रिश्तों के नये बंधन में बंधेंगे भारत-ऑस्ट्रेलिया, 21 मार्च को होगी पीएम मोदी- मॉरिसन की ऐतिहासिक बैठक
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मॉरिसन सोमवार को एक वर्चुअल शिखर सम्मेलन में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय बातचीत में हिस्सा लेंगे।
नई दिल्ली, मार्च 18: भारत और ऑस्ट्रेलिया पिछले कुछ सालों से द्विपक्षीय संबंधों को विस्तार देने के लिए लगातार कोशिशें कर रहे हैं और एक बाक फिर से दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक बैठक होने जा रही है, जिसमें भारतीय प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री स्कॉट मॉरिसन हिस्सा लेंगे।

भारत-ऑस्ट्रेलिया द्विपक्षीय बात
भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उनके ऑस्ट्रेलियाई समकक्ष स्कॉट मॉरिसन सोमवार को एक वर्चुअल शिखर सम्मेलन में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच द्विपक्षीय बातचीत में हिस्सा लेंगे। इस बैठक के दौरान दोनों नेताओं के बीच व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, माइग्रेशन और मोबिलिटी और शिक्षा क्षेत्र में महत्वपूर्ण बातचीत होगी। माना जा रहा है कि, दोनों देशों के बीच कई अहम घोषणाएं हो सकती हैं। शिखर सम्मेलन की घोषणा विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने गुरुवार को एक मीडिया ब्रीफिंग में की है। दोनों नेताओं के बीच का ये शिखर सम्मेलन 4 जून, 2020 को पहली बार हुए ऐतिहासिक वर्चुअल सम्मेलन का ही अगला हिस्सा है, जब भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों को 'व्यापक रणनीतिक साझेदारी' तक बढ़ाया गया था।

यूक्रेन मुद्दे पर भी होगी बातचीत
चूंकि शिखर सम्मेलन यूक्रेन में संकट के बीच हो रहा है, इसलिए दोनों प्रधानमंत्रियों के बीच वार्ता में इसे शामिल किए जाने की उम्मीद है। बागची ने कहा कि, "दोनों नेता व्यापक रणनीतिक साझेदारी के तहत विभिन्न मुद्दों पर हुए डेवलपमेंट का जायजा लेंगे।'' उन्होंने कहा कि, दोमों नेताओं के बीच इस शिखर सम्मेलन के लिए कई नये मुद्दों पर आगे की बातचीत के लिए रास्ते खुलेंगे। उन्होंने कहा, "नेताओं से उम्मीद की जाती है कि वे व्यापार, महत्वपूर्ण खनिजों, प्रवास और गतिशीलता, और शिक्षा में घनिष्ठ सहयोग के लिए प्रतिबद्ध होंगे।" प्रवक्ता ने कोई विशेष उल्लेख किए बिना कहा कि, आपसी हित के क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर भी दोनों नेताओं द्वारा विचार-विमर्श किया जाएगा। उन्होंने कहा, "शिखर सम्मेलन दोनों देशों द्वारा अपने द्विपक्षीय संबंधों के साथ-साथ क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर उनके घनिष्ठ सहयोग से जुड़े महत्व पर प्रकाश डालता है।" भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा कि, भारत-ऑस्ट्रेलिया व्यापक रणनीतिक साझेदारी ने दोनों देशों के साथ COVID-19 महामारी के बावजूद निकट सहयोग जारी रखने के साथ संबंधों को अगले लेवल पर लाया है।
भारत- ऑस्ट्रेलिया संबंधों में तेजी
पिछले कुछ वर्षों में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच संबंधों में तेजी आई है। जून 2020 में, भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रसद समर्थन के लिए सैन्य ठिकानों तक पारस्परिक पहुंच के लिए एक ऐतिहासिक समझौते पर हस्ताक्षर किए। म्युचुअल लॉजिस्टिक्स सपोर्ट एग्रीमेंट (एमएलएसए) से दोनों देशों की सेनाओं को समग्र रक्षा सहयोग को बढ़ाने के अलावा किसी भी स्थिति में दोनों देशों को एक दूसरे के प्रतिष्ठानों का इस्तेमाल करने की इजाजत मिलती है। इसके साथ ही ऑस्ट्रेलियाई नौसेना नवंबर 2020 के साथ-साथ पिछले साल भारत द्वारा आयोजित मालाबार नौसैनिक अभ्यास का हिस्सा थी। वहीं, पीएम मोदी और प्रधान मंत्री मॉरिसन ने पिछले साल सितंबर में वाशिंगटन डीसी में क्वाड लीडर्स समिट के दौरान मुलाकात की थी और नवंबर में COP26 के मंच पर ग्लासगो में संयुक्त रूप से इन्फ्रास्ट्रक्चर फॉर रेजिलिएंट आइलैंड स्टेट्स (IRIS) का शुभारंभ किया था।












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