जून में डिफॉल्ट हो जाएगा पाकिस्तान, एक्सपर्ट्स ने चेताया, भारत से दोस्ती करने में ही भलाई, मानेंगे शहबाज?

पाकिस्तान में आटा 300 रुपये किलो, आलू 150 रुपये किलो, प्याज 200 रुपये किलो और चिकन की कीमत 900 रुपये किलो से ज्यादा है। महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी है।

India-Pakistan Trade

India-Pakistan Trade: पाकिस्तान अब डिफॉल्ट होने से बस तीन महीने दूर है, क्योंकि पाकिस्तान को अगले तीन महीनों में 3 अरब डॉलर का विदेशी कर्ज चुकाना है, और वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए ये नामुमकिन सरीखा लगता है। पाकिस्तान के विदेशी मुद्रा भंडार में 10 मार्च 2023 तक 4.3 अरब डॉलर बचे हैं, और पाकिस्तान ने कई महीनों से विदेशी सामानों के आयात पर बैन लगा रखा है, लिहाजा देश में महंगाई ने सारे रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। हालात ये है, कि एक दिन पहले आटे के लिए भीड़े बेकाबू हो गई, जिसमें एक शख्स की मौत हो गई, जबकि दर्जनभर लोग घायल हो गये। लिहाजा, हालात को देखते हुए पाकिस्तान के एक्सपर्ट्स ने शहबाज शरीफ को चेतावनी दी है, कि अब पाकिस्तान के पास भारत से दोस्ती करने के अलावा कोई और विकल्प नहीं बचा है। डॉन न्यूज ने अपने एक आर्टिकिल में लिखा है, कि पाकिस्तान को अपनी आर्थिक बदहाली में थोड़ी शांति पाने के लिए भारत से व्यापार शुरू करना ही होगा।

India-Pakistan Trade:

एक्सपर्ट्स से शहबाज शरीफ को चेतावनी

डॉन ने अपने एक आर्टिकिल में लिखा है, कि दशकों पुराने विवाद को देखते हुए दोनों देशों के लिए अपने संबंधों को गहरा करना तो एक असंभव विकल्प हो सकता है, लेकिन वर्तमान हालातों को देखते हुए पाकिस्तान के लिए भारत से बेहतर संबंध बनाना संभव हो सकता है। डॉन ने लिखा है, कि पाकिस्तान भारत के साथ फिर से व्यापार शुरू कर सकता है, जिसे इमरान खान की सरकार ने अगस्त 2019 में कश्मीर से अनुच्छेद 370 खत्म करने के बाद रोक दिया था। डॉन ने इसके पीछे पाकिस्तान में भारत के उप-उच्चायुक्त सुरेश कुमार के पिछले शुक्रवार को लाहौर चैंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री में दिए गये उस बयान का हवाला दिया है, जिसमें उन्होंने कहा था, कि "भारत तो पाकिस्तान से बेहतर संबंध चाहता है, लेकिन पाकिस्तान की तरफ से ऐसा नहीं किया जाता है।" सुरेश कुमार ने फिर से व्यापार शुरू करने का संकेत देते हुए कहा था, कि "भारत पाकिस्तान के साथ बेहतर संबंध चाहता है, क्योंकि हम अपना भूगोल नहीं बदल सकते।" डॉन के मुताबिक, उन्होंने फिर से व्यापार संबंधों को सामान्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, कि "भारत मध्य एशियाई बाजारों तक अपनी पहुंच बढ़ा रहा है और उसके लिए रास्ता बनाकर पाकिस्तान उससे फायदा उठा सकता है।"

India-Pakistan Trade:

क्या पाकिस्तान ने दिखाए पॉजिटिव संकेत?

