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शांत देश ग्रीस में कब्रिस्तान पर हंगामा, पाकिस्तान और अफगानिस्तान के मुसलमानों ने निकाली रैली

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एथेंस, मई 07: पाकिस्तान और अफगानिस्तान, दोनों मुस्लिम देश हैं और इन दोनों देशों में अल्पसंख्यकों को कोई अधिकार नहीं है। पाकिस्तान के संविधान में लिखा है, कि कोई भी अल्पसंख्यक ना तो देश का प्रधानमंत्री बन सकता है और नाही राष्ट्रपति और ना ही सेनाध्यक्ष। अफगानिस्तान में तो अल्पसंख्यक अब ईद के चांद की तरह ही बचे हैं, लेकिन दूसरे देशों में नौकरी करने गये या फिर शरण लेने गये अफगानिस्तान और पाकिस्तान के मुस्लिम उन देशों में अपनी मर्जी के मुताबिक सरकार चाहते हैं और अपने ढंग की व्यवस्था चाहते हैं।

ग्रीस में कब्रस्तान की डिमांड

ग्रीस में कब्रस्तान की डिमांड

पाकिस्तान में ईसाइयों की क्या दुर्दशा है और उनके साथ किस हद कर दुर्वव्यवहार किया जाता है, ये पूरी दुनिया जानी है, लेकिन एथेंस में रहने वाले पाकिस्तानी और अफगानी समुदायों ने एथेंस में मुसलमानों के लिए एक अलग कब्रिस्तान बनाने की मांग की है। ग्रीस सिटी टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के मुसलमानों ने बकायदा एक ग्रुप बनाकर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस की है और प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए मुस्लिमों के लिए एक अलग कब्रिस्तान बनाने की मांग की गई है। इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीरिया-प्रोग्रेसिव एलायंस के सांसदों ने भी भाग लिया था। इसके साथ ही मूवमेंट यूनाइटेड अगेंस्ट रेसिज्म एंड द फासिस्ट थ्रेट (KEERFA) के सदस्य भी इसमें शामिल थे। (तस्वीर सौजन्य- ग्रीक टाइम्स)

शरणार्थी बनकर गये थे ग्रीस

दरअसल, मुसलमानों के लिए अलग से कब्रिस्तान बनाने की मांग उस वक्त की गई है, जब पिछले साल अफगान शरणार्थी फगिरी परिवार की पांच साल के एक बच्चे का सड़क हादसे में निधन हो गया था और उसे एथेंस के दक्षिण-पश्चिम में शिस्टोस शहर में कब्रिस्तान में दफनाया गया था। ग्रीक सिटी टाइम्स के मुताबिक, बच्चे के निधन के बाद शरणार्थी बनकर ग्रीस गये अफगान मां-बाप ने अपने बच्चे को दफनाने के लिए अलग से कब्रिस्तान बनाने की मांग करनी शुरू कर दी और फिर पाकिस्तान और अफगानिस्तान के सैकड़ों लोग उस परिवार की मांग का समर्थन करने के लिए इकट्ठे हो गये और उन्होंने एटिका में एक मुस्लिम कब्रिस्तान के निर्माण की मांग करनी शुरू कर दी। रिपोर्ट के मुताबिक, अलग कब्रिस्तान बनाने की मांग अब ग्रीस में काफी जोर पकड़ने लगी है।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा गया?

प्रेस कॉन्फ्रेंस में क्या कहा गया?

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लोगों के अलावा फागिरी परिवार के वकील निकोस पापडाटोस थी शामिल थे और उन्होंने कहा कि, ग्रीस का चर्च मुस्लिम कब्रिस्तान स्थापित करने के लिए तैयार हो गया है, लेकिन उनकी मांग ग्रीस सरकार की लापरवाही और राजनीतिक फैसले लेने में देरी की वजह से टल रहा है। वकील ने कहा कि, नौकरशाही लेटलतीफी की वजह से मुस्लिमों के लिए अलग से कब्रिस्तान का निर्माण नहीं किया जा रहा है।

ग्रीस में लोगों ने उठाए सवाल

ग्रीस में लोगों ने उठाए सवाल

वहीं, अफगान और पाकिस्तान के लोगों की अलग कब्रिस्तान की मांग का ग्रीस के लोगों ने विरोध किया है और पूछा है, कि भला उनके देशों में अल्पसंख्यकों के पास क्या अधिकार हैं? ग्रीस टाइम्स ने इसके अलावा पाकिस्तान में ईसाइयों के साथ होंने वाली हिंसा को लेकर भी रिपोर्ट छापी है, जिसमें पाकिस्तान के पंजाब प्रांत के शेखूपुरा शहर में 14 हथियारबंद लोगों ने एक ईसाई स्कूल पर हमला किया था, इसका जिक्र किया गया है। ग्रीक सिटी टाइम्स ने लिखा है कि, इन 14 हथियारबंद लोगों ने ने स्कूल के प्रिंसिपल से रंगदारी की मांग की और स्कूल के अधिकारियों को जान से मारने की धमकी भी दी थी। जिसको लेकर स्कूल के प्रिंसिपल ने कहा कि, 'हमारे कई धार्मिक और राजनीतिक नेता, दूसरे देशों का दौरा करते हुए, कहते हैं कि पाकिस्तान में अल्पसंख्यक और ईसाई सुरक्षित हैं। आज हमारे साथ जो हुआ, उसके बाद मैं ऐसा कभी नहीं कहूंगा। हमारा सुरक्षा गार्ड अब चल भी नहीं सकता। हमारे समुदाय को चुप रहने की धमकी दी जाती है'।

पाकिस्तान में ईसाइयों से अत्याचार

पाकिस्तान में ईसाइयों से अत्याचार

ग्रीक सिटी टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, पाकिस्तान की आबादी का 1.6 प्रतिशत ईसाई समुदाय धार्मिक असंवेदनशीलता और नस्लवाद से पीड़ित है। वे अन्य दुर्व्यवहारों के साथ लक्षित हिंसा का सामना करना जारी रखते हैं जिसमें ग्रामीण क्षेत्रों में भूमि की जब्ती, अपहरण और जबरन धर्मांतरण शामिल हैं। पिछले दिनों ही पाकिस्तान के सिंध प्रांत में ईसाई नर्सों के साथ बुरी तरह से मारपीट की गई थी और उनके खिलाफ ईशनिंदा के आरोप में मुकदमे दर्ज किए गये थे।

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English summary
Muslims from Afghanistan and Pakistan, who went to Athens for refugees and jobs, have taken out a rally demanding a separate cemetery.
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