• search
क्विक अलर्ट के लिए
अभी सब्सक्राइव करें  
क्विक अलर्ट के लिए
नोटिफिकेशन ऑन करें  
For Daily Alerts

अफ़ग़ानिस्तान में तालिबान को निशाना बनाकर अमेरिका ने किया हवाई हमला

By BBC News हिन्दी
Google Oneindia News
अमेरिकी लड़ाकू विमान
Getty Images
अमेरिकी लड़ाकू विमान

अमेरिकी सेना ने कंधार सहित अफ़ग़ानिस्तान के कई हिस्सों में अफ़ग़ान बलों के समर्थन में तालिबान के ख़िलाफ़ हवाई हमले किए हैं.पेंटागन के प्रवक्ता जॉन किर्बी ने गुरुवार को हमलों की पुष्टि की है.उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में यह नहीं बताया कि हमले कहां से हुए या वे किस प्रकार के विमान थे.

उन्होंने कहा, "पिछले कुछ दिनों में हमने अफ़ग़ान राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा बलों के समर्थन में हवाई हमले किए हैं. लेकिन मैं इन हमलों पर और तकनीकी जानकारी नहीं दे सकता."एक अन्य अमेरिकी रक्षा अधिकारी ने किर्बी की टिप्पणी के बाद एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि संयुक्त राज्य अमेरिका ने बुधवार और गुरुवार को अफ़ग़ान बलों के समर्थन में चार से अधिक हवाई हमले किए थे.अधिकारी ने कहा कि इन हवाई हमलों में वो उपकरण और वाहन नष्ट किए गए जो तालिबान ने अफ़ग़ान सेना से छीन लिए थे.

तालिबान आख़िर हैं कौन?

तालिबान ने की निंदा

तालिबान के प्रवक्ता जबीहुल्ला मुजाहिद ने हमलों की निंदा करते हुए कहा कि इनमें कोई भी हताहत या घायल नहीं हुआ है.

उन्होंने बीबीसी से कहा, "हम संयुक्त राज्य अमेरिका की कार्रवाई को दोहा समझौते का स्पष्ट उल्लंघन मानते हैं. हम इस पर ख़ामोश नहीं रहेंगे और नतीजों के लिए अमेरिका ज़िम्मेदार होगा."

पेंटागन के एक प्रवक्ता ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद भी अमेरिका अफ़ग़ान सेना को मदद देता रहेगा.

अमेरिकी सेना अगस्त के अंत में पूरी तरह अफ़ग़ानिस्तान को छोड़ जाएगी. तालिबान के साथ हुए समझौते के तहत अमेरिकी सैन्यबलों ने मई में ही अफ़ग़ानिस्तान छोड़ना शुरू कर दिया था.

अमेरिकी सैनिकों की वापसी के बाद से ही तालिबान ने अफ़ग़ानिस्तान के कई ज़िलों और इलाक़ों पर क़ब्ज़ा करना शुरू कर दिया था.

'ताक़त के बल पर नहीं जीत रहा तालिबान'

वहीं अफ़ग़ानिस्तान की राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद में अफ़ग़ान राष्ट्रपति के सलाहकार हमदुल्ला मोहिब ने कहा कि तालिबान की हालिया जीत उसकी ताक़त के कारण नहीं थी, बल्कि कुछ राजनीतिक हलकों द्वारा अफ़ग़ान बलों के मनोबल को कमज़ोर करने के प्रचार के कारण हुई थी.

उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि अफ़ग़ानिस्तान सेना के लिए रसद आपूर्ति विदेशी बलों, ख़ासकर हवाई मार्ग से आपूर्ति पर बहुत हद तक निर्भर थी और इसी वजह से अफ़ग़ानिस्तानी सैन्यबलों को कई ज़िलों में नुकसान उठाना पड़ा.

उन्होने कहा कि सरकार अब इस क्षेत्र की सुरक्षा के लिए अपने सीमित संसाधनों का उपयोग करने की योजना पर काम कर रही है.

अमेरिकी सेना प्रमुख मार्क मिल्ली ने भी एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अफ़ग़ान बलों के लिए अमेरिकी समर्थन जारी है और तालिबान के हमलों को रोकने के लिए उन बलों को पुनर्गठित किया जा रहा है.

अमेरिकी सेना प्रमुख के मुताबिक अफ़ग़ान सुरक्षा बलों ने प्रांतीय राजधानियों और शहरों की सुरक्षा के लिए कुछ ज़िलों को गंवा दिया है.

तालिबान ने महिलाओं के काम करने को लेकर अपनी राय दी

तेज़ी से आगे बढ़ रहा है तालिबान

अमेरिकी सैनिकों के अफ़ग़ानिस्तान छोड़ने का दिन जैसे-जैसे नज़दीक आ रहा है, तालिबान अफ़ग़ानिस्तान के बड़े हिस्से पर नियंत्रण करता जा रहा है.

कई इलाक़ों में तालिबान ने बिना किसी ख़ास विरोध के कब्ज़ा कर लिया है.

अफ़ग़ानिस्तानी सैन्यबलों ने प्रांतीय राजधानियों और राजधानी काबुल को सुरक्षित किया है.

कंधार और कई दसरे शहरों में लड़ाई चल रही है.

वहीं दूसरी तरफ़ तालिबान अफ़ग़ानिस्तान सरकार के साथ दोहा में शांति वार्ता भी कर रहा है.

अफ़ग़ानिस्तान में आगे क्या होगा ये बहुत हद तक शांति वार्ता पर निर्भर करेगा.

विश्लेषकों का मानना है कि यदि समझौता नहीं हुआ तो अफ़ग़ानिस्तान फिर से लंबे गृहयुद्ध में घिर सकता है.

ये भी पढ़ें:-

"तालिबान ने अगर शहर पर कब्ज़ा जमा लिया तो मार डालेगा"

तालिबान और ईरान के रिश्ते इतने उलझे हुए क्यों हैं?

(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप यहां क्लिक कर सकते हैं. आप हमें फ़ेसबुक, ट्विटर, इंस्टाग्राम और यूट्यूब पर फ़ॉलो भी कर सकते हैं.)

BBC Hindi
देश-दुनिया की ताज़ा ख़बरों से अपडेट रहने के लिए Oneindia Hindi के फेसबुक पेज को लाइक करें
English summary
pentagon says us launched recent air strikes in afghanistan repel taliban offensive
तुरंत पाएं न्यूज अपडेट
Enable
x
Notification Settings X
Time Settings
Done
Clear Notification X
Do you want to clear all the notifications from your inbox?
Settings X
X