डॉन के मुताबिक, यह महत्वपूर्ण है कि लाहौर चैंबर ऑफ कॉमर्श ने अपने समारोह में एक भारतीय अधिकारी को आमंत्रित किया था और नई दिल्ली के प्रतिनिधि ने संबंधों को सुधारने की बात कही है। यह जहरीली बयानबाजी से अलग एक स्वागत योग्य कदम है, जो पिछले कुछ वर्षों में देखा गया है, खासकर कश्मीर में 2019 की घटनाओं के बाद से। डॉन ने शहबाज सरकार को सलाह देते हुए लिखा है, कि भारत के साथ व्यापारिक संबंध बहाल करने से भारत और पाकिस्तान के संबंध भी बेहतरी की तरफ बढ़ सकते हैं और उपमहाद्वीप में एक अच्छा माहौल बन सकता है। डॉन ने लिखा है, कि हमारे पड़ोस में भारत और अन्य राज्यों के साथ व्यापार, वास्तव में व्यापक एशियाई क्षेत्र, भू-आर्थिक समझ को दर्शाता है और ये पाकिस्तान के हित में है। डॉन ने शहबाज सरकार को चेतावनी देते हुए लिखा है, कि पाकिस्तान के प्रमुख पश्चिमी व्यापारिक भागीदारों में शामिल, अमेरिका और यूरोपीय संघ की अर्थव्यवस्था धीमी होती दिख रही है, इसलिए, यह जरूरी है कि क्षेत्रीय व्यापारिक भागीदारों के साथ वर्तमान में सुस्त संबंधों में सुधार किया जाए।

India-Pakistan Trade:

भारत से व्यापार में दिक्कतें क्या हैं?

भारत के साथ मजबूत व्यापार संबंध स्थापित करने के लिए पाकिस्तान की तरफ से पिछले 2 सालों में कई कोशिशें की गई हैं, लेकिन मजबूत इच्छाशक्ति के अभाव की वजह से ये कोशिशें अंजाम तक नहीं पहुंच पाई हैं। इसमें सबसे ज्यादा दखल पाकिस्तान की घरेलू राजनीति का पड़ा है, जो भारत को लेकर हमेशा से जहरीली रही है। सबसे दिलचस्प ये बात रही, कि पाकिस्तान के पूर्व सेनाध्यक्ष जनरल कमर बाजवा भारत से व्यापारिक संबंध सुधारने के पक्षधर थे, लेकिन इमरान खान ने घरेलू राजनीति का फायदा उठाने के लिए बाजवा के विचार को खारिज कर दिया, जिसका नतीजा पाकिस्तान को आज भुगतना पड़ रहा है, जब देश में सब्जियों की कीमत आसमान पर है और आटा, दाल समेत तमाम रोजमर्रा की सामान खरीदने के लिए आम लोगों को संघर्ष करना पड़ रहा है। फिर भी इमरान सरकार के दौरान, पूर्व सेना प्रमुख जनरल क़मर बाजवा ने कई अवसरों पर भारत के साथ संबंध सुधारने की आवश्यकता की बात की, लिहाजा यह देखा जाना बाकी है, कि मौजूदा सैन्य नेतृत्व बाजवा के इस सिद्धांत से सहमत है या भारत के संबंध में अन्य विचार हैं।

India-Pakistan Trade

Recommended Video

    India ने Pakistan को लताड़ा, UN में जमकर लगाई क्लास | वनइंडिया हिंदी

    'संबंध अनुकूल बनाने की हो कोशिश'

    पाकिस्तानी अखबार ने भारत की भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली सरकार के पाकिस्तान को लेकर नजरिए को लेकर शक जरूर जताया है, लेकिन उसने लिखा है, कि बेहतर आर्थिक संबंधों की मदद से, अधिक जटिल द्विपक्षीय विवादों को हल करने के लिए एक अनुकूल माहौल का निर्माण किया जा सकता है। डॉन ने शहबाज शरीफ की सरकार को सलाह देते हुए लिखा है, कि पाकिस्तान को अपनी भारत नीति के सभी रूपों पर आंतरिक रूप से गहन चर्चा करने की आवश्यकता है। इन चर्चाओं में सभी हितधारकों, नागरिक नेतृत्व (विपक्ष सहित), प्रतिष्ठान (सेना) और व्यापारिक निकायों को शामिल किया जाना चाहिए, ताकि बाद में अतीत की तरफ शर्मनाक यूटर्न लेने की जरूरत ना पड़े। आपको बता दें, कि पाकिस्तान सरकार पहले दो बार भारत से व्यापार शुरू करने का ऐलान कर चुकी है, लेकिन बाद में सरकारों ने यूटर्न ले लिया।

    Notifications
    Settings
    Clear Notifications
    Notifications
    Use the toggle to switch on notifications
    • Block for 8 hours
    • Block for 12 hours
    • Block for 24 hours
    • Don't block
    Gender
    Select your Gender
    • Male
    • Female
    • Others
    Age
    Select your Age Range
    • Under 18
    • 18 to 25
    • 26 to 35
    • 36 to 45
    • 45 to 55
    • 55+