PM Modi US Visit: 'मानवाधिकार के मुद्दे पर मोदी को ‘ज्ञान’ नहीं देंगे बाइडेन', व्हाइट हाउस का बड़ा बयान
पीएम मोदी 3 दिन के दौरे पर अमेरिका पहुंचे हैं। अपने पहली राजकीय यात्रा के दौरान यहां पर उनका भव्य स्वागत किया गया। पीएम मोदी की इस यात्रा के दौरान भारत में मानवाधिकार रिकॉर्ड को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
इस दौरे के बीच अमेरिका के कुछ संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया है और पीएम मोदी के सामने भारत में मानवाधिकार के मुद्दे को उठाने की मांग की। वहीं, कुछ संगठनों और नेताओं ने भारतीय लोकतंत्र पर भी सवाल उठाने की कोशिश की, जिसका व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार ने दिया है।

व्हाइट हाउस के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा है कि जो बाइडेन पीएम मोदी को मानवाधिकार के मुद्दे पर लेक्चर नहीं देंगे। बुधवार को सुलिवन ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा कि जो बाइडेन पीएम मोदी के साथ बातचीत में भारत के कमजोर पड़ते लोकतांत्रिक मूल्यों को लेकर अमेरिकी चिंताओं को उठा सकते हैं लेकिन वे इस मुद्दे पर किसी तरह का लेक्चर नहीं देंगे।
सुरक्षा सलाहकार जेक सुलिवन ने कहा, 'आखिरकार, भारत में राजनीति और लोकतांत्रिक संस्थानों के सवाल को भारतीयों द्वारा ही निर्धारित किया जाएगा। अमेरिका इस पर कुछ नहीं कर सकता।'
जेक सुलिवान ने आगे कहा, 'जब अमेरिका देखता है कि प्रेस, धार्मिक या अन्य स्वतंत्रता के लिए चुनौतियों खड़ी हो रही हैं तो हम उस पर अपने विचार रखते हैं। लेकिन हम सिर्फ अपने विचार व्यक्त करते हैं, लेक्चर नहीं देते या ऐसा दिखाने की कोशिश नहीं करते कि हमारे देश में वो चुनौतियां नहीं हैं।'
इससे पहले पीएम मोदी की यात्रा का विरोध कर रहे मानवाधिकार संगठनों ने मांग की थी कि अमेरिकी प्रशासन, भारत में मानवाधिकार हनन को आपसी बातचीत में मुद्दा बनाये। प्रशासन सिर्फ आर्थिक सौदों के लिए ही भारत सरकार से बातचीत न करे, बल्कि भारत में हो रहे वंचित तबकों के मानवाधिकार हनन को लेकर सवाल उठाये।
आपको बता दें कि 2014 में प्रधानमंत्री बनने के बाद से पीएम मोदी पांच बार अमेरिका जा चुके हैं। तमाम दुष्प्रचारों के बावजूद अमेरिका समेत पूरी दुनिया में पीएम मोदी की लोकप्रियता बाकी सभी वैश्विक नेताओं के मुकाबले काफी तेजी से बढ़ी है।












Click it and Unblock the Notifications