फील्ड या फेल्ड मार्शल? Asim Munir के प्रमोशन पर लोगों ने ली चुटकी, नामी हस्ती ने बताया- गधों का सरदार
Asim Munir Failed Martial News: भारत-पाक युद्ध विराम के बाद पाकिस्तान भले ही अंतरराष्ट्रीय मंच पर अलग-थलग पड़ा हो, लेकिन अपने 'घर' में उसने एक बड़ा कदम उठाया - पाकिस्तान के सेना प्रमुख आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल बना दिया गया। ये पद इतना दुर्लभ है कि पाकिस्तान में इससे पहले सिर्फ दो लोग इसे हासिल कर पाए - अयूब खान... और फिर पाकिस्तान को 'विकासशील से विनाशशील' बना दिया। लेकिन, मुनीर की ये ताजपोशी अब सोशल मीडिया पर फुल कॉमेडी शो बन चुकी है।
सोशल मीडिया पर लोगों ने आसिम मुनीर के प्रमोशन पर चुटकी लेने शुरू की दी है। एक नामी हस्ती पूर्व पाकिस्तानी नागरिक और वर्तमान भारतीय संगीतकार अदनान सामी ने सबसे पहले आसिम मुनीर की 'ताजपोशी' का कचरा बना दिया। अदनान ने एक हास्यास्पद वीडियो क्लिप साझा किया, जिसमें एक शख्स कहता है- मैं इंसान होते हुए भी गधों का हक दिलाऊंगा! आइए जानते हैं लोगों ने कैसे-कैसे लिए मजे?

'गधों का सरदार' - वायरल हुआ एक वीडियो
पूर्व पाकिस्तानी नागरिक और वर्तमान भारतीय संगीतकार अदनान सामी (Adnan Sami) ने अपने मजाकिया अंदाज में आसिम मुनीर की 'ताजपोशी' का ऐसा कचरा बना दिया कि ट्विटर पर हंसी का तूफान आ गया। उन्होंने एक वीडियो क्लिप शेयर की, जिसे उन्होंने बताया - 'फील्ड मार्शल आसिम मुनीर की एक्सेप्टेंस स्पीच!'
वीडियो में एक शख्स गंभीरता से बोल रहा है- 'इंसान होने के बावजूद मैं दुनियाभर के गधों के हक की हिफाजत करूंगा। इंसानों ने हमेशा आपको गलत समझा है। इंसान खुदगर्ज़ है, जरूरत के लिए आपको बाप भी बना लेता है!' यानी एक तरह से जनरल साहब को गधों का सरदार बना दिया गया - और पाकिस्तानी ट्विटर की मिट्टी पलीद शुरू!
आसिम मुनीर - एक फील्ड मार्शल और हंसी का पात्र?
20 मई को प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ की कैबिनेट ने आसिम मुनीर को 'फील्ड मार्शल' घोषित किया, वो भी इसलिए क्योंकि उन्होंने भारत के खिलाफ ऑपरेशन बुनयान-उम-मार्सूस में सेना का नेतृत्व किया था। लेकिन क्या उन्होंने जीत दिलाई? नहीं! बल्कि भारत ने ऑपरेशन सिंदूर में LOC के पार तक दबिश देकर सबक सिखाया, और मुनीर साहब बुनियादी टेंट में छिपते पाए गए थे।
ट्विटर रिएक्शन: Field Marshal? Or Failed Martial?
सोशल मीडिया पर कमेंट्स की बाढ़ आ गई- 'आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल बना दिया गया... अब बस पाकिस्तान को Stable बना दो, घोड़े तो पहले ही कम हैं।'
- 'ये वही फील्ड मार्शल है, जिनका Radar कभी भारतीय ड्रोन पकड़ ही नहीं पाया।'
- 'Congratulations! अब पाकिस्तान के पास Marshal है, बस Fuel नहीं।'
- मुर्गे की तस्वीर साझा करते हुए, जिसमें आधे पंख नुचे थे, एक शख्स ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर कहा, 'बंड मार्शल... मेरा मतलब है फील्ड मार्शल असीम मुनीर अपनी नई जिम्मेदारी संभालने के बाद।'
- 'बधाई हो पाकिस्तान! अब बड़े काम करने हैं।'
इतिहास का मजाक - 1959 के बाद अब 2025
1959 में तानाशाह अयूब खान ने खुद को फील्ड मार्शल घोषित किया था। अब 2025 में मुनीर साहब को भी यही ताज पहनाया गया है - लेकिन फर्क इतना है कि पहले फील्ड मार्शल तानाशाह थे, अब के फील्ड मार्शल ट्रोल टारगेट हैं!
