चीन और पाकिस्तान पर सख्ती वाले अपने 34 वादों को भूले हैं राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्र्रंप!
चुनावों से पहले किए गए 36 में से सिर्फ दो वादों को ही पूरा कर पाए नए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। ऑफिस संभालने के पहले दिन 36 बातों को पूरा करने का किया था वादा। जनता से किए थे कुल 663 वादे।
वॉशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने चुनावी अभियान में जनता से करीब 663 वादे किए थे। इन वादों में से उन्होंने 36 ऐसे वादे किए थे जिन्हें अपने ऑफिस संभालने के पहले दिन पूरा करने का वादा जनता से किया था। लेकिन राष्ट्रपति ट्रंप इन 36 में से सिर्फ दो ही वादों को पूरा कर पाए हैं। एक अमेरिकी वेबसाइट थिंकप्रोग्रेस.ओआरजी की ओर से यह दावा किया गया है।

पहले घंटे, पहले मिनट और पहले दिन के वादे
राष्ट्रपति ट्रंप ने शुक्रवार को अमेरिका के 45वें राष्ट्रपति के तौर पर शपथ ली है। ट्रंप ने ओबामा एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से ट्रांस-पैसेफिक पार्टनरशिप से अमेरिका को अलग करने और ओबामाकेयर को बंद करने का वादा पूरा कर चुके हैं। लेकिन पहले दिन के 34 चुनावी वादे अभी तक जस के तस हैं। ट्रंप ने बतौर राष्ट्रपति पहले पेपर को साइन करने, पहले घंटे और पहले मिनट को लेकर कई वादे किए थे लेकिन इनमें से किसी को भी पूरा नहीं किया। अक्टूबर 2015 में ट्रंप ने अभियान के दौरान कहा कि वह पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की ओर से बनाए गए अप्रवासी कानून को बदल देंगे। इस कानून के तहत बिना डॉक्यूमेंट्स के अप्रवासी नाबालिग अमेरिका में रह सकते हैं। अगस्त 2016 में उन्होंने कहा कि ऑफिस संभालने के पहले घंटे के अंदर ही वह 20 लाख ऐसे अप्रवासियों को अमेरिका से निकाल देंगे जिनका आपराधिक रिकॉर्ड है।
कुछ खास वादे जो ट्रंप ने तोड़े
- वह ट्रेजरी सेक्रेटरी को आदेश देंगे कि वह चीन को करेंसी ऑपरेटर का दर्जा दें।
- पहले दिन नॉर्थ अमेरिकन फ्री ट्रेड एग्रीमेंट पर समझौते की योजनाओं की घोषणाओं।
- हर नए प्रावधान से पहले उसकी जरूरत का वादा और दो प्रावधानों को खत्म करने का वादा।
- क्लाइमेट चेंज के नाम पर यूनाइटेड नेशंस को भेजे जा रहे बिलियन डॉलर्स के चेक को कैंसल करने का वादा।
- पुराने फ्यूल पर लगे बैन को हटाने का वादा।
- अमेरिकियों की कंपनियों और नौकरियों को नुकसान पहुंचाने वाले ईपीए से उन्हें बचाने का वादा।
- सरकार में मौजूद भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए नीतिगत बदलाव को लाने का वादा।
- विदेशी देशों के ऐसे लॉबिस्ट्स (यह वादा पाकिस्तान जैसे देशों पर सख्ती से जुड़ा था) जो कैंपेन के नाम पर अरबों डॉलर्स कमा रहे हैं उन्हें पूरी तरह से बैन करने का वादा।
- व्हाइट हाउस और अमेरिकी कांग्रेस के सदस्यों के लॉबिस्ट्स बनने पर पांच साल का बैन लगाने का वादा।
- पहले ही दिन पर उन अप्रवासियों को बाहर निकालने के वादा जिनका कोई रिकॉर्ड नहीं है।












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