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रूस ने किया नई सुरक्षा नीति का ऐलान, भारत-चीन की दोस्ती करवाएंगे पुतिन, यूएस डॉलर पर करेंगे चोट

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मॉस्को, जुलाई 04: रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के खिलाफ नया फ्रंट बनाने का ऐलान कर दिया है और रूसी राष्ट्रपति पुतिन ने बेहद चौंकाने वाला फ्रंट बनाने की कोशिश की है, जिसमें उन्होंने भारत और चीन को एक साथ रखा है। पुतिन की प्लानिंग इसलिए चौंकाने वाला है, क्योंकि भारत और चीन के बीच काफी खराब संबंध हैं, लेकिन पुतिन ने दोनों धूर विरोधियों को दोस्ती कराने का फैसला किया है।

क्या है पुतिन की प्लानिंग?

क्या है पुतिन की प्लानिंग?

दरअसल, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने रूस की नई सुरक्षा नीति को मंजूरी दे दी है। इस संबंध में एक दस्तावेज रूसी की सरकार की तरफ से शनिवार को जारी किया गया है। इसमें भारत और चीन के साथ सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया गया है। दूसरी तरफ रूस अपनी आर्थिक सुरक्षा में तेजी लाने के लिए, अंतरराष्ट्रीय लेनदेन में डॉलर के उपयोग को कम करने की बात कही गई है। रूसी विशेषज्ञों का कहना है कि व्लादिमीर पुतिन की स्ट्रेटजी भारत और चीन को करीब लाने की है, ताकि तीन बड़ी शक्ति को मिलाकर अमेरिका के वर्चस्व को खत्म किया जा सके। रूसी विशेषज्ञ व्लादिमीर पुतिन की इस नीति को भारत-चीन के साथ दोस्ती बढ़ाते हुए अमेरिका से दूरी बढ़ाने के इशारे के तौर पर देख रहे हैं।

भारत-चीन सहयोग पर नजर

भारत-चीन सहयोग पर नजर

रूस की नई सुरक्षा नीति में भारत और चीन को काफी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है और इस सुरक्षा नीति में भारत के साथ विशेष रणनीतिक सहयोग स्थापित करने पर जोर दिया गया है। साथ ही रूस ने चीन के साथ व्यापक साझेदारी और रणनीतिक सहयोग विकसित करने का लक्ष्य रखा है। रूसी समाचार एजेंसी स्पुतनिक की रिपोर्ट के मुताबिक, पुतिन की कोशिश एक ऐसी नीति को आगे बढ़ाने की है और एक ऐसी प्रक्रिया का निर्माण करना है, जो विभिन्न समूहों के अलावा एशिया-प्रशांत क्षेत्र में क्षेत्रीय स्थिरता और सुरक्षा को सुनिश्चित करे।

डॉलर पर चोट करेंगे पुतिन

डॉलर पर चोट करेंगे पुतिन

रूस की नई सुरक्षा नीति में अमेरिकी डॉलर के वर्चस्व को कम करने पर काफी ज्यादा जोर दिया गया है। दस्तावेज में अमेरिकी डॉलर को लेकर कई नियम बनाए गये हैं, जिसका अध्ययन करने पर पता चलता है कि अंतर्राष्ट्रीय लेनदेन में अमेरिकी डॉलर को कम करने के लिए रूस काफी ज्यादा आक्रामकता से काम कर रहा है। इसके जरिए आर्थिक सुरक्षा बढ़ाने की कोशिश रूस की सरकार करेगी। वहीं, घरेलू विकास और टीकों के उत्पादन को भी रूस ने अपनी नई सुरक्षा नीति में महत्वपूर्ण माना है। उत्तर अटलांटिक संधि संगठन यानि नाटो से संबंधित दस्तावेज में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि परमाणु हथियारों पर उसके कदम से रूस के सामने सैन्य खतरे बढ़ेंगे।

और आक्रामक होगा रूस

और आक्रामक होगा रूस

रूस की नई सुरक्षा नीति में कहा गया है कि, "रूस के सामने सैन्य खतरों को उत्पन्न किया जा रहा है, ताकि रूस और उसके सहयोगी देशों पर प्रेशर काफी बढ़ाया जा सके।" इसमें रूसी सीमा के पास नाटो सैन्य अभ्यास, जासूसी गतिविधियों को बढ़ाने, बड़े सैन्य समूहों के साथ अभ्यास और रूस के खिलाफ परमाणु हथियार विकसित करने जैसे दावे किए गए हैं। नई सुरक्षा नीति में कहा गया है कि रूस के अंदर और बाहर विध्वंसक ताकतें, नकारात्मक सामाजिक प्रक्रियाओं को बढ़ाने और विभिन्न समूहों के बीच दरार पैदा करने की कोशिश में हैं।

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English summary
President Putin has approved Russia's new security policy, which emphasizes on increasing cooperation between India and China and a policy on reducing the use of the dollar.
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