अदनान सामी - पाकिस्तान के सिस्टम के सबसे बड़े आलोचक
याद दिला दें कि अदनान सामी पाकिस्तान छोड़कर 2001 में भारत आ गए थे। 2016 में उन्होंने भारतीय नागरिकता ली। पाकिस्तानी सिस्टम की लगातार आलोचना करते हैं। पहलगाम अटैक के समय भी उन्होंने कहा था - 'Pakistan is a nursery of terrorism!' अब जब आसिम मुनीर को फील्ड मार्शल बनाया गया, तो अदनान सामी ने पाकिस्तान की सेना को जानवरों की यूनियन बना डाला!
फील्ड मार्शल या 'फील्ड में हिट-विकेट'?
पाकिस्तान की राजनीति और सेना अब कॉमेडी शो से कम नहीं रही। एक तरफ देश कंगाल है, IMF से भीख जारी है, लेकिन दूसरी तरफ 'फील्ड मार्शल' बनाए जा रहे हैं। अदनान सामी के हास्य कमेंट ने मिर्च-मसाले के साथ चटनी घोलकर दुनिया को बताया कि 'कैसे पाकिस्तान एक सैन्य सर्कस बन चुका है, जहां हर जोकर को जनरल बना दिया जाता है।'
आइए अब समझते हैं पाकिस्तान के लिए गधे क्यों जरूरी?
पाकिस्तान में गधों की आबादी?
पाकिस्तान में गधे पारंपरिक रूप से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में माल ढोने के लिए उपयोग किए जाते रहे हैं। हालांकि, आधुनिक परिवहन साधनों के आगमन के साथ, इनका उपयोग कम होता जा रहा है। फिर भी, पाकिस्तान में गधों की आबादी में वृद्धि देखी गई है, जो 2024 में लगभग 5.5 मिलियन थी
गधों की पीठ पर 'पाकिस्तान-चीन' की दोस्ती!
'द टाइम्स ऑफ इंडिया' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, चीन में पारंपरिक औषधि 'ई-जियाओ" (Ejiao) के निर्माण के लिए गधे की खाल की भारी मांग है। ई-जियाओ को रक्त संचार सुधारने, त्वचा की गुणवत्ता बढ़ाने और अन्य स्वास्थ्य लाभों के लिए उपयोग किया जाता है। चीन में गधों की आबादी में गिरावट के कारण, उन्होंने पाकिस्तान से गधों की खाल और मांस का आयात शुरू किया है।
ग्वादर में गधा वधशाला की स्थापना
चीन की मांग को पूरा करने के लिए, पाकिस्तान ने ग्वादर में पहली बड़ी गधा वधशाला स्थापित की है। यह वधशाला चीन की हांगेंग ट्रेड कंपनी द्वारा संचालित की जा रही है और इसका उद्देश्य गधे के मांस, हड्डियों और खाल का निर्यात करना है।
आर्थिक और सामाजिक प्रभाव
- आर्थिक लाभ: गधे के उत्पादों के निर्यात से पाकिस्तान को विदेशी मुद्रा अर्जित करने में मदद मिल रही है, जो देश की आर्थिक स्थिति को सुधारने में सहायक हो सकता है।
- नौकरी के अवसर: गधा पालन और संबंधित उद्योगों में रोजगार के नए अवसर उत्पन्न हो रहे हैं।
- धार्मिक और सामाजिक चिंताएं: इस्लामिक मान्यताओं के अनुसार, गधे का मांस हराम है। इसलिए, गधे के मांस का निर्यात केवल चीन के लिए किया जा रहा है और स्थानीय बाजार में इसकी बिक्री प्रतिबंधित है।












Click it and Unblock the Notifications