कोरोना के नए वेरिएंट से बचाव के लिए फाइजर ने तीसरे डोज की मांगी अनुमति
नई दिल्ली, 09 जुलाई। दुनियाभर में कोरोना की वैक्सीन लोगों को लगाई जा रही है जिससे कि संक्रमण की रफ्तार को कम किया जा सक। अभी तक तकरीबन सभी वैक्सीन की दो डोज ही लोगों को लगाई जा रही है लेकिन अब फाइजर वैक्सीन की तीसरी डोज भी लोगों को लग सकती है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि कोरोना वायरस से बेहतर बचाव के लिए वैक्सीन की तीसरी डोज की भी जरूरत है। कंपनी की ओर से कहा गया है कि दक्षिण अफ्रीका में पहली बार पाया गया कोरोना का नया म्यूटेंट बीटा वेरिएंट, भारत में पाया गया डेल्टा वैरिएंट काफी खतरनाक है और फाइजर वैक्सीन की तीसरी डोज इस वेरिएंट से बचाव कर सकती है।

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फाइजर एंड बायोएनटेक ने गुरुवार को इस बात का ऐलान किया था कि वह कोरोना की तीसरी डोज लोगों को लगाने के लिए अनुमति लेंगे। शुरुआती ट्रायल के आंकड़ों में यह बात सामने आई है कि वैक्सीन की तीसरी डोज लोगों को कोरोना के अलग-अलग वेरिएंट से दो डोज की तुलना में 5-10 गुना अधिक सुरक्षा प्रदान कर सकते हैं। कंपनी की ओर से बयान जारी करके कहा गया है कि कोरोना की तीसरी डोज लोगों को बेहतर सुरक्षा प्रदान कर सकती है, लिहाजा इसके लिए हम रेग्युलेटर से अनुमति लेंगे।
दरअसल हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई थी जिसमे कहा गया था कि वैक्सीन डेल्टा वेरिएंट पर कम प्रभावी है। नेचर जर्नल में छपी स्टडी में दावा किया गया था कि फाइजर-बायोएनटे की वैक्सीन या फिर एस्ट्राजेनेका वैक्सीन डेल्टा वेरिेएंट के खिलाफ प्रभावी नहीं है। यही नहीं इजराइल की सरकार ने पिछले हफ्ते अपनी रिपोर्ट में दावा किया गया कि फाइजर वैक्सीन की क्षमता 6 महीने बाद कम हो रही है। इजराइल के स्वास्थ्य मंत्रालय की ओर से फाइजर वैक्सीन के जो आंकड़े जारी किए गए उसके अनुसार वैक्सीन ने देश के 64 फीसदी लोगो की संक्रमण से सुरक्षा की है जोकि पहले 94 फीसदी थी।












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