म करने या कम करने को लेकर एक गठबंधन बनाने पर विचार कर रहा है जिसका मकसद एक सुरक्षित 5G नेटवर्क का भी निर्माण करना है। इसके साथ ही चीन पर निर्भरता कम करने के लिए भारत, जापान और ऑस्ट्रेलिया के साथ मिलकर मजबूत आपूर्ति श्रृंखला को विकसित करने पर काम कर रहा है। लिहाजा, भारत के लिए क्वाड बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है।

भारत के लिए क्वाड का महत्व

भारत के लिए क्वाड का महत्व

पाकिस्तान और चीन के साथ भारत का लंबे वक्त से सीमा विवाद बना हुआ है। लिहाजा पड़ोसियों के साथ अनिश्चितता भरे संबंधों के बीच भारत हिंद महासागर में क्वाड देशों के साथ मिलकर एक नई व्यवस्था बना सकता है। इसके साथ ही वैश्विक व्यापार के लिहाज से हिंद महासागर का समुन्द्री रास्ता चीन के लिए बेहद महत्वपूर् है, लिहाजा चीन को इस क्षेत्र में आने से रोकने के लिए क्वाड का सहयोग भारत के लिए काफी ज्यादा फायदेमंद होगा। क्वाड का इस्तेमाल भारत एलएसी पर भी चीनी आक्रामकता को कम करने के लिए कर सकता है। वहीं, पिछले कुछ सालों में इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भी विश्व के कई देशों की सक्रियता बढ़ी है। वहीं, फ्रांस और जर्मनी ने हिंद-प्रशांत क्षेत्र के लिए अपनी रणनीति जारी की है। हिंद प्रशांत क्षेत्र के केन्द्र में भारत ही है। लिहाजा, भारत क्वाड के जरिए मानवीय सहायता, आपदा प्रबंधन, समुन्द्री निगरानी और इंडो पैसिफिक क्षेत्र के कमजोर देशों की सुरक्षा की जिम्मेदारी ले सकता है। अगर भारत ऐसी जिम्मेदारियां लेना स्वीकार करता है तो विश्व में भारत चीन को रोकने की दिशा में तेजी से बढ़ता माना जाएगा और आने वाले दिनों में वो देश जो चीन के डर से चुप हैं, वो भारत के पाले में भारत की बढ़ती शक्ति को देखकर आ सकते हैं।

क्वाड से चीन पर अंकुश

क्वाड से चीन पर अंकुश

क्वाड से चीन को अचानक तो नहीं लेकिन एक दीर्घकालिक प्लान बनाकर रोका जरूर जा सकता है। चीन की शक्ति को एलएसी पर नियंत्रित करने में क्वाड बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। ऐसा इसलिए कि अगर चीन एलएसी पर बदमाशी करता है तो उसके खिलाफ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में भारत मोर्चा खोल सकता है और चीन को विचलित करने के लिए इतना काफी होगा। वहीं क्वाड के जरिए भारत को चीन के साथ सिक्योरिटी, समृद्धि, क्षेत्रीय और अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर शक्ति संतुलन स्थापित करने में भी मदद मिलेगी। क्वाड की तुलना चीन एशिया का नाटो के तौर पर करता है और मानता है कि इसका गठन चीन को रोकने के उद्येश्य से किया गया है। हालांकि, क्वाड देशों ने आधिकारिक तौर पर चीन के इस आरोप को हमेशा खारिज किया है और हमेशा कहा है कि क्वाड का उदेश्य सामरिक नहीं है या फिर क्वाड किसी देश के खिलाफ नहीं है।

क्वाड से घबराया ड्रैगन!

क्वाड से घबराया ड्रैगन!

चीनी कम्यूनिस्ट पार्टी के भोंपू ग्लोबल टाइम्स ने लिखा है कि अमेरिका ने क्वाड को लेकर काफी तेज शुरूआत की है। इसी महीने अमेरिका के रक्षा मंत्री लॉयड एस्टन भारत का दौरा करने वाले हैं जहां वो भारतीय रक्षामंत्री राजनाथ सिंह से मुलाकात करेंगे, जिसके बाद अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन क्वाड यानि इंडिया, ऑस्ट्रेलिया, जापान और अमेरिका...से वीडिया कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए बात करने जा रहे हैं और क्वाड का मुख्य उद्येश्य चीन को रोकना है। यानि, ग्लोबल टाइम्स में चीन के डर का विश्लेषण जरूर किया गया है लेकिन आगे लिखा गया है कि ‘चीन मानता है की क्वाड से चीन को रोकने की कोशिश नाकाम हो जाएगा क्योंकि इसके सदस्य देशों की अपनी अलग अलग समस्याएं हैं'

ग्लोबल टाइम्स ने चीनी एक्सपर्ट के हवाले से लिखा है कि ‘क्वाड को लेकर जितनी तेजी से काम हो रहा है वो अमेरिका की बेचैनी को दिखा रहा है। वहीं, क्वाड के सभी देशों के पास अलग अलग एजेंडे हैं, जिसकी वजह से ये गठबंधन नहीं बन पाएगा। वहीं, क्वाड के हर देश के पास अलग अलग गोल्स होने की वजह से क्वाड सिर्फ एक ‘इम्पटी टॉक क्लब' बनकर रह जाएगा'

भारत को मिलेगा डिफेंस टेक्नोलॉजी

भारत को मिलेगा डिफेंस टेक्नोलॉजी

चीनी अखबार के रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत और अमेरिका डिफेंस सेक्टर में ऐतिहासिक तौर पर एक दूसरे के करीब आ रहे हैं। और भारत के डिफेंस सिस्टम और हथियारों को अत्याधुनिक करने के लिए अमेरिका भारत को डिफेंस टेक्नोलॉजी देगा। चीनी रिपोर्ट में कहा गया है कि सिर्फ चीन को काउंटर करने के लिए चीन और अमेरिका के बीच में ऐतिहासिक मिलिट्री समझौता होने जा रहा है। अमेरिका भारत को कितना महत्व दे रहा है इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अमेरिका के डिफेंस मिनिस्टर सबसे पहले भारत का दौरा कर रहे हैं। चीनी रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन को भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते सैन्य संबंध पर नजर रखनी चाहिए। चीनी रिपोर्ट में चीन की बौखलाहट साफ दिखाई दे रही है। रिपोर्ट में कहा गया है कि चीन और अमेरिका अपनी अपनी मजबूरियों के चलते करीब आ रहे हैं लेकिन दोनों अपना अपना फायदा निकालने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका जहां भारत की मदद से इंडो पैसिफिक रीजन में चीन को रोकने की कोशिश कर रहा है वहीं भारत चीन के सामने अमेरिका को दोस्त बताकर अपनी ताकत का इजहार करना चाहता है।

QUAD: चीन पर एक्शन का काउंटडाउन, शाम 7 बजे जो बाइडेन से मिलेंगे मोदी, जापान, ऑस्ट्रेलिया के पीएम होंगे साथ

देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
How much benefit is India going to gain from the Quad and how much will the Quad help in stopping China?
For Daily Alerts
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X