उज्बेकिस्तान में 'दो जिगरी दोस्त' पीएम मोदी और पुतिन मिलेंगे, भारत-रूस सहयोग पर होगी चर्चा
समरकंद में एससीओ शिखर सम्मेलन के मौके पर पीएम मोदी की पुतिन और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है।
नई दिल्ली/मास्को, 14 सितंबर : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 15 और 16 सितंबर को शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ-SCO-shanghai Cooperation Organisation summit) शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए उज्बेकिस्तान में होंगे जहां वह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात करेंगे। राष्ट्रपति पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने संवाददाताओं से कहा कि दोनों नेता एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान संयुक्त राष्ट्र और जी20 में रूसी-भारतीय सहयोग पर चर्चा करेंगे।

राष्ट्रपति पुतिन और पीएम मोदी की मुलाकात
राष्ट्रपति पुतिन के सहयोगी यूरी उशाकोव ने कहा कि, पीएम मोदी और राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन दोनों अंतरराष्ट्रीय एजेंडे पर बातचीत करेंगे। दोनों नेता एशिया प्रशांत क्षेत्र की स्थिति, पक्ष रणनीतिक स्थिरता के मुद्दों और निश्चित तौर पर संयुक्त राष्ट्र, जी 20 जैसे प्रमुख बहुपक्षीय प्रारूपों के भीतर सहयोग पर चर्चा करेंगे। खबर है कि भारत SCO का नेतृत्व और G20 की अध्यक्षता भी करेगा। यूरी उशाकोव ने कहा कि, दोनों नेताओं की मुलाकात इसलिए भी ज्यादा महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत दिसंबर में संयुक्ता राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता करेगा और 2023 में एससीओ का नेतृत्व और जी 20 की अध्यक्षता भी करेगा। वहीं, खबर है कि, पीएम मोदी के रूसी राष्ट्रपति पुतिन के अलावा चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।

एससीओ शिखर सम्मेलन का व्यस्त कार्यक्रम
सूत्रों के अनुसार, समरकंद में एससीओ शिखर सम्मेलन के मौके पर पीएम मोदी की पुतिन और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। एक सूत्र ने समचार एजेंसी एएनआई को बताया कि, रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और उज्बेकिस्तान के राष्ट्रपति शौकत मिर्जियोयेव के साथ पीएम मोदी की द्विपक्षीय बैठक लगभग तय है और बैठकें समरकंद में एससीओ शिखर सम्मेलन के मौके पर ही होंगी।

शी जिनपिंग से मिलने की उम्मीद
14 सितंबर से उज्बेकिस्तान के समरकंद में शुरू होने वाले शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री की अन्य द्विपक्षीय बैठकें भी होंगी। उज्बेकिस्तान में भारतीय राजदूत मनीष प्रभात ने पहले कहा था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे और कई नेताओं के साथ द्विपक्षीय बैठक करेंगे। राजदूत प्रभात ने एएनआई को दिए एक एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में बताया, 'कोविड महामारी के कारण एससीओ सदस्य देशों के नेता दो साल बाद मिल रहे हैं। एससीओ के इतर कुछ द्विपक्षीय बैठकें होंगी। फिर भी, बैठकों के कार्यक्रम को अंतिम रूप दिया जाएगा।'

भारत 2023 में एससीओ का नेतृत्व करेगा
भारतीय राजदूत मनीष प्रभात ने बताया कि, "एससीओ में आर्थिक सहयोग एक महत्वपूर्ण प्रश्न है, जिस पर एससीओ की बैठकों में चर्चा होगी। वैसे भी जब हम मध्य एशियाई देशों के साथ बैठक कर रहे होते हैं, तो हम कनेक्टिविटी पर चर्चा करते हैं जो भारतीय और मध्य एशियाई देशों के बीच व्यापार, निवेश और अन्य आदान-प्रदान को बढ़ावा देगा। वहीं, पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और ईरानी राष्ट्रपति अब्राहिम रायसी के भी शिखर सम्मेलन में भाग लेने की उम्मीद है। उज्बेकिस्तान एससीओ 2022 का अध्यक्ष है। वहीं, भारत 2023 में एससीओ का अगला अध्यक्ष होगा। बता दें कि, भारत अगले साल दुनिया की 20 (G20) सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के नेताओं के शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा। यह घोषणा केंद्रीय विदेश मंत्रालय की ओर से मंगलवार को की गई है।












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