पाकिस्तान में बख्तरबंद गाड़ी में चलेंगे चीनी नागरिक, आतंकियों से हारकर शहबाज का Z+ सुरक्षा देने का फैसला
Pakistan News: पाकिस्तान की शहबाज शरीफ की सरकार ने चीनी नागरिकों के बिना सैन्य सुरक्षा के घर से बाहर निकलने पर रोक लगा दी है, यानि पाकिस्तान में रहने वाले हर चीनी नागरिक अब सेना की सुरक्षा में चलेंगे।
पाकिस्तान के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बुधवार को कहा है, कि खैबर पख्तूनख्वा सरकार ने चीनी नागरिकों को प्रांत के भीतर यात्रा करने से रोक दिया है, जब तक कि उनके साथ बख्तरबंद वाहन न हों।

डॉन न्यूज से बात करते हुए, हजारा रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) ताहिर अयूब खान ने कहा, कि "चूंकि हम चीनी नागरिकों की सुरक्षा के लिए सभी संभव उपाय अपना रहे हैं, इसलिए उन्हें प्रांत में बख्तरबंद वाहनों के बिना यात्रा नहीं करने का निर्देश दिया गया है।"
आपको बता दें, कि पाकिस्तान में लगातार चीनी नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है और इस साल 26 मार्च को एक आत्मघाती हमलावर ने चीनी इंजीनियरों के एक काफिले को निशाना बनाकर हमला किया था, जिसके बाद इन उपायों की घोषणा की गई है। ये हमला, देश के उत्तर पश्चिम पाकिस्तान में एक बांध परियोजना में काम करने वाले चीनी इंजीनियरों पर किया गया था।
इस हमले में छह लोगों की जान चली गई थी। और यह घटना, एक ही सप्ताह के अंतराल में पाकिस्तान के भीतर चीनी प्रोजेक्ट पर तीसरा बड़ा हमला था। पहले के हमलों में पाकिस्तान के नौसैनिक हवाई अड्डे और बलूचिस्तान के दक्षिण-पश्चिमी प्रांत में चीनी निवेश के लिए महत्वपूर्ण एक रणनीतिक बंदरगाह को निशाना बनाया गया था, जो इस क्षेत्र में चीनी परियोजनाओं के लिए बढ़ती सुरक्षा चिंताओं को रेखांकित करता है।
दुनिया न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, बढ़ती सुरक्षा चिंताओं के बीच कई चीनी नागरिकों को सिर्फ उनके होटलों के अंदर ही मूवमेंट की इजाजत दी गई है और बाहर निकलने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। पुलिस के एक पत्र में चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारा (सीपीईसी) परियोजनाओं में शामिल चीनी नागरिकों की सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया गया है।
पाकिस्तान के गृह विभाग ने यह भी कहा है, कि बदलाव नहीं होने तक बुलेटप्रूफ वाहनों का इस्तेमाल नहीं करने वाली परियोजनाओं को बंद कर दिया जाएगा।
डॉन की रिपोर्ट के मुताबिक, जिला पुलिस अधिकारी शफीउल्लाह गंडापुर के साथ, डीआइजी ने कागन घाटी के मलकांडी क्षेत्र में सुकी किनारी परियोजना के लिए सुरक्षा व्यवस्था पर चर्चा करने के लिए सुकी किनारी और बालाकोट जलविद्युत परियोजनाओं के स्थलों का दौरा किया।
ताहिर ने कहा, कि चीनी इंजीनियरों और श्रमिकों के आवास वाली आवासीय कॉलोनियों की सीमा दीवारें कम से कम आठ फीट ऊंची होंगी और उन्हें कांटेदार तारों से अतिरिक्त रूप से मजबूत किया जाएगा। उन्होंने इस बात पर जोर दिया, कि सुरक्षाकर्मी हर कीमत पर चीनी इंजीनियरों की सुरक्षा सुनिश्चित करेंगे।
चीनी अधिकारियों पर हमले के बाद पूर्व डीआइजी मोहम्मद इजाज खान को सस्पेंड किए जाने के बाद ताहिर को इस पद की जिम्मेदारी दी गई है। आपको बता दें, कि इंजीनियरों पर हमले के बाद चीन काफी सख्त है और उसने शहबाज सरकार की नाक में दम कर दिया है, लिहाजा चीनी नागरिकों को Z+ टाइप की सुरक्षा दी गई है।












Click it and Unblock the Notifications