आतिथ्य-सत्कार के लिए पुतिन ने पीएम मोदी को फोन पर कहा शुक्रिया, नए साल की दी शुभकामनाएं
नई दिल्ली, 20 दिसंबर: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बीच सोमवार को फोन पर बात हुई है, जिसमें पुतिन ने पीएम मोदी को उनके उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल की दिल्ली यात्रा के दौरान आतिथ्य-सत्कार के लिए धन्यवाद दिया है। रूस के राष्ट्रपति इसी महीने 6 दिसंबर को छोटी सी यात्रा पर भारत आए थे। पुतिन के ऑफिस की ओर से बताया गया है कि दोनों नेताओं के बीच हुई बातचीत में मंत्री-स्तरीय बातचीत में हुए समझौतों पर अमल के लिए व्यावहारिक मसलों पर चर्चा की गई है। क्रेमलिन की ओर से कहा गया है कि इस दौरान दोनों नेताओं ने एक-दूसरे को आने वाले नए साल के लिए शुभकामनाएं भी दी हैं।

पुतिन और पीएम मोदी की फोन पर हुई बात
न्यूज एजेंसी एएनआई ने इस बातचीत के संबंध में कहा है कि '20 दिसंबर को रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ फोन पर बातचीत की है। रूसी राष्ट्रपति ने 6 दिसंबर को उच्च-स्तरीय रूसी प्रतिनिधिमंडल का नई दिल्ली यात्रा के दौरान स्वागत-सत्कार के लिए पीएम मोदी को धन्यवाद दिया है।' इसके मुताबिक 'उन्होंने बातचीत के दौरान हुए समझौतों पर अमल को लेकर व्यावहारिक पहलुओं को लेकर चर्चा की है और रूस और भारत के बीच विशेष और विशेषाधिकार प्राप्त रणनीतिक साझेदारी के संबंधों के बहुआयामी विकास के लिए आपसी इरादा भी जाहिर किया है।'
नए साल की दी शुभकामनाएं
इसमें कहा गया है कि 'उन्होंने एशिया-प्रशांत क्षेत्र की स्थिति समेत अंतरराष्ट्रीय स्थायित्व और सुरक्षा को लेकर विचारों का आदान-प्रदान जारी रखा। राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी ने आने वाले नए साल की छुट्टियों को लेकर एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं। विभिन्न क्षेत्रों में द्विपक्षीय संपर्कों को बढ़ाने को लेकर सहमति बनी।'
एके-203 असॉल्ट राइफल की डील हुई थी पक्की
भारत और रूस ने 6 दिसंबर को पीएम मोदी और पुतिन के बीच नई दिल्ली में शिखर सम्मेलन के बीच पहली 2+2 अंतर-मंत्रालय वार्ता आयोजित की थी। इसमें दोनों देशों के बीच बहुप्रतिक्षित 5,00,000 एके-203 असॉल्ट राइफल के साझा उत्पादन के लिए 5,100 करोड़ रुपये की डील पक्की की गई, जिसे उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले की इकाई में निर्माण किया जाना है।
यह सम्मेलन रूस से भारत को ए-400 एयर डिफेंस सिस्टम से जुड़ी डिलवरी के साथ हुआ था, जो अमेरिका को पूरी तरह से नापंसद रहा है। अमेरिका इसके खिलाफ पाबंदियां लगाने की धमकी तक भी देता रहा है, लेकिन भारत ने अपनी सामरिक जरूरतों को अहमियत देते हुए अमेरिकी दबाव को पूरी तरह से खारिज कर दिया है और रूस ने इसकी जमकर सराहना भी की है। रूसी राष्ट्रपति के इस छोटे से दौरे को बहुत ही सफल माना गया है।